लोकगीत संबंधी सवाल पर सेन समाज ने जताई आपत्ति
व्यापम की लैब असिस्टेंट भर्ती परीक्षा के प्रश्नपत्र में कथित तौर पर शामिल पंक्ति को लेकर मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन, जांच की मांग

नारायणपुर। छत्तीसगढ़ व्यापम की ओर से आयोजित लैब असिस्टेंट भर्ती परीक्षा के प्रश्नपत्र में लोकगीत से जुड़ी एक पंक्ति को विकल्प के रूप में शामिल किए जाने को लेकर नारायणपुर के सेन नाई समाज ने आपत्ति जताई है। समाज के प्रतिनिधियों ने मामले की जांच और प्रश्नपत्र तैयार करने की प्रक्रिया स्पष्ट करने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री के नाम जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा।

समाज की ओर से दिए गए ज्ञापन में कहा गया है कि प्रश्नपत्र में लोकगीत चयन से संबंधित एक विकल्प में “नाउ मरगे त मुड़ कोन मुड़ही” पंक्ति का उल्लेख किया गया है। यह छत्तीसगढ़ी लोकभाषा में प्रचलित कहावत/लोकपंक्ति के रूप में भी दर्ज मिलती है।
पारंपरिक पहचान से जुड़ा विषय होने का हवाला
मीडिया से चर्चा में सर्व सेन समाज के जिला अध्यक्ष भूषण कश्यप ने कहा कि उक्त पंक्ति को लेकर समाज की भावनाएं जुड़ी हुई हैं। समाज का कहना है कि लोकगीत एवं लोक-संस्कृति से जुड़े प्रश्नों को प्रश्नपत्र में शामिल करने के आधार और प्रक्रिया को स्पष्ट किया जाना चाहिए।
प्रश्नपत्र तैयार करने की प्रक्रिया की जांच की मांग
समाज ने मुख्यमंत्री के नाम सौंपे ज्ञापन में मांग की है कि पूरे मामले की जांच कराई जाए। साथ ही यह स्पष्ट किया जाए कि लैब असिस्टेंट भर्ती परीक्षा के प्रश्नपत्र को तैयार करने तथा अंतिम रूप से स्वीकृत करने की प्रक्रिया में उक्त प्रश्न/विकल्प को किस आधार पर शामिल किया गया।
व्यापम से समीक्षा की अपेक्षा
सेन समाज ने संबंधित परीक्षा प्रश्नपत्र में शामिल लोकगीत संबंधी विकल्प की समीक्षा करने और मामले में उचित कार्रवाई की मांग की है। समाज का कहना है कि लोक-संस्कृति से जुड़े विषयों को परीक्षा में शामिल करते समय उनके संदर्भ और स्वरूप का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए।
ज्ञापन सौंपने के दौरान जिला अध्यक्ष भूषण कश्यप के साथ लक्ष्मीनारायण, ओंकार कौशिक, बालेस्वर सेन, प्रकाश सेन, अश्वनी सेन, ठाकुर राम सेन, रवि सेन, सुदर्शन राव और रौशन ठाकुर सहित समाज के अन्य सदस्य मौजूद रहे।



