तीन राज्यों तक फैला साइबर ठगी का जाल, नारायणपुर पुलिस ने खोली परतें; 6 आरोपी गिरफ्तार
कॉल फॉरवर्डिंग से लेकर परिचित बनकर फर्जी भुगतान का झांसा देने तक अपनाए ठगी के अलग-अलग तरीके; दो थाना क्षेत्रों के तीन मामलों में 13 आरोपियों की पहचान, 7 अन्य को नोटिस

नारायणपुर। मोबाइल पर आने वाला एक फोन, पैसे मिलने का फर्जी संदेश या डराने वाली कॉल… साइबर ठगी के इन तरीकों के जरिए लोगों की मेहनत की कमाई पर हाथ साफ किया जा रहा है। नारायणपुर जिले में सामने आए तीन साइबर ठगी के मामलों की जांच में ऐसे ही अलग-अलग तरीके उजागर हुए हैं। तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल नंबरों और बैंक खातों की पड़ताल के बाद पुलिस ने मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश और हरियाणा से जुड़े कुल 13 आरोपियों की पहचान की है। इनमें से 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि 7 अन्य को नोटिस जारी किए गए हैं।
₹10 हजार से ₹1 लाख तक की ठगी, तीन मामलों में सामने आए अलग-अलग तरीके
पुलिस के अनुसार, थाना छोटे डोंगर और थाना झाराघाटी क्षेत्र में दर्ज तीन प्रकरणों में ठगी के तरीके अलग-अलग थे। कहीं कॉल फॉरवर्डिंग के जरिए धोखाधड़ी की गई, तो कहीं परिचित बनकर फर्जी भुगतान का संदेश भेजा गया। एक अन्य मामले में डराकर एक लाख रुपए ठगने का आरोप है।
पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार पटेल के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अजय कुमार, एसडीओपी छोटे डोंगर मनोज मंडावी और साइबर नोडल अधिकारी डीएसपी आशीष कुमार नेताम के मार्गदर्शन में कार्रवाई की गई। थाना प्रभारी छोटे डोंगर हरिशंकर ध्रुव के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने की कार्रवाई की।
पहला मामला: कॉल फॉरवर्डिंग के जरिए ₹10 हजार की ठगी
थाना छोटे डोंगर में अपराध क्रमांक 19/2026 के तहत दर्ज मामले में कॉल फॉरवर्डिंग के माध्यम से 10 हजार रुपए की साइबर ठगी सामने आई। पुलिस ने विवेचना के आधार पर उत्तरप्रदेश के बलिया निवासी रितेश गुप्ता को गिरफ्तार किया।
दूसरा मामला: पहले भेजा ₹50 हजार का फर्जी संदेश, फिर खाते से निकल गए ₹71,606
थाना छोटे डोंगर के अपराध क्रमांक 20/2026 में ठगी का तरीका और भी चौंकाने वाला सामने आया। पुलिस के मुताबिक, एक अज्ञात व्यक्ति ने पीड़ित को फोन कर खुद को परिचित बताया और फोन-पे के माध्यम से 50 हजार रुपए भेजने की बात कही। इसके बाद मोबाइल पर 50 हजार रुपए प्राप्त होने का फर्जी संदेश भेज दिया गया।
पीड़ित ने संदेश पर भरोसा कर बताई गई राशि वापस भेज दी। इसके बाद आरोपी ने पैसे वापस मिलने का झांसा देते हुए फोन पर अलग-अलग प्रक्रियाएं पूरी करने को कहा। इसी दौरान पीड़ित के बैंक खाते से कई बार रकम कटती गई और कुल 71,606 रुपए की ठगी हो गई।
पीड़ित ने घटना के बाद साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66(सी) और 66(डी) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
मध्यप्रदेश से हरियाणा तक पहुंची जांच
साइबर सेल नारायणपुर की सहायता से मोबाइल नंबरों, बैंक खातों और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया गया। पुलिस टीम ने मध्यप्रदेश और हरियाणा में दबिश देकर इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपियों में रमेश साहू निवासी भितरवार, जिला ग्वालियर; आकाश रावत निवासी भैंसा सोनारी, थाना करैरा, जिला शिवपुरी; अजय परिहार निवासी दादूमर, थाना भितरवार, जिला ग्वालियर, जो कियोस्क सेंटर संचालक बताया गया है; और मोहम्मद अरमान खान निवासी ग्राम सिंहलेरी, थाना पुन्हाना, जिला नूंह, हरियाणा शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार, आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया के बाद मोहम्मद अरमान खान को न्यायिक रिमांड पर भेजा गया, जबकि अन्य तीन आरोपी पहले से न्यायिक अभिरक्षा में हैं।
तीसरा मामला: डराकर एक लाख रुपए ऐंठने का आरोप
थाना झाराघाटी क्षेत्र के ग्राम महीमा गवाड़ी में डराकर एक लाख रुपए की ठगी किए जाने का मामला सामने आया। पुलिस ने अपराध क्रमांक 03/2026 में कार्रवाई करते हुए मध्यप्रदेश के टीकमगढ़ जिले के निवासी राजा भैया लोधी को गिरफ्तार किया।
इस मामले में भी भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66(सी) एवं 66(डी) के तहत कार्रवाई की गई है।
छह गिरफ्तार, सात अन्य की भूमिका की जांच
नारायणपुर पुलिस के मुताबिक, पिछले दो माह में थाना छोटे डोंगर और थाना झाराघाटी के इन तीन साइबर ठगी प्रकरणों में कुल 13 आरोपियों की पहचान की गई है। इनमें से छह की गिरफ्तारी हुई है और सात अन्य को नियमानुसार नोटिस जारी किए गए हैं। मामलों में अन्य व्यक्तियों की संलिप्तता की जांच जारी है।
पुलिस की अपील: एक गलती से खाली हो सकता है बैंक खाता
नारायणपुर पुलिस ने नागरिकों से साइबर ठगी के तरीकों को लेकर सतर्क रहने की अपील की है। पुलिस के अनुसार, ठग परिचित बनकर, कॉल फॉरवर्डिंग सक्रिय करवाकर, फर्जी भुगतान संदेश भेजकर या डराकर पैसे ऐंठ सकते हैं।
साइबर ठगी से बचने के लिए इन बातों का रखें ध्यान—
- किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर मोबाइल में कॉल फॉरवर्डिंग सक्रिय न करें।
- भुगतान प्राप्त होने का संदेश देखकर भरोसा न करें; अपने बैंक खाते में राशि आने की पुष्टि करें।
- बिना सत्यापन के किसी के कहने पर पैसे वापस न भेजें।
- किसी अनजान व्यक्ति से ओटीपी, यूपीआई पिन या बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी साझा न करें।
- साइबर ठगी होने पर तुरंत हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं या www.cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट करें।
नारायणपुर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि साइबर अपराधों में संलिप्त लोगों की पहचान और उनके विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई का सिलसिला जारी रहेगा।



