नशे के खिलाफ युवाओं ने बुलंद की आवाज, नशामुक्ति का लिया संकल्प
कृषि महाविद्यालय में विद्यार्थियों ने ली शपथ, ग्रामीणों के बीच पहुंचकर भी चला रहे जागरूकता अभियान

नारायणपुर। नशा मुक्त भारत अभियान के तहत लिंगो मुदीयाल कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, नारायणपुर में विद्यार्थियों एवं युवाओं को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम में युवाओं को नशे से दूर रहने और स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया गया। इस दौरान छात्र-छात्राओं ने नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने की सामूहिक शपथ ली।

‘नशा भविष्य को कर देता है प्रभावित’
कार्यक्रम में महाविद्यालय की अधिष्ठाता डॉ. रत्ना नशीने ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि नशे का असर केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य तक सीमित नहीं रहता, बल्कि परिवार, शिक्षा, रोजगार और भविष्य पर भी इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। युवा शक्ति देश की महत्वपूर्ण ताकत है। इसलिए युवाओं को नशे से दूर रहकर अपनी ऊर्जा को शिक्षा, रोजगार, खेल और समाजहित के कार्यों में लगाना चाहिए।
उन्होंने विद्यार्थियों से स्वयं नशे से दूर रहने के साथ अपने साथियों और समाज के अन्य लोगों को भी नशामुक्ति के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया।
नारे और संदेशों के जरिए ग्रामीणों को कर रहे जागरूक
राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) कार्यक्रम अधिकारी डॉ. पुष्पराज दीवान ने कार्यक्रम का संचालन करते हुए नशामुक्त समाज के निर्माण में युवाओं की भूमिका पर प्रकाश डाला।
अभियान के तहत कृषि महाविद्यालय के छात्र-छात्राएं नशामुक्ति से जुड़े संदेश और नारे लिखकर लोगों को जागरूक कर रहे हैं। विद्यार्थी ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचकर नशे के दुष्परिणामों की जानकारी देने के साथ लोगों से नशे से दूर रहने और स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने की अपील भी कर रहे हैं।
नशामुक्त भारत के निर्माण में भागीदारी का संकल्प
कार्यक्रम के अंत में छात्र-छात्राओं ने नशे से दूर रहने, स्वयं जागरूक रहने तथा समाज में नशामुक्ति का संदेश प्रसारित करने की सामूहिक शपथ ली। विद्यार्थियों ने नशामुक्त भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने और अपने आसपास के लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करने का संकल्प लिया।



