शहीदों के त्याग से प्रेरणा लेकर वन संरक्षण का संकल्प
वन मंत्री केदार कश्यप ने कोटूमहर में वन शहीद स्मारक पर किया माल्यार्पण, ‘एक पेड़ शहीद के नाम’ अभियान के तहत किया पौधरोपण

नारायणपुर. राष्ट्रीय वन शहीद दिवस पर शुक्रवार को जिले के कोटूमहर में वन शहीदों की स्मृति में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में वन, जलवायु परिवर्तन, परिवहन, सहकारिता एवं संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप शामिल हुए। उन्होंने वन शहीद स्मारक पर माल्यार्पण कर शहीदों के त्याग, साहस और कर्तव्यनिष्ठा को नमन किया।

कार्यक्रम की शुरुआत वन शहीदों की स्मृति में दो मिनट का मौन रखकर हुई। इसके बाद मंत्री कश्यप ने स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि वन एवं पर्यावरण की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान देने वाले वन शहीदों का योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। उनका त्याग और साहस वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों को पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ दायित्व निभाने की प्रेरणा देता है।
शहीदों की स्मृति में लगाया पौधा
वन मंत्री ने इस अवसर पर ‘एक पेड़ शहीद के नाम’ अभियान के तहत पौधरोपण किया। उन्होंने कहा कि शहीदों की स्मृति में लगाए गए पौधे केवल पर्यावरण संरक्षण का माध्यम नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए उनके बलिदान की जीवंत स्मृति भी होंगे। पौधों के संरक्षण और संवर्धन के साथ वन शहीदों के आदर्शों को आगे बढ़ाने की जरूरत है।
अधिकारियों-कर्मचारियों से लिया विभागीय कार्यों का फीडबैक
कार्यक्रम के दौरान मंत्री कश्यप ने वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों से संवाद कर विभागीय कार्यों एवं गतिविधियों की जानकारी ली। उन्होंने वन संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन और वन क्षेत्रों की सुरक्षा के लिए किए जा रहे कार्यों की सराहना की। साथ ही अधिकारियों-कर्मचारियों को सजगता, समर्पण और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित किया।
राष्ट्रीय वन शहीद दिवस के अवसर पर जनप्रतिनिधियों और वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों ने वन शहीदों के आदर्शों पर चलने तथा वन एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के माध्यम से वन संरक्षण को सामूहिक जिम्मेदारी बनाने का संदेश भी दिया गया।
ये रहे मौजूद: नगर पालिका अध्यक्ष इंद्रप्रसाद बघेल, कलेक्टर नम्रता जैन, पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार पटेल, जिला पंचायत सीईओ चित्रकांत चाली ठाकुर, वनमण्डलाधिकारी डॉ. वेंकेटेशा एम.जी., एसडीएम अभयजीत मंडावी सहित वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी एवं जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

