
रायपुर। प्रदेश में 9वें राष्ट्रीय पोषण माह-2026 के तहत बच्चों के पोषण और आंगनबाड़ी केंद्रों की व्यवस्थाओं को लेकर जनभागीदारी बढ़ाने का अभियान चलाया जा रहा है। ‘बच्चों की थाली, हम सबकी जिम्मेदारी’ और ‘हमारी आंगनबाड़ी, हमारी जिम्मेदारी’ के संदेश के साथ महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा प्रदेशभर के आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को गर्म, ताजा, पौष्टिक और स्वच्छ भोजन उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

भोजन की गुणवत्ता पर नजर, अभिभावकों से लिए जा रहे सुझाव
आंगनबाड़ी केंद्रों में पोस्टर और जागरूकता सामग्री के माध्यम से अभिभावकों व समुदाय को बच्चों की थाली की गुणवत्ता और स्वच्छता पर नजर रखने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। भोजन किस तरह तैयार हो रहा है, साफ-सफाई का ध्यान रखा जा रहा है या नहीं, भोजन का स्वाद और गुणवत्ता कैसी है तथा बच्चों को किस प्रकार भोजन परोसा जा रहा है—इन विषयों पर अभिभावकों और कार्यकर्ताओं के बीच चर्चा की जा रही है। जरूरत के अनुसार भोजन में सुधार के सुझाव भी लिए जा रहे हैं।
सुपोषण रथ गांव-गांव पहुंचा
राष्ट्रीय पोषण माह के अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने 12 सितंबर को सुपोषण रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। यह रथ गांव-गांव पहुंचकर माताओं, परिवारों और समुदाय को संतुलित आहार, स्वच्छता तथा बच्चों के शुरुआती विकास के प्रति जागरूक कर रहा है।
इसके साथ ही विभाग द्वारा सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से बच्चों के विकास की समय पर पहचान, आवश्यक परामर्श और जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ सेवाओं से जोड़ने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।
स्थानीय खाद्य पदार्थों को मिल रही थाली में जगह
प्रदेश के विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषण माह के दौरान बच्चों के भोजन की गुणवत्ता और पोषण मूल्य बढ़ाने के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, माताएं, स्व-सहायता समूह और समुदाय मिलकर प्रयास कर रहे हैं। बच्चों द्वारा भोजन कम ग्रहण करने की स्थिति में माताओं से चर्चा कर भोजन के स्वाद और परोसने के तरीके में आवश्यक बदलाव किए जा रहे हैं।
भोजन में स्थानीय एवं मौसमी सब्जियों, दाल और मिलेट जैसे पौष्टिक खाद्य पदार्थों को शामिल करने पर जोर दिया जा रहा है। साथ ही रसोई की स्वच्छता और भोजन परोसते समय साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। बच्चों के नियमित वजन और विकास की निगरानी भी की जा रही है, ताकि पोषण स्तर में होने वाले बदलावों की समय पर पहचान की जा सके।
9 सितंबर से 8 अक्टूबर तक पोषण माह
महिला एवं बाल विकास विभाग ने सभी जिलों को आंगनबाड़ी प्रबंधन समितियों, पंचायतों, अभिभावकों और समुदाय को पोषण संबंधी गतिविधियों से सक्रिय रूप से जोड़ने के निर्देश दिए हैं। 9 सितंबर से 8 अक्टूबर तक चल रहे राष्ट्रीय पोषण माह के दौरान आंगनबाड़ी केंद्रों में रंग-बिरंगी थाली प्रदर्शन, पोषण मेले, माता-पिता की बैठकें, स्वच्छता अभियान और विभिन्न जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं।
‘सेवा की कहानी’ बन रही सामुदायिक भागीदारी
बच्चों के भोजन की गुणवत्ता, मेनू और स्वच्छता को लेकर अभिभावकों और ग्रामीणों की बढ़ती भागीदारी को विभाग द्वारा ‘सेवा की कहानी’ के रूप में सामने लाया जा रहा है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की सेवा भावना के साथ समुदाय की सक्रिय भागीदारी से बच्चों के पोषण को लेकर सामूहिक जिम्मेदारी की भावना मजबूत हो रही है।
‘हमारी आंगनबाड़ी, हमारी जिम्मेदारी’ अभियान का उद्देश्य केवल जागरूकता तक सीमित नहीं है, बल्कि हर बच्चे को स्वस्थ, सुपोषित और बेहतर भविष्य की दिशा में आवश्यक पोषण एवं देखभाल उपलब्ध कराने में परिवार और समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित करना है।



