अबूझमाड़ के दुर्गम गांवों तक पहुंची स्वास्थ्य सेवा, बीएसएफ के शिविर में 250 ग्रामीणों का उपचार
कोहकामेटा कैंप में 133वीं वाहिनी ने लगाया निःशुल्क चिकित्सा एवं नेत्र जांच शिविर; मलेरिया से बचाव, समय पर उपचार और स्वच्छता के प्रति ग्रामीणों को किया जागरूक

नारायणपुर। अबूझमाड़ के दुर्गम इलाकों में जहां स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंचना ग्रामीणों के लिए चुनौती बना रहता है, वहां सुरक्षा के साथ सेवा का संकल्प लेकर सीमा सुरक्षा बल ने जनकल्याण की पहल की। 133वीं वाहिनी सीमा सुरक्षा बल की ओर से कोहकामेटा कैंप में निःशुल्क चिकित्सा एवं नेत्र चिकित्सा शिविर आयोजित किया गया। शिविर में करीब 250 ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें निःशुल्क चिकित्सा परामर्श और उपचार उपलब्ध कराया गया।

कमांडेंट के नेतृत्व में हुआ आयोजन
24 अक्टूबर 2026 को प्रातः 9 बजे से जिला नारायणपुर के कोहकामेटा कैंप में आयोजित शिविर का नेतृत्व 133वीं वाहिनी के कमांडेंट श्री कमल शर्मा ने किया। यह आयोजन सिविक एक्शन प्रोग्राम (LWE), वित्तीय वर्ष 2026-27 के अंतर्गत किया गया। इसका उद्देश्य दुर्गम एवं दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणों को सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना था।
250 ग्रामीणों की हुई स्वास्थ्य जांच
शिविर में 133वीं वाहिनी के चिकित्सा अधिकारियों के साथ जिला नारायणपुर के सिविल चिकित्सकों, मलेरिया जागरूकता के लिए कार्यरत गैर-सरकारी संगठन (एनजीओ) की टीम और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने सहभागिता की। चिकित्सा दल ने विभिन्न बीमारियों से पीड़ित ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण किया और आवश्यकतानुसार चिकित्सा परामर्श एवं उपचार प्रदान किया।
दूरस्थ क्षेत्रों से आने वाले मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए वाहिनी की ओर से आवागमन के लिए एंबुलेंस की व्यवस्था भी की गई। शिविर में उपस्थित मरीजों और चिकित्सा कर्मियों के लिए जलपान की व्यवस्था की गई, ताकि ग्रामीणों को शिविर के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो।
मलेरिया से बचाव और स्वच्छता पर दिया जोर
अबूझमाड़ जैसे दुर्गम क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं के साथ बीमारी से बचाव की जानकारी भी महत्वपूर्ण है। इसी उद्देश्य से शिविर में मलेरिया की रोकथाम, समय पर उपचार और स्वच्छता के प्रति जागरूकता पर जोर दिया गया। ग्रामीणों को स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों के प्रति जागरूक करने के लिए संबंधित टीम ने सहभागिता निभाई।
सुरक्षा के साथ जनसेवा का संदेश
133वीं वाहिनी सीमा सुरक्षा बल की यह पहल स्थानीय समुदाय के स्वास्थ्य और कल्याण के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के साथ स्थानीय जनता और सुरक्षा बल के बीच विश्वास एवं समन्वय को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।
अबूझमाड़ में आयोजित यह शिविर सुरक्षा बल की उस भूमिका को रेखांकित करता है, जिसमें सुरक्षा के साथ जनसेवा और सामाजिक विकास को भी प्राथमिकता दी जा रही है। 133वीं वाहिनी सीमा सुरक्षा बल ने ऐसे जनकल्याणकारी प्रयासों के माध्यम से क्षेत्र के लोगों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने और उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में अपनी प्रतिबद्धता प्रदर्शित की है।



