पारिवारिक विवाद में फांसी लगाने जा रहा था व्यक्ति, नारायणपुर पुलिस की तत्परता से बची जान
पत्नी की सूचना पर तत्काल मौके पर पहुंची पेट्रोलिंग टीम, समय रहते बचाया; काउंसलिंग और मानसिक स्वास्थ्य सहायता के लिए जिला अस्पताल भेजा

नारायणपुर। पारिवारिक विवाद के बीच आत्मघाती कदम उठाने जा रहे 40 वर्षीय व्यक्ति की नारायणपुर पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए जान बचा ली। पत्नी से विवाद के बाद व्यक्ति फांसी लगाने का प्रयास कर रहा था। इसकी सूचना मिलते ही पुलिस टीम बिना देर किए मौके पर पहुंची और सूझबूझ से कार्रवाई करते हुए उसे बचा लिया। घटना के बाद संबंधित व्यक्ति को काउंसलिंग एवं मानसिक स्वास्थ्य सहायता उपलब्ध कराने के लिए जिला अस्पताल, नारायणपुर भेजा गया। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से एक अनमोल जीवन बचाने में सफलता मिली।
पत्नी की सूचना मिलते ही हरकत में आई पुलिस
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, घटना 17 अक्टूबर 2026 की है। नारायणपुर में सागर हार्डवेयर के पीछे रहने वाले पीताम्बर सिंह (40) का अपनी पत्नी के साथ पारिवारिक विवाद हो गया था। इसी दौरान वह फांसी लगाकर आत्महत्या करने का प्रयास कर रहा था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उसकी पत्नी ने तत्काल थाना नारायणपुर को सूचना दी।
सूचना मिलते ही थाना नारायणपुर में पदस्थ प्रधान आरक्षक नंदलाल रात्रे ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पेट्रोलिंग पार्टी को मौके पर पहुंचने के लिए सूचित किया। पुलिस टीम ने बिना विलंब किए घटनास्थल पर पहुंचकर सूझबूझ और तत्परता से हस्तक्षेप किया। समय रहते की गई कार्रवाई से व्यक्ति की जान बचाई जा सकी।
पेट्रोलिंग टीम की सक्रियता आई काम
इस कार्रवाई में प्रधान आरक्षक नंदलाल रात्रे के साथ मौके पर पहुंची पेट्रोलिंग टीम के आरक्षक सियाराम यादव, महिला आरक्षक शांति कुमेटी, चालक जस्टम टोप्पो और आरक्षक कमलेश नेताम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। टीम ने परिस्थिति की गंभीरता को समझते हुए तत्काल कदम उठाए और व्यक्ति को बचाने में सफलता हासिल की।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, ऐसे संवेदनशील मामलों में सूचना मिलने के बाद त्वरित प्रतिक्रिया और मौके पर पहुंचकर उचित कार्रवाई करना बेहद महत्वपूर्ण होता है। इस घटना में पुलिस टीम ने तत्परता, कर्तव्यनिष्ठा और संवेदनशीलता का परिचय दिया।
केवल जान बचाना ही नहीं, मानसिक स्वास्थ्य सहायता भी जरूरी
घटना के बाद संबंधित व्यक्ति की स्थिति को ध्यान में रखते हुए उसे आवश्यक काउंसलिंग और मानसिक स्वास्थ्य सहायता के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। इसका उद्देश्य उसे जरूरी परामर्श और सहयोग उपलब्ध कराना है, ताकि वह तनावपूर्ण परिस्थिति से उबरने के लिए उचित सहायता प्राप्त कर सके।
यह घटना बताती है कि पारिवारिक विवाद और मानसिक तनाव की स्थिति में समय पर हस्तक्षेप कितना महत्वपूर्ण हो सकता है। ऐसी परिस्थितियों में व्यक्ति को अकेला छोड़ने के बजाय उसकी बात सुनना, उसे भावनात्मक सहयोग देना और जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञों की सहायता लेना जरूरी है।
पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में हुई कार्रवाई
नारायणपुर पुलिस की इस कार्रवाई का नेतृत्व पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार पटेल के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ऐश्वर्या चंद्राकर के मार्गदर्शन में किया गया। एसडीओपी नारायणपुर अजय सिंह एवं थाना प्रभारी विनीत दुबे के नेतृत्व में थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की।
पुलिस टीम की सक्रियता से समय रहते स्थिति को संभाला जा सका। इस कार्रवाई ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि आपात स्थिति में पुलिस को तत्काल सूचना देना किसी की जिंदगी बचाने में निर्णायक साबित हो सकता है।
तनाव में हों तो मदद लेने से न हिचकें
नारायणपुर पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि पारिवारिक विवाद या मानसिक तनाव की स्थिति में धैर्य बनाए रखें और जरूरत पड़ने पर परिजनों, पुलिस अथवा योग्य मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सहायता लें। यदि कोई व्यक्ति स्वयं को नुकसान पहुंचाने की बात कह रहा हो या ऐसा करने का प्रयास कर रहा हो, तो उसे अकेला न छोड़ें और तत्काल पुलिस तथा चिकित्सा सहायता प्राप्त करें।
पुलिस के अनुसार, समय पर दी गई सूचना और संवेदनशील व्यवहार किसी अनमोल जीवन को बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।



