बस्तर के मैदान में उमड़ा युवा जोश, 63 हजार खिलाड़ियों के पंजीयन ने तोड़ा उत्साह का रिकॉर्ड!
वन मंत्री केदार कश्यप ने जिला स्तरीय युवा उत्सव और विकासखंड स्तरीय बस्तर ओलंपिक का किया शुभारंभ, बोले– खेलों में हार-जीत से बड़ा है खेल भावना और अनुशासन

नौ सांस्कृतिक विधाओं और 11 खेल प्रतियोगिताओं में दिखेगी प्रतिभा; पिछले साल 48 हजार के मुकाबले इस बार 63 हजार युवाओं ने कराया पंजीयन, ग्रामीण प्रतिभाओं को मिलेगा आगे बढ़ने का मंच
नारायणपुर। बस्तर के युवाओं में खेलों का जुनून अब नए मुकाम की ओर बढ़ रहा है। कभी दूरस्थ गांवों तक सीमित रहने वाली खेल प्रतिभाएं अब बड़े मंच पर अपनी पहचान बनाने को तैयार हैं। युवाओं के इसी उत्साह और प्रतिभा को नई उड़ान देने के लिए बुधवार को नारायणपुर में बस्तर ओलंपिक-2026 और जिला स्तरीय युवा उत्सव का भव्य आगाज हुआ। शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के खेल मैदान में वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने प्रतियोगिताओं का विधिवत शुभारंभ किया। इस दौरान मैदान में खिलाड़ियों, जनप्रतिनिधियों और खेल प्रेमियों की बड़ी संख्या में मौजूदगी रही।
आयोजन का सबसे खास पहलू बस्तर ओलंपिक के प्रति युवाओं का बढ़ता आकर्षण रहा। मंत्री केदार कश्यप ने बताया कि इस वर्ष बस्तर ओलंपिक के लिए करीब 63 हजार युवाओं ने पंजीयन कराया है, जबकि पिछले वर्ष यह संख्या लगभग 48 हजार थी। यह बढ़ती भागीदारी बस्तर अंचल में खेलों के प्रति युवाओं की बदलती रुचि और बढ़ते उत्साह को दर्शाती है। वहीं, कलेक्टर नम्रता जैन ने बताया कि जिले में बस्तर ओलंपिक एवं युवा उत्सव के लिए पंजीयन पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 15 प्रतिशत अधिक हुआ है।

खेल में हार-जीत नहीं, खेल भावना महत्वपूर्ण : केदार कश्यप
शुभारंभ समारोह को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि खेल में हार और जीत दोनों का अपना महत्व है। जीतने वाले खिलाड़ियों को बधाई देना जितना जरूरी है, उतना ही आवश्यक हारने वाले खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाना भी है। खेलों से आपसी सद्भाव, सहयोग, अनुशासन और सकारात्मक प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित होती है।
उन्होंने कहा कि बस्तर ओलंपिक और युवा उत्सव युवाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का बेहतर अवसर प्रदान कर रहे हैं। युवा खेल एवं सांस्कृतिक गतिविधियों में बढ़-चढ़कर भाग लें और अपने प्रदर्शन से गांव, जिले और प्रदेश का नाम रोशन करें। उन्होंने कहा कि ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, जरूरत केवल उन्हें उचित मंच और अवसर उपलब्ध कराने की है।
नौ विधाओं में दिखेगा हुनर, 11 खेलों में होगी प्रतिस्पर्धा
जिला स्तरीय युवा उत्सव में युवाओं की रचनात्मक और सांस्कृतिक प्रतिभा को सामने लाने के लिए नौ विधाओं को शामिल किया गया है। इनमें विकसित भारत चैलेंज ट्रैक, लोक नृत्य, लोकगीत, चित्रकला, कविता लेखन, नुक्कड़ नाटक, क्रिएटिव रील चैलेंज, पारंपरिक वेशभूषा और रॉक बैंड शामिल हैं।
कलेक्टर नम्रता जैन ने बताया कि सामान्य विधाओं में सहभागिता के लिए 15 से 29 वर्ष तथा संगीतकारों के लिए 18 से 40 वर्ष आयु वर्ग निर्धारित किया गया है। उन्होंने युवाओं से अधिक से अधिक संख्या में भाग लेकर अपनी कला, रचनात्मकता और सांस्कृतिक विरासत का प्रदर्शन करने की अपील की।
