मावली मेला स्थल से गूंजा विकसित भारत का संकल्प, निकली सेवा ज्योति यात्रा
मोदी की जनसेवा से राष्ट्रसेवा के 25 वर्ष पूरे होने पर विकसित भारत संकल्प सभा; सांसद भोजराज नाग बोले—2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने में हर नागरिक की भागीदारी जरूरी

नारायणपुर | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनसेवा से राष्ट्रसेवा की 25 वर्ष की यात्रा पूर्ण होने के उपलक्ष्य में सेवा संकल्प अभियान के तहत बुधवार को जिले के बखरूपारा स्थित मावली माता मेला स्थल में विकसित भारत संकल्प सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कांकेर लोकसभा क्षेत्र के सांसद भोजराज नाग की मौजूदगी में वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प को साकार करने में सक्रिय भागीदारी निभाने का संकल्प लिया गया। इसके बाद सांसद के नेतृत्व में मावली मेला स्थल से सेवा ज्योति यात्रा निकाली गई, जिसमें जनप्रतिनिधियों, कार्यकर्ताओं, स्वयंसेवकों और बड़ी संख्या में नागरिकों ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया।

मावली मेला स्थल से जयस्तंभ चौक तक पहुंची यात्रा
सेवा ज्योति यात्रा बखरूपारा मेला स्थल से शुरू होकर जगदीश मंदिर होते हुए जयस्तंभ चौक पहुंची, जहां यात्रा का समापन हुआ। यात्रा के दौरान राष्ट्रसेवा, विकसित भारत और सामूहिक सहभागिता का संदेश दिया गया। यात्रा में लघु वनोपज संघ के अध्यक्ष रूपसाय सलाम, जिला पंचायत अध्यक्ष नारायण मरकाम, नगर पालिका अध्यक्ष इंद्रप्रसाद बघेल, जनपद अध्यक्ष पिंकी उसेंडी, नगर पालिका उपाध्यक्ष जय प्रकाश शर्मा सहित जिला एवं जनपद पंचायत सदस्य, जनप्रतिनिधि, कार्यकर्ता, स्वयंसेवक और बड़ी संख्या में नागरिक शामिल हुए।
सांसद बोले—सरकार के साथ हर नागरिक की भागीदारी जरूरी
सांसद भोजराज नाग ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनसेवा और राष्ट्रसेवा की यात्रा के 25 वर्ष पूर्ण होना देश के लिए महत्वपूर्ण अवसर है। प्रधानमंत्री ने निरंतर राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए देश को नई दिशा देने का काम किया है।
उन्होंने कहा कि भारत को वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य केवल सरकार के प्रयासों से पूरा नहीं हो सकता। इसके लिए देश के प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी और सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। उन्होंने नागरिकों से राष्ट्र निर्माण में पूरी ऊर्जा, क्षमता और प्रतिबद्धता के साथ योगदान देने का आह्वान किया।
मंच से वर्चुअल जुड़ा प्रधानमंत्री का संबोधन
मावली माता मेला स्थल पर आयोजित संकल्प सभा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन का वर्चुअल प्रसारण किया गया। सांसद भोजराज नाग सहित जनप्रतिनिधियों, स्वयंसेवकों, कार्यकर्ताओं और बड़ी संख्या में नागरिकों ने प्रधानमंत्री का संबोधन सुना।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के साथ शुरू हुई उनकी जनसेवा की यात्रा के 25 वर्ष पूर्ण हुए हैं। उन्होंने देशवासियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जनता का आशीर्वाद ही उनकी सबसे बड़ी शक्ति है।
उन्होंने भारतीय लोकतंत्र और संविधान के प्रति नमन करते हुए कहा कि 25 वर्षों में अर्जित जनविश्वास और अनुभव उनकी सबसे बड़ी पूंजी है और यह पूंजी देश की जनता की है। प्रधानमंत्री ने कहा कि जनता-जनार्दन ईश्वर का ही स्वरूप है और देश के प्रत्येक नागरिक का उन पर अधिकार है। मां भारती की निस्वार्थ सेवा ही उनका धर्म और कर्तव्य है।
हर संकट ने मजबूत किया संकल्प
प्रधानमंत्री ने कहा कि जीवन की प्रत्येक घटना ने उन्हें कुछ न कुछ सिखाया है, जबकि हर संकट ने धैर्य और संकल्प को और मजबूत किया। उन्होंने कहा कि साधन और संसाधन सीमित हो सकते हैं, लेकिन सपने और हौसले हमेशा बड़े होने चाहिए।
उन्होंने कर्म को कर्तव्य और साधना बताते हुए राष्ट्र निर्माण के प्रयासों को निरंतर जारी रखने पर जोर दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के विकास में स्वयंसेवकों और युवा शक्ति की भूमिका महत्वपूर्ण है। भारत को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए जोश, जज्बा और सामूहिक संकल्प जरूरी है।
युवा शक्ति और सामूहिक संकल्प से बनेगा विकसित भारत
प्रधानमंत्री ने आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया की बढ़ती ताकत का उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय प्रतिभा, सामर्थ्य और क्षमता की चर्चा आज पूरी दुनिया में हो रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि 140 करोड़ देशवासियों की सामूहिक शक्ति और अदम्य इच्छाशक्ति के बल पर वर्ष 2047 तक भारत विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य को अवश्य हासिल करेगा।
उन्होंने देशवासियों से राष्ट्रसेवा के संकल्प को और मजबूत करने तथा भारत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए अपनी पूरी ऊर्जा, क्षमता और सामर्थ्य के साथ योगदान देने का आह्वान किया। साथ ही सेवा ज्योति यात्रा में शामिल स्वयंसेवकों और देशवासियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
जनभागीदारी बनी आयोजन की खासियत
मावली मेला स्थल पर आयोजित विकसित भारत संकल्प सभा और इसके बाद निकली सेवा ज्योति यात्रा में बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी रही। आयोजन के माध्यम से राष्ट्रसेवा, जनभागीदारी और वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को लेकर सामूहिक संकल्प का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों के साथ कार्यकर्ता, स्वयंसेवक और आम नागरिक भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे।




