नारायणपुर

अबूझमाड़ में विकास की राह अब भी अधूरी!

महीनों से बंद स्वास्थ्य केंद्र, 2023 से अधूरा शौचालय… 150 घरों के गांव में आंगनबाड़ी तक नहीं

जिला पंचायत सदस्य राकेश उसेंडी ने नदी-नाले और दुर्गम पगडंडियां पार कर किया जमीनी निरीक्षण, स्कूल-आश्रम से लेकर स्वास्थ्य केंद्र तक सामने आईं मूलभूत सुविधाओं की कमियां

(संतोष मजूमदार) छोटेडोंगर, 2 अक्टूबर 2026। अबूझमाड़ के अंतिम छोर तक विकास की योजनाएं पहुंचने के दावों के बीच हांदावाड़ा-बेड़मा क्षेत्र से सामने आई जमीनी तस्वीर कई सवाल खड़े करती है। जिला पंचायत क्षेत्र क्रमांक-08 के सदस्य एवं शिक्षा-स्वास्थ्य समिति सदस्य राकेश उसेंडी ने ग्राम पंचायत हांदावाड़ा, बेड़मा और हितामपारा पहुंचकर शिक्षा एवं स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। नदी-नालों और दुर्गम रास्तों को पार कर किए गए इस निरीक्षण में स्कूल, आश्रम और स्वास्थ्य केंद्रों की व्यवस्थाओं को देखा गया। इस दौरान ग्रामीणों ने कई मूलभूत समस्याएं उनके सामने रखीं।

निरीक्षण में बालक आश्रम बेड़मा, शासकीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालय हितामपारा तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हांदावाड़ा सहित क्षेत्र की व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। सरकारी रिकॉर्ड में भी बेड़मा क्षेत्र में बालक आश्रम बेड़मा, हितामपारा प्राथमिक विद्यालय और हांदावाड़ा माध्यमिक विद्यालय दर्ज हैं।

महीनों से बंद स्वास्थ्य केंद्र, इलाज के लिए ग्रामीणों की मुश्किलें

ग्रामीणों के अनुसार हांदावाड़ा-बेड़मा क्षेत्र का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कई महीनों से बंद है। ऐसे में बीमारी या आपात स्थिति आने पर ग्रामीणों के सामने तत्काल उपचार की समस्या खड़ी हो जाती है। ग्रामीणों ने बताया कि स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध नहीं होने के कारण गंभीर बीमारी की स्थिति में उन्हें परंपरागत उपचार और स्थानीय स्तर पर उपलब्ध विकल्पों पर निर्भर रहना पड़ता है।

दुर्गम भौगोलिक स्थिति वाले इस इलाके में स्वास्थ्य केंद्र का नियमित संचालन ग्रामीणों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। ग्रामीणों ने निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य सुविधा बहाल करने की मांग रखी।

2023 से शौचालय अधूरा, बच्चों के सामने रोजमर्रा की परेशानी

निरीक्षण में माध्यमिक विद्यालय जास्म और हितामपारा में वर्ष 2023 से शौचालय निर्माण अधूरा होने की बात सामने आई। निर्माण पूरा नहीं होने के कारण विद्यार्थियों और शिक्षकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों का कहना है कि शौचालय जैसी बुनियादी सुविधा के अभाव में बच्चों को खुले स्थानों अथवा नदी-नालों की ओर जाना पड़ता है। ग्रामीणों ने निर्माण की स्वीकृत राशि, अब तक खर्च राशि और कार्य की वर्तमान स्थिति की जांच की मांग उठाई है।

सवाल यह भी—तीन साल में पूरा क्यों नहीं हुआ निर्माण?

वर्ष 2023 से लंबित बताए जा रहे निर्माण को लेकर ग्रामीणों ने जिम्मेदारी तय करने और निर्माण कार्य की वास्तविक स्थिति की जांच कराने की मांग की है। निरीक्षण के दौरान इस समस्या को प्रमुखता से सामने रखा गया।

150 घरों का गांव, फिर भी आंगनबाड़ी केंद्र नहीं

ग्राम पंचायत हांदावाड़ा-बेड़मा क्षेत्र में करीब 140 से 150 घर होने के बावजूद ग्रामीणों के अनुसार यहां आंगनबाड़ी केंद्र की सुविधा उपलब्ध नहीं है। ग्रामीणों ने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्र की मांग को लेकर कई बार आवेदन दिए गए, लेकिन अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई।

आंगनबाड़ी केंद्र नहीं होने से छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं और माताओं से जुड़ी सेवाओं की पहुंच का मुद्दा भी ग्रामीणों ने उठाया।

नदी-नाले पार कर स्कूल पहुंच रहे शिक्षक, निभा रहे जिम्मेदारी

जमीनी निरीक्षण के दौरान शिक्षा व्यवस्था की तस्वीर का दूसरा पहलू भी सामने आया। हितामपारा सहित क्षेत्र के स्कूलों में शिक्षक उपस्थित मिले। ग्रामीणों ने बताया कि कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद कई शिक्षक नदी-नालों और पगडंडी रास्तों को पार कर स्कूल पहुंचते हैं और बच्चों को पढ़ाने की जिम्मेदारी निभा रहे हैं।

जिला पंचायत सदस्य ने शिक्षकों के इस प्रयास की सराहना की, लेकिन साथ ही स्कूलों में विद्यार्थियों के लिए जरूरी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की जरूरत पर भी जोर दिया।

‘अबूझमाड़ की असली तस्वीर कागजों में नहीं, जमीन पर दिखती है’

जिला पंचायत सदस्य राकेश उसेंडी ने कहा कि बच्चों और शिक्षकों को शौचालय जैसी मूलभूत सुविधा के लिए नदी-नालों अथवा खुले स्थानों का सहारा लेना पड़े, यह चिंताजनक स्थिति है। उन्होंने कहा कि अधूरे निर्माण की जांच, जारी राशि के उपयोग की पड़ताल और शौचालय का कार्य शीघ्र पूरा कराया जाना चाहिए। स्वास्थ्य केंद्र के नियमित संचालन और आंगनबाड़ी की सुविधा की जरूरत भी प्रशासन के सामने रखी जाएगी।

उन्होंने कहा कि अबूझमाड़ की वास्तविक स्थिति कागजों में नहीं समझी जा सकती। इसके लिए मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनना जरूरी है। निरीक्षण में सामने आई शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं को शासन-प्रशासन के समक्ष प्रमुखता से रखा जाएगा, ताकि अंतिम छोर के ग्रामीणों और बच्चों तक आवश्यक सुविधाएं पहुंच सकें।

फैक्ट फाइल

  • क्षेत्र: हांदावाड़ा, बेड़मा एवं हितामपारा, अबूझमाड़
  • निरीक्षण: जिला पंचायत सदस्य राकेश उसेंडी
  • मुख्य समस्या: स्वास्थ्य केंद्र के बंद होने की ग्रामीणों की शिकायत
  • स्कूल समस्या: वर्ष 2023 से शौचालय निर्माण अधूरा होने की शिकायत
  • अन्य समस्या: करीब 140-150 घरों के क्षेत्र में आंगनबाड़ी केंद्र की मांग
  • सकारात्मक पहलू: दुर्गम रास्तों के बावजूद स्कूल पहुंच रहे शिक्षक
  • मांग: स्वास्थ्य केंद्र संचालन, अधूरे निर्माण की जांच व पूर्णता तथा आंगनबाड़ी केंद्र की सुविधा

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