नारायणपुर

नारायणपुर: बिजली विभाग का कंट्रोल रूम या सिर्फ दिखावे का नंबर?

एक कीपैड मोबाइल, दो शिकायत नंबर और हजारों उपभोक्ता... फोन नहीं उठने से परेशान लोग, शिकायत दर्ज कराने कार्यालय पहुंचने को मजबूर

उपभोक्ताओं का आरोप—कंट्रोल रूम में शिकायत के लिए पर्याप्त फोन और स्टाफ नहीं; कई मामलों में बिजली समस्या के समाधान में लग रहे 8 से 10 घंटे

नारायणपुर। जिले में बिजली व्यवस्था को लेकर उपभोक्ताओं की परेशानी के बीच अब बिजली विभाग के कंट्रोल रूम की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। विभाग की ओर से बिजली संबंधी शिकायतों के लिए 93436 67499 और 07781 252240 नंबर जारी किए गए हैं, लेकिन उपभोक्ताओं का आरोप है कि शिकायत के लिए इन नंबरों पर लगातार फोन करने के बावजूद कई बार फोन रिसीव नहीं होता। ऐसे में बिजली गुल होने, लो-वोल्टेज, तार टूटने या अन्य तकनीकी समस्या की शिकायत दर्ज कराने के लिए लोगों को मजबूरी में बिजली कार्यालय का रुख करना पड़ रहा है।

एक कीपैड मोबाइल के भरोसे कंट्रोल रूम?

उपभोक्ताओं की सबसे बड़ी शिकायत कंट्रोल रूम में उपलब्ध संसाधनों को लेकर है। उनका कहना है कि जिले में बड़ी संख्या में बिजली उपभोक्ता हैं, लेकिन शिकायतों के लिए कथित तौर पर एक साधारण कीपैड मोबाइल पर निर्भरता है। ऐसे में यदि एक ही समय में अलग-अलग क्षेत्रों से बिजली संबंधी शिकायतों के लिए फोन पहुंचते हैं तो सभी उपभोक्ताओं की शिकायतें किस तरह दर्ज होंगी, यह सवाल खड़ा हो रहा है।

कंट्रोल रूम से जुड़े एक ऑपरेटर के मुताबिक, शिकायतों को व्यवस्थित तरीके से दर्ज करने के लिए कम से कम चार अलग-अलग फोन नंबर और फोन रिसीव करने के लिए अलग-अलग कर्मचारियों की आवश्यकता है।

24 घंटे व्यवस्था का दावा, लेकिन शिकायत सुने कौन?

बताया जा रहा है कि कंट्रोल रूम को प्रभावी तरीके से संचालित करने के लिए पर्याप्त मानव संसाधन की जरूरत है। चार कर्मचारियों की व्यवस्था होने पर शिफ्ट के अनुसार 24 घंटे शिकायतें सुनी जा सकती हैं। लेकिन स्टाफ की कमी के कारण शिकायतों के लिए पर्याप्त मानव संसाधन उपलब्ध नहीं होने की बात सामने आ रही है।

ऐसे में सवाल यह है कि यदि बिजली विभाग का कंट्रोल रूम 24 घंटे उपभोक्ताओं की शिकायतों के लिए है, तो प्रत्येक समय शिकायत दर्ज करने और उस पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त कर्मचारी और संचार व्यवस्था उपलब्ध है या नहीं।

उपभोक्ताओं की जुबानी—‘फोन नहीं उठता, ऑफिस जाना पड़ता है’

उपभोक्ता रमेश नाग, उज्ज्वला नेताम, आशीष कोर्राम और प्रभात ठाकुर सहित अन्य लोगों ने शिकायत दर्ज कराने में आ रही परेशानी का उल्लेख किया। उपभोक्ताओं के अनुसार कई बार बिजली संबंधी समस्या होने पर कंट्रोल रूम के नंबरों पर फोन किया जाता है, लेकिन फोन रिसीव नहीं होने के कारण शिकायत दर्ज नहीं हो पाती।

उपभोक्ताओं का कहना है कि फोन पर शिकायत दर्ज नहीं होने की स्थिति में उन्हें बिजली कार्यालय पहुंचना पड़ता है। इसके बाद भी कई मामलों में बिजली समस्या के निराकरण में 8 से 10 घंटे तक का समय लगने का दावा किया गया है।

उपभोक्ताओं का तंज—‘फोन नहीं है तो हम गिफ्ट कर देते हैं’

कंट्रोल रूम की व्यवस्था से नाराज उपभोक्ताओं ने व्यंग्य करते हुए कहा कि यदि विभाग के पास शिकायत सुनने के लिए पर्याप्त फोन नहीं हैं तो वे मिलकर फोन उपलब्ध कराने को भी तैयार हैं, लेकिन कम से कम उनकी शिकायत तो सुनी जाए।

उपभोक्ताओं का कहना है कि बिजली आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में सबसे पहले सूचना और शिकायत दर्ज कराने की जरूरत होती है। यदि इसी स्तर पर उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़े तो त्वरित समाधान की व्यवस्था का उद्देश्य प्रभावित होता है।

सवालों के घेरे में शिकायत व्यवस्था

बिजली विभाग की ओर से उपभोक्ताओं की समस्याओं के लिए कंट्रोल रूम और शिकायत नंबर उपलब्ध कराए गए हैं। लेकिन उपभोक्ताओं की शिकायतों के मद्देनजर अब व्यवस्था को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं—

  • क्या कंट्रोल रूम में पर्याप्त फोन और हेल्पलाइन नंबर उपलब्ध हैं?
  • क्या 24 घंटे शिकायत सुनने के लिए पर्याप्त कर्मचारी तैनात हैं?
  • फोन व्यस्त या रिसीव नहीं होने की स्थिति में वैकल्पिक शिकायत व्यवस्था क्या है?
  • शिकायत दर्ज होने के बाद उसकी मॉनिटरिंग और ट्रैकिंग की व्यवस्था कितनी प्रभावी है?
  • बिजली समस्या के निराकरण में लगने वाले समय को कम करने के लिए विभाग की क्या कार्ययोजना है?

दावों और जमीनी व्यवस्था के बीच उठे सवाल

एक ओर बिजली व्यवस्था को बेहतर बनाने और उपभोक्ताओं की शिकायतों के त्वरित निराकरण की बात कही जाती है, वहीं दूसरी ओर उपभोक्ताओं द्वारा कंट्रोल रूम के फोन नहीं उठने और शिकायत दर्ज कराने के लिए कार्यालय पहुंचने की शिकायतें सामने आ रही हैं।

अब देखने वाली बात यह है कि बिजली विभाग इन शिकायतों पर क्या स्पष्टीकरण देता है और कंट्रोल रूम में फोन व मानव संसाधन बढ़ाने को लेकर क्या कदम उठाता है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button