बाढ़ के बीच फंसे ग्रामीण की बची जान, रेस्क्यू टीम ने चलाया ऑपरेशन
नदी किनारे बैल खोलने गया था ग्रामीण, अचानक बढ़ा पानी तो बीच बाढ़ में फंसा; नगर सेना और धौड़ाई पुलिस ने सुरक्षित निकाला

तारागांव में सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची संयुक्त टीम, साहस और तत्परता से ग्रामीण का किया सफल रेस्क्यू
नारायणपुर, 25 सितंबर 2026। जिले में लगातार बारिश के बीच नदी-नालों में बढ़ते जलस्तर के कारण जनजीवन प्रभावित हो रहा है। इसी बीच थाना धौड़ाई क्षेत्र के ग्राम तारागांव में बाढ़ के पानी में फंसे एक ग्रामीण की नगर सेना की बाढ़ बचाव टीम और धौड़ाई पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई कर जान बचाई। समय पर पहुंची रेस्क्यू टीम ने जोखिम उठाते हुए ग्रामीण को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
बैल खोलने गया था नदी किनारे, अचानक बढ़ा पानी
जानकारी के अनुसार ग्राम तारागांव निवासी गोपी पटेल, पिता राम पटेल, उम्र करीब 50 वर्ष, नदी किनारे बंधे अपने बैल को खोलने के लिए गए थे। इसी दौरान अचानक बाढ़ का पानी बढ़ गया और वे पानी के तेज बहाव के बीच फंस गए। स्थिति गंभीर होने पर घटना की सूचना पुलिस एवं बचाव दल को दी गई।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची टीम
सूचना मिलते ही नगर सेना की बाढ़ बचाव टीम और थाना धौड़ाई पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। टीम ने स्थिति का आकलन करने के बाद बाढ़ के बीच रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। पानी के तेज बहाव के बीच टीम ने सावधानीपूर्वक कार्रवाई करते हुए गोपी पटेल तक पहुंच बनाई और उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला।
अधिकारियों के मार्गदर्शन में चला रेस्क्यू
रेस्क्यू अभियान एसडीओपी छोटेडोंगर मनोज मंडावी एवं जिला सेनानी नगर सेना मनोहर लाल चौहान के मार्गदर्शन में तथा थाना प्रभारी धौड़ाई पीयूष कटियार के नेतृत्व में चलाया गया। टीम ने साहस और तत्परता के साथ कार्रवाई करते हुए ग्रामीण को बाढ़ के बीच से सुरक्षित निकाल लिया।
समय पर पहुंची टीम, टला बड़ा हादसा
समय पर शुरू किए गए रेस्क्यू ऑपरेशन से ग्रामीण की जान बचाई जा सकी। बाढ़ जैसी आपदा की स्थिति में त्वरित सूचना और समय पर बचाव कार्रवाई ने एक संभावित हादसे को टाल दिया।
पुलिस-नगर सेना की टीमें अलर्ट
नारायणपुर पुलिस एवं नगर सेना ने कहा कि बाढ़ और आपदा जैसी परिस्थितियों में नागरिकों की सुरक्षा के लिए बचाव दल लगातार तत्पर हैं। प्रशासन एवं पुलिस ने आमजन से अपील की है कि लगातार बारिश के दौरान नदी-नालों, तेज बहाव वाले पानी और जोखिम वाले क्षेत्रों में जाने से बचें। बाढ़ के बीच किसी भी स्थिति में स्वयं जोखिम लेकर पानी पार करने का प्रयास नहीं करें।



