एनएसएस स्थापना दिवस पर गूंजा सेवा का संदेश
विद्यार्थियों ने लिया राष्ट्र निर्माण का संकल्प, सामाजिक जिम्मेदारी से लेकर पर्यावरण संरक्षण तक सक्रिय भागीदारी का आह्वान

लिंगो मुदीयाल कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र में हुआ आयोजन; अधिष्ठाता डॉ. रत्ना नशीने ने कहा—‘सेवा को कार्यक्रम नहीं, जीवन का संस्कार बनाएं’
नारायणपुर। लिंगो मुदीयाल कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, नारायणपुर में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) का स्थापना दिवस उत्साह और गरिमापूर्ण वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं एवं एनएसएस स्वयंसेवकों ने सहभागिता की। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने सेवा, सामाजिक उत्तरदायित्व, पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, स्वास्थ्य जागरूकता और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने एनएसएस को विद्यार्थियों के व्यक्तित्व, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक संवेदनशीलता के विकास का प्रभावी माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल कक्षा और प्रयोगशाला तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों का दायित्व समाज और ग्रामीण समुदायों के साथ जुड़कर उनके विकास में योगदान देना भी है।
‘सेवा को कार्यक्रम नहीं, जीवन का संस्कार बनाएं’
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. रत्ना नशीने, अधिष्ठाता ने कहा कि एनएसएस विद्यार्थियों को केवल समाज सेवा का अवसर नहीं देता, बल्कि उन्हें समाज की वास्तविक परिस्थितियों से जोड़कर संवेदनशील, जिम्मेदार और नेतृत्वक्षम नागरिक बनने की दिशा भी देता है।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की ऊर्जा, ज्ञान और प्रतिभा का उपयोग यदि समाजहित में किया जाए तो गांवों और ग्रामीण समुदायों में स्थायी सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों का आह्वान करते हुए कहा कि “सेवा को कार्यक्रम नहीं, बल्कि जीवन का संस्कार बनाएं और जहां जरूरत हो, वहां स्वयं आगे बढ़कर योगदान दें।”
कृषि विद्यार्थियों की जिम्मेदारी कक्षा तक सीमित नहीं
डॉ. नरेंद्र नाग, सस्य विज्ञान ने एनएसएस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह योजना विद्यार्थियों को समाज और ग्रामीण जीवन को करीब से समझने का अवसर देती है। विशेष रूप से कृषि विद्यार्थियों की भूमिका महत्वपूर्ण है, क्योंकि उनका दायित्व केवल कक्षा और प्रयोगशाला तक सीमित नहीं है।
उन्होंने कहा कि कृषि विद्यार्थियों को किसानों और ग्रामीण समुदायों तक वैज्ञानिक कृषि ज्ञान पहुंचाने में भी सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि संबंधी जागरूकता बढ़ाने के साथ किसानों को नई तकनीकों और वैज्ञानिक पद्धतियों से जोड़ने में मदद मिल सकती है।
युवा शक्ति को सकारात्मक दिशा देने पर जोर
डॉ. पुष्पराज दीवान ने एनएसएस को युवाओं के व्यक्तित्व एवं नेतृत्व विकास का प्रभावी माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि सेवा भावना विद्यार्थियों को समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने और उन्हें व्यवहार में उतारने का अवसर देती है।
उन्होंने विद्यार्थियों से ‘विकसित भारत’ पोर्टल पर सक्रिय रूप से सहभागिता करने तथा देश के विकास से जुड़े विभिन्न अभियानों और गतिविधियों में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया।
टीम भावना को सामाजिक सेवा से जोड़ने का आह्वान
डॉ. मदन कुर्रे, क्रीड़ा अधिकारी ने कहा कि एनएसएस विद्यार्थियों में अनुशासन, टीम भावना, नेतृत्व और सहयोग की भावना को मजबूत करता है। उन्होंने कहा कि खेल मैदान में विकसित होने वाली टीम भावना जब सामाजिक सेवा से जुड़ती है, तो युवा समाज में सकारात्मक बदलाव के प्रभावी माध्यम बन सकते हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों को सामूहिक प्रयास, अनुशासन और जिम्मेदारी के साथ सामाजिक गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया।
विद्यार्थियों ने साझा किए एनएसएस के अनुभव
कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने भी एनएसएस से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। बिह्वेश देवांगन ने कहा कि एनएसएस ने उन्हें समाज की समस्याओं को समझने और जरूरतमंद लोगों के लिए कार्य करने की प्रेरणा दी है। उन्होंने भविष्य में भी सेवा गतिविधियों में सक्रिय रहने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
पूर्वी ने कहा कि एनएसएस विद्यार्थियों को समाज के विभिन्न वर्गों से जुड़कर सीखने का अवसर देता है। युवाओं की छोटी-सी पहल भी समाज में सकारात्मक बदलाव की शुरुआत बन सकती है।
गरिमा पांडेय ने कहा कि एनएसएस के माध्यम से उनमें सामाजिक जिम्मेदारी और लोगों की सहायता करने की भावना मजबूत हुई है। उन्होंने युवाओं से समाजहित के कार्यों में आगे आने का आह्वान किया।
वहीं मंथन मंडल ने कहा कि एनएसएस विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ सामाजिक जिम्मेदारियों का बोध कराता है। युवा शक्ति को सकारात्मक दिशा देकर राष्ट्र निर्माण में प्रभावी योगदान दिया जा सकता है।
शिक्षक, कर्मचारी और बड़ी संख्या में विद्यार्थी रहे मौजूद
कार्यक्रम में पुष्पेंद्र सिंह, उमा साहू एवं होमेंद्र सिवाना सहित महाविद्यालय के शिक्षकगण, कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
सेवा से समाज और समाज से राष्ट्र निर्माण का संकल्प
एनएसएस स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम ने विद्यार्थियों में “सेवा से समाज और समाज से राष्ट्र निर्माण” की भावना को और मजबूत किया। कार्यक्रम के समापन अवसर पर विद्यार्थियों ने सामाजिक सेवा, पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, स्वास्थ्य जागरूकता एवं जनहित से जुड़े कार्यों में निरंतर सक्रिय सहभागिता निभाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम का संदेश स्पष्ट रहा—शिक्षा से ज्ञान मिले और सेवा से उस ज्ञान का समाजहित में उपयोग हो, तभी युवा शक्ति राष्ट्र निर्माण की मजबूत आधारशिला बन सकती है।



