अबूझमाड़ में गूंजा बच्चों का संकल्प, नक्सलवाद से विकसित भारत तक
चित्रों और भाषणों में दिखा नए भारत का सपना, सेवा संकल्प अभियान में बच्चों ने स्वच्छता, डिजिटल इंडिया, सेना के शौर्य और महिला सशक्तिकरण पर रखे विचार

नारायणपुर, 30 सितंबर। अबूझमाड़ के दूरस्थ अंचल में बच्चों की कल्पनाओं और संकल्प ने विकास और बदलाव की तस्वीर पेश की। विकासखण्ड ओरछा में सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित चित्रकला एवं भाषण प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने नक्सलवाद से मुक्त शांतिपूर्ण समाज से लेकर विकसित भारत @2047 तक के अपने सपनों को चित्रों और शब्दों के माध्यम से सामने रखा।

प्रधानमंत्री के ‘विकसित भारत @2047’ के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने तथा विद्यार्थियों में राष्ट्र निर्माण, सामाजिक जागरूकता और सकारात्मक सोच को बढ़ावा देने के उद्देश्य से यह आयोजन कलेक्टर नम्रता जैन के दिशा-निर्देश तथा जिला शिक्षा अधिकारी महेंद्र नाथ पांडेय और जिला मिशन समन्वयक डी.बी. रावटे के मार्गदर्शन में किया गया।
दो केंद्रों पर हुई प्रतियोगिताएं
अबूझमाड़ की भौगोलिक एवं दुर्गम परिस्थितियों को देखते हुए प्रतियोगिता का आयोजन दो स्थानों पर किया गया। कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय, ओरछा और प्राथमिक शाला कुरूषनार में विद्यार्थियों ने सहभागिता की। प्राथमिक से लेकर माध्यमिक, हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी स्तर के विद्यार्थियों ने उत्साह के साथ अपनी प्रतिभा दिखाई।
किसी के चित्र में शांति तो किसी के शब्दों में डिजिटल भारत
विद्यार्थियों ने नक्सलवाद, स्वच्छ भारत, डिजिटल इंडिया, सेना का शौर्य, नया कश्मीर, विकसित भारत @2047, महिला सशक्तिकरण और ‘मेरे सपनों का भारत’ जैसे विषयों पर चित्र बनाए और भाषण प्रस्तुत किए।
प्रस्तुतियों में हिंसा एवं नक्सलवाद से मुक्त शांतिपूर्ण और सुरक्षित समाज की कल्पना के साथ शिक्षा, स्वच्छता, तकनीक, महिला सशक्तिकरण, राष्ट्र सुरक्षा और आत्मनिर्भरता के जरिए विकसित भारत की तस्वीर उभरकर सामने आई।
ओरछा में जनप्रतिनिधियों की रही मौजूदगी
कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय, ओरछा में आयोजित कार्यक्रम में जिला पंचायत सदस्य गुड्डू राम उसेंडी मुख्य अतिथि रहे। सरपंच अजीत मांझी, भाजपा ब्लॉक महिला मोर्चा की सरस्वती गोटा और भाजपा मंडल अध्यक्ष सुखराम पोडियम विशेष रूप से उपस्थित रहे।
वहीं प्राथमिक शाला कुरूषनार में जिला पंचायत सदस्य शांति सलाम मुख्य अतिथि रहीं। मंगडू राम नूरेटी, सरपंच कमली बाई एवं जनपद सदस्य माहेश्वरी कोवाची की उपस्थिति रही।
दुर्गम गांवों से पहुंचे बच्चों ने बढ़ाया उत्साह
विकासखण्ड के विभिन्न दूरस्थ क्षेत्रों से आए विद्यार्थियों की सहभागिता ने आयोजन को विशेष बनाया। बच्चों को अपनी कल्पनाशीलता, प्रतिभा और अभिव्यक्ति क्षमता प्रदर्शित करने का अवसर मिला। चित्रों और भाषणों के माध्यम से विद्यार्थियों ने यह संदेश दिया कि शिक्षा और सकारात्मक सोच के जरिए अबूझमाड़ का बच्चा भी राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभा सकता है।
22 संकुलों की टीम ने संभाली जिम्मेदारी
आयोजन को सफल बनाने में खंड शिक्षा अधिकारी संतु नूरेटी, खंड स्रोत समन्वयक लक्ष्मी कांत सिंह एवं सहायक खंड शिक्षा अधिकारी संतोष पात्र के नेतृत्व में शिक्षा विभाग की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कुरूषनार के संस्था प्रमुख रामकीर्तन मरकाम, संकुल समन्वयक कन्हैया लाल मांझी सहित ओरछा विकासखण्ड के सभी 22 संकुल समन्वयकों, शिक्षक-शिक्षिकाओं और शिक्षा विभाग के कर्मचारियों ने विद्यार्थियों की सहभागिता सुनिश्चित करने में सक्रिय भूमिका निभाई।
दूरस्थ क्षेत्रों से विद्यार्थियों को आयोजन स्थल तक पहुंचाने से लेकर प्रतियोगिताओं को व्यवस्थित रूप से संपन्न कराने तक शिक्षकों और संकुल स्तर की टीम ने जिम्मेदारी संभाली।
चित्रों में दिखा शांत और सशक्त भारत
सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से अबूझमाड़ के बच्चों ने अपने चित्रों और शब्दों में जिस भारत की कल्पना रखी, उसमें शांति, शिक्षा, स्वच्छता, तकनीकी प्रगति, महिला सशक्तिकरण, सशक्त नागरिक और राष्ट्र निर्माण प्रमुख रूप से दिखाई दिए। बच्चों की प्रस्तुतियों ने यह संदेश दिया कि बदलाव की सोच दूरस्थ अंचलों के विद्यार्थियों तक भी पहुंच रही है और वे अपने सपनों के भारत को लेकर सजग हैं।



