मिचिंगपारा-भाटपारा में ITBP का पशु चिकित्सा शिविर, 38 मवेशियों का उपचार
53वीं बटालियन की पहल से पशुपालकों को मिली राहत, मुर्गियों, बकरियों और मवेशियों को दी गई कृमिनाशक दवाएं व खनिज पूरक; ग्रामीणों को नशामुक्ति के प्रति भी किया जागरूक

नारायणपुर। अबूझमाड़ के वनांचल क्षेत्रों में ग्रामीणों और पशुपालकों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने की दिशा में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) की 53वीं बटालियन ने सराहनीय पहल की। 29 अक्टूबर 2026 को नारायणपुर क्षेत्र में कोब कोडलीयार (COB Kodliyar) के कार्यक्षेत्र अंतर्गत मिचिंगपारा और भाटपारा गांवों में निःशुल्क पशु चिकित्सा शिविर आयोजित किया गया। शिविर में कुल 38 पशुओं का उपचार कर उनके बेहतर स्वास्थ्य के लिए आवश्यक दवाएं और खनिज पूरक उपलब्ध कराए गए।
मुर्गियों से लेकर मवेशियों तक को मिला उपचार
शिविर में ग्रामीणों के कुल 38 पशुओं का स्वास्थ्य परीक्षण एवं उपचार किया गया। इनमें 16 मुर्गियां, 13 बकरियां और 9 मवेशी शामिल रहे। पशुओं को कृमिनाशक दवाएं दी गईं तथा उनकी सेहत और पोषण संबंधी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए खनिज पूरक उपलब्ध कराए गए। इस पहल से स्थानीय पशुपालकों को अपने पशुओं के स्वास्थ्य की देखभाल के लिए मदद मिली।
पशुओं के स्वास्थ्य के साथ नशामुक्ति का संदेश
शिविर के दौरान 53वीं बटालियन ITBP के मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी (CVO) डॉ. के. डी. शर्मा ने ग्रामीणों को नशामुक्ति के महत्व के बारे में जानकारी दी। उन्होंने नशे के दुष्प्रभावों और इससे दूर रहने की आवश्यकता के संबंध में जागरूक किया। कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीणों को पशुधन के बेहतर रखरखाव के साथ स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश भी दिया गया।
ग्रामीण क्षेत्रों में जनहितकारी पहल
दूरस्थ गांवों में आयोजित इस शिविर के माध्यम से ITBP ने पशु स्वास्थ्य देखभाल और सामाजिक जागरूकता को एक साथ जोड़ने का प्रयास किया। पशुओं को उपचार और जरूरी पूरक उपलब्ध कराने के साथ नशामुक्ति पर जानकारी देना ग्रामीण समुदाय के लिए उपयोगी पहल रही।