वहीं, विकासखंड स्तरीय बस्तर ओलंपिक का आयोजन 4 एवं 5 नवंबर को क्रीड़ा परिसर खेल मैदान में किया जा रहा है। इसमें कुल 11 खेल विधाओं के माध्यम से खिलाड़ियों को अपनी क्षमता दिखाने का अवसर मिलेगा।
रस्साकसी से हुआ आगाज, 100 मीटर दौड़ में दिखी रफ्तार
प्रतियोगिताओं की शुरुआत भी उत्साह और उमंग के बीच हुई। स्कूली छात्राओं के बीच पारंपरिक रस्साकसी प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें प्रतिभागियों ने पूरे जोश के साथ हिस्सा लिया। इसके बाद 14 से 17 वर्ष आयु वर्ग के बालक-बालिकाओं की 100 मीटर दौड़ प्रतियोगिता का शुभारंभ हुआ। दौड़ में खिलाड़ियों ने अपनी गति, शारीरिक क्षमता और खेल कौशल का प्रदर्शन किया।
पहले दिन विभिन्न गांवों से पहुंचे खिलाड़ियों ने कबड्डी, खो-खो, दौड़, रस्साकसी, फुटबॉल और तीरंदाजी सहित विभिन्न पारंपरिक एवं आधुनिक खेलों में भाग लिया। मैदान में मौजूद दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया। प्रतियोगिताओं में ग्रामीण अंचलों की प्रतिभाएं अपनी पहचान बनाने के लिए पूरे दमखम के साथ मैदान में उतरीं।
खेल के साथ लोक संस्कृति को भी मिलेगा मंच
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ के अध्यक्ष रूपसाय सलाम ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि खेल प्रतियोगिताएं युवाओं को अपनी प्रतिभा निखारने और आगे बढ़ने का अवसर देती हैं। खिलाड़ियों को आत्मविश्वास और अनुशासन के साथ प्रतियोगिताओं में भाग लेना चाहिए।
जिला पंचायत अध्यक्ष नारायण मरकाम ने कहा कि खेल केवल जीत और हार तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनके माध्यम से अनुशासन, एकता, आपसी सहयोग और नेतृत्व क्षमता का विकास होता है। उन्होंने खिलाड़ियों से खेल भावना के साथ उत्कृष्ट प्रदर्शन करने का आह्वान किया।
बस्तर ओलंपिक और युवा उत्सव का उद्देश्य युवाओं को सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने के साथ ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में छिपी खेल प्रतिभाओं को उचित मंच उपलब्ध कराना है। इसके साथ ही क्षेत्र की समृद्ध लोक संस्कृति, पारंपरिक खेलों और सांस्कृतिक विरासत को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। आयोजन के माध्यम से युवाओं को जिला और राज्य स्तर तक आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।
जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की रही मौजूदगी
शुभारंभ समारोह में नगर पालिका अध्यक्ष इंद्रप्रसाद बघेल, जिला पंचायत उपाध्यक्ष प्रताप सिंह मंडावी, सरपंच छोटेडोंगर संध्या पवार, जनपद पंचायत अध्यक्ष पिंकी उसेंडी, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी चित्रकांत चाली ठाकुर, एसडीएम सुनील सोनपिपरे, डिप्टी कलेक्टर डी.के. कोशले, पोलेश्वर साहू, महेंद्र सिदार, जिला शिक्षा अधिकारी महेंद्र नाथ पांडेय सहित नगर पालिका के पार्षदगण, जिला एवं जनपद पंचायत सदस्य, अन्य जनप्रतिनिधि, शिक्षक-शिक्षिकाएं, छात्र-छात्राएं और बड़ी संख्या में खेल प्रेमी उपस्थित रहे।
नारायणपुर से बस्तर तक संदेश साफ है—अब ग्रामीण मैदानों की प्रतिभाएं भी बड़े खेल मंच पर अपनी पहचान बनाने को तैयार हैं।



