बारिश से बस्तर संभाग हाई अलर्ट पर, नारायणपुर समेत सभी जिलों में बढ़ाई निगरानी
नदी-नाले उफान पर... संवेदनशील गांवों और निचले इलाकों पर विशेष नजर; राहत-बचाव दल, स्वास्थ्य अमला और आपदा प्रबंधन तंत्र तैयार

नारायणपुर। बस्तर संभाग में पिछले दो दिनों से जारी मूसलाधार बारिश के बीच संभावित बाढ़ और आपदा की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। नारायणपुर समेत संभाग के सभी जिलों में प्रशासनिक तंत्र को अलर्ट मोड पर रखा गया है। लगातार बारिश के कारण नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने से संवेदनशील गांवों, निचले इलाकों और नदी किनारे बसे क्षेत्रों में विशेष निगरानी की जा रही है। प्रशासन ने राहत एवं बचाव दलों को आवश्यक संसाधनों के साथ तैयार रहने के निर्देश दिए हैं।

मंत्री कश्यप ने अधिकारियों से ली स्थिति की जानकारी
क्षेत्रीय विधायक एवं छत्तीसगढ़ शासन के कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप ने बस्तर संभाग के सभी जिलों के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों से दूरभाष पर चर्चा कर बारिश की स्थिति, नदी-नालों के जलस्तर, संवेदनशील क्षेत्रों तथा राहत एवं बचाव की तैयारियों की जानकारी ली।
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि संभावित बाढ़ और आपदा की परिस्थितियों को देखते हुए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पहले से सुनिश्चित रखें। किसी भी क्षेत्र में आपात स्थिति उत्पन्न होने पर बिना देरी किए राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया जाए।
नदी किनारे गांवों पर विशेष नजर
लगातार बारिश को देखते हुए नदी-नालों के किनारे बसे गांवों और निचले इलाकों में विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। बाढ़ आपदा प्रबंधन दलों को सक्रिय एवं पूरी तरह मुस्तैद रखने के साथ ही आवश्यक बचाव उपकरण, संसाधन और पर्याप्त मानवबल उपलब्ध रखने को कहा गया है।
प्रशासन का फोकस ऐसे इलाकों की पहचान पर भी है, जहां जलस्तर बढ़ने की स्थिति में आवागमन बाधित हो सकता है या ग्रामीण क्षेत्रों का संपर्क जिला मुख्यालय से कट सकता है। अधिकारियों को संवेदनशील स्थानों पर लगातार स्थिति की निगरानी करने और आवश्यकता पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी रखने को कहा गया है।
स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट, दवा-एंबुलेंस तैयार रखने के निर्देश
बारिश के दौरान संभावित स्वास्थ्य आपात स्थितियों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है। मंत्री कश्यप ने आवश्यक दवाइयों, एंबुलेंस सेवाओं, चिकित्सकीय टीमों और आपातकालीन स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित रखने के निर्देश दिए हैं।
प्रशासन की ओर से यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है कि यदि किसी बाढ़ प्रभावित या दुर्गम क्षेत्र में स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थिति सामने आती है तो प्रभावित व्यक्ति तक तत्काल चिकित्सा सहायता पहुंचाई जा सके।
उफनती नदियों और पुल-पुलियों से दूर रहने की अपील
लगातार बारिश के बीच मंत्री कश्यप ने आमजन से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि उफनती नदियों और नालों के पास जाने से बचें तथा तेज बहाव के बीच नदी-नालों या जलमग्न पुल-पुलियों को पार करने का प्रयास नहीं करें।
जलभराव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही से बचने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है। किसी भी आपात स्थिति या खतरे की जानकारी मिलने पर तत्काल स्थानीय प्रशासन को सूचना देने को कहा गया है।
हर स्थिति पर नजर, राहत दल तैयार
अधिकारियों के अनुसार बस्तर संभाग में वर्षा और नदी-नालों के जलस्तर की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। सभी संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। राहत एवं बचाव दलों को आवश्यक संसाधनों के साथ तैयार रखा गया है।
प्रशासन का जोर संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में समय रहते एहतियाती कदम उठाने, लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और किसी भी आकस्मिक स्थिति में त्वरित राहत पहुंचाने पर है।
नारायणपुर में पहले से बढ़ी सतर्कता
नारायणपुर जिले में लगातार बारिश के कारण माड़ीन नदी, बेलगर नाला समेत कई नदी-नालों में जलस्तर बढ़ा है। कई स्थानों पर मार्गों के बाधित होने और पुल-पुलियों के जलमग्न होने की स्थिति सामने आई है। ऐसे में जिला प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाते हुए राहत एवं बचाव व्यवस्था को सक्रिय रखा है।



