ठाणे के किराए के फ्लैट में चल रहा था ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क, दुर्ग पुलिस ने दबोचे 10 आरोपी
दो अलग-अलग सट्टा-बेटिंग पैनल का खुलासा, 31 मोबाइल, 4 लैपटॉप समेत बैंकिंग व डिजिटल उपकरण जब्त; करोड़ों के लेन-देन के सुराग

दुर्ग/ठाणे। म्यूल बैंक खातों के जरिए संदिग्ध ऑनलाइन वित्तीय लेन-देन की जांच करते हुए दुर्ग पुलिस ने अंतरराज्यीय ऑनलाइन सट्टा-बेटिंग नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। थाना वैशाली नगर और एसीसीयू, दुर्ग की संयुक्त टीम ने महाराष्ट्र के ठाणे में किराए के फ्लैट में दबिश देकर दो अलग-अलग ऑनलाइन सट्टा-बेटिंग पैनल संचालित करते 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 31 मोबाइल फोन, 4 लैपटॉप, 12 एटीएम कार्ड, पैन कार्ड, बैंक पासबुक सहित बड़ी संख्या में डिजिटल उपकरण जब्त किए हैं। प्रारंभिक जांच में पैनलों के माध्यम से विभिन्न बैंक खातों और डिजिटल भुगतान माध्यमों से बड़े पैमाने पर वित्तीय लेन-देन किए जाने के सुराग मिले हैं।

म्यूल खातों की जांच से ठाणे तक पहुंची पुलिस
दुर्ग पुलिस साइबर अपराध, म्यूल बैंक खातों के दुरुपयोग और ऑनलाइन सट्टा-बेटिंग के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। इसी क्रम में थाना वैशाली नगर में दर्ज अपराध क्रमांक 370/2026 की विवेचना के दौरान संदिग्ध बैंक खातों और ऑनलाइन वित्तीय लेन-देन की जांच की गई।
तकनीकी साक्ष्यों के विश्लेषण में सामने आया कि दुर्ग-भिलाई और धमतरी क्षेत्र के कुछ युवक महाराष्ट्र के ठाणे में किराए का फ्लैट लेकर ऑनलाइन सट्टा-बेटिंग पैनल चला रहे हैं। इसके बाद पुलिस टीम ने सूचना का सत्यापन कर ठाणे में दबिश दी।
शिफ्ट में चलता था पैनल, ऑनलाइन रखते थे हिसाब
पुलिस के अनुसार आरोपी ठाणे स्थित किराए के फ्लैट से दो अलग-अलग ऑनलाइन सट्टा-बेटिंग पैनल संचालित कर रहे थे। पैनलों को शिफ्ट के आधार पर चलाया जाता था। सट्टे से जुड़ी राशि के लेन-देन के लिए अलग-अलग बैंक खातों और डिजिटल भुगतान माध्यमों का इस्तेमाल किया जा रहा था। आरोपियों द्वारा दैनिक लेन-देन और हिसाब-किताब भी ऑनलाइन माध्यम से रखने की बात सामने आई है।
डिजिटल फॉरेंसिक जांच से खुलेगा नेटवर्क का राज
पुलिस ने मौके से बरामद मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य डिजिटल उपकरणों को जांच के लिए सुरक्षित किया है। इनकी तकनीकी और डिजिटल फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि उपकरणों और वित्तीय लेन-देन की जांच से नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों, बैंक खातों और लेन-देन की कड़ियों का पता लगाया जा सकेगा।
ये आरोपी गिरफ्तार
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों में विष्णु तिवारी (19), भिलाई; अंकित निषाद (23), धमतरी; नितेश कुमार (24), धमतरी; नरेश कन्हाई (24), खुर्सीपार भिलाई; दीपक कश्यप (27), धमतरी; मेहुल निषाद (23), धमतरी; हर्ष वर्धन निषाद (19), अर्शीगांव; संतोष राम (28), मधुबनी, बिहार; भुवन लाल देवांगन (28), कांकेर और चेतन ध्रुव (27), धमतरी शामिल हैं।
31 मोबाइल और 4 लैपटॉप सहित यह सामान जब्त
- 4 लैपटॉप
- 31 मोबाइल फोन
- 12 एटीएम कार्ड
- 2 पैन कार्ड
- 2 बैंक पासबुक
- 1 वाई-फाई/इंटरनेट उपकरण
- पेन ड्राइव, पावर बैंक, चार्जर व विभिन्न केबल
- नगदी एवं अन्य डिजिटल/तकनीकी सामग्री
बैंक खाता, एटीएम या यूपीआई किराए पर देना पड़ सकता है भारी
दुर्ग पुलिस ने आम लोगों को आगाह किया है कि अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, पासबुक, सिम कार्ड, यूपीआई या अन्य बैंकिंग साधन किसी दूसरे व्यक्ति को इस्तेमाल के लिए उपलब्ध नहीं कराएं। पुलिस ने कहा है कि कमीशन या आर्थिक लालच में बैंकिंग साधन उपलब्ध कराना कानूनी कार्रवाई का कारण बन सकता है।
पुलिस ने नागरिकों से ऑनलाइन सट्टा-बेटिंग अथवा किसी भी संदिग्ध वित्तीय गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को देने की अपील की है। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई जारी है और डिजिटल उपकरणों तथा वित्तीय लेन-देन की जांच के आधार पर नेटवर्क से जुड़े अन्य संभावित आरोपियों की तलाश की जा रही है।




