गांधी जयंती पर विद्यार्थियों ने लिया स्वच्छता, नशामुक्ति और अहिंसा का संकल्प
सत्य, सेवा और मानवता के मार्ग पर चलकर राष्ट्र निर्माण में योगदान का आह्वान; 66 विद्यार्थियों ने लिया नशामुक्त भारत का संकल्प

नारायणपुर। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती पर लिंगो मुदीयाल कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, नारायणपुर में विद्यार्थियों ने स्वच्छता, नशामुक्ति, सत्य, अहिंसा और मानवता के मूल्यों को जीवन में अपनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम अधिष्ठाता डॉ. रत्ना नशीने के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ। उन्होंने ऑनलाइन माध्यम से विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि “सत्य को अपना संकल्प बनाएँ, अहिंसा को अपनी शक्ति और सेवा को अपना धर्म।”

उन्होंने विद्यार्थियों से स्वच्छता को केवल अभियान तक सीमित न रखकर जीवनशैली बनाने, नशे से दूर रहने, भेदभाव मिटाने और समाजहित में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि गांधीजी का जीवन दृढ़ संकल्प, नैतिक साहस और निरंतर कर्म के माध्यम से सकारात्मक बदलाव की प्रेरणा देता है।
गांधी विचारों को व्यवहार में उतारने का संदेश
राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी डॉ. पुष्पराज दीवान ने कहा कि गांधीजी के विचार आज भी युवाओं के लिए प्रासंगिक हैं। सत्य, अनुशासन और अहिंसा को व्यवहार में उतारकर युवा समाज में स्थायी सकारात्मक परिवर्तन ला सकते हैं।
डॉ. नरेंद्र नाग ने स्वच्छता को सामाजिक जिम्मेदारी बताते हुए विद्यार्थियों से अपने आसपास स्वच्छ वातावरण बनाए रखने और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने की अपील की। डॉ. पुष्पेंद्र पैंकरा ने नशे के दुष्परिणामों पर प्रकाश डालते हुए युवाओं से अपनी ऊर्जा शिक्षा, रचनात्मक गतिविधियों और राष्ट्रसेवा में लगाने का आह्वान किया।
डॉ. विवेक ने कहा कि गांधीजी की अहिंसा केवल हिंसा से दूर रहने तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति के प्रति सम्मान, संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण अपनाने की प्रेरणा देती है। वहीं डॉ. होमेंद्र सिवाना ने स्वच्छ एवं नशामुक्त समाज के निर्माण में युवाओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
विद्यार्थियों ने कहा—विचार पढ़ें नहीं, जीवन में उतारें
कार्यक्रम में विद्यार्थियों की ओर से गरिमा पांडेय, दीपक गुप्ता और भिवेश देवांगन ने अपने विचार रखे। विद्यार्थियों ने कहा कि स्वच्छता, नशामुक्ति, मानवता और अहिंसा स्वस्थ एवं सशक्त समाज की आधारशिला हैं। गांधीजी के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि उनके विचारों को केवल पढ़ना नहीं, बल्कि उन्हें अपने आचरण में उतारना है।
विद्यार्थियों ने नशे को ‘न’ कहने, स्वच्छता अपनाने, भेदभाव का विरोध करने और जरूरतमंदों की सहायता करने का संकल्प लिया।
शपथ के बाद परिसर में चलाया स्वच्छता अभियान
कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय के अधिकारियों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों ने नशामुक्त भारत की शपथ ली। इसके बाद महाविद्यालय परिसर में स्वच्छता अभियान चलाया गया। विद्यार्थियों ने श्रमदान कर परिसर की साफ-सफाई की और स्वच्छता के प्रति जनजागरूकता का संदेश दिया।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के समस्त अधिकारी-कर्मचारी सहित 66 छात्र-छात्राओं ने सक्रिय सहभागिता की। आयोजन का उद्देश्य गांधीजी के सत्य, अहिंसा, स्वच्छता, सेवा और मानवता के विचारों को विद्यार्थियों के व्यवहार तथा सामाजिक जीवन से जोड़ना रहा।




