सजगता और प्राथमिक उपचार से बचाई जा सकती है अनमोल जान
कृषि महाविद्यालय में आपदा प्रबंधन जागरूकता श्रृंखला, विद्यार्थियों को आपात स्थिति में त्वरित निर्णय और प्राथमिक उपचार के बताए उपाय

नारायणपुर। आपदा प्रबंधन जागरूकता श्रृंखला के अंतर्गत लिंगो मुदीयाल कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, नारायणपुर में विद्यार्थियों को आपदा एवं आपातकालीन परिस्थितियों में अपनाए जाने वाले सुरक्षा उपायों तथा प्राथमिक उपचार की महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में संकट के समय सजगता, त्वरित निर्णय क्षमता, मानवीय संवेदना और जरूरतमंदों की सहायता की भावना विकसित करना रहा।

घबराहट नहीं, धैर्य और सही निर्णय जरूरी
कार्यक्रम में अधिष्ठाता डॉ. रत्ना नशीने ने कहा कि आपदा की स्थिति में घबराहट के बजाय धैर्य, सजगता और सही समय पर लिया गया निर्णय अनमोल जीवन की रक्षा कर सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों को आपात परिस्थितियों में प्राथमिक उपचार की उपयोगी विधियों की जानकारी दी।
उन्होंने अधिक रक्तस्राव की स्थिति में घाव पर साफ कपड़े या पट्टी से लगातार दबाव देकर रक्तस्राव नियंत्रित करने का प्रयास करने तथा गंभीर स्थिति में घायल व्यक्ति को शीघ्र चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराने की जानकारी दी। वहीं जलने की स्थिति में प्रभावित स्थान को सामान्य तापमान के बहते पानी से ठंडा करने की विधि भी समझाई।
बाढ़ में रेस्क्यू टीम के साथ किया समन्वय
डॉ. नशीने ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि बाढ़ जैसी आपदा की परिस्थितियों में विद्यार्थियों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए जिला प्रशासन एवं रेस्क्यू टीम के साथ समन्वय कर राहत एवं बचाव कार्य किया गया। आपात परिस्थितियों में घायल छोटे बच्चों को तत्काल प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराने के साथ उन्हें अस्पताल तक पहुंचाने की व्यवस्था भी की गई।
संकट में संसाधनों का करें विवेकपूर्ण उपयोग
डॉ. पुष्पराज सिंह ने आपातकालीन परिस्थितियों में सजगता और तत्परता के साथ कार्य करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि संकट के समय घबराने के बजाय परिस्थितियों का आकलन कर उपलब्ध संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग करना चाहिए। जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए भी सभी को आगे आना चाहिए।
कार्यक्रम में छात्र नवीन सिंह एवं भीवेश देवांगन ने आपदा प्रबंधन एवं आपातकालीन परिस्थितियों से संबंधित अपने विचार प्रस्तुत किए।
इस अवसर पर डॉ. होमेंद्र सिवाना, सुश्री उमा साहू, सोमा बंछोर एवं डॉ. पुष्पेंद्र सिंह सहित महाविद्यालय के शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
जागरूकता का उद्देश्य
कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को यह संदेश दिया गया कि आपदा के दौरान शुरुआती कुछ मिनट महत्वपूर्ण हो सकते हैं। ऐसे समय में धैर्य बनाए रखते हुए सुरक्षित तरीके से प्राथमिक सहायता देना, तत्काल संबंधित सहायता तंत्र को सूचना देना और घायल व्यक्ति को समय पर चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराना जीवन रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।



