थानों के रिकॉर्ड होंगे दुरुस्त, पुलिस अभिलेखों के संधारण का दिया प्रशिक्षण
एसपी संदीप कुमार पटेल के निर्देश पर सभी थानों के प्रधान आरक्षक मुहर्रिर व मददगारों को सिखाई रिकॉर्ड व्यवस्था की बारीकियां

नारायणपुर। थाना स्तर पर पुलिस अभिलेखों और रजिस्टरों को व्यवस्थित, अद्यतन और नियमानुसार संधारित करने के लिए जिले के सभी थानों में पदस्थ प्रधान आरक्षक मुहर्रिर एवं मददगारों का विशेष प्रशिक्षण आयोजित किया गया। पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार पटेल के निर्देश पर आयोजित प्रशिक्षण में डीएसपी राजीव शर्मा ने पुलिस रिकॉर्ड के संधारण की प्रक्रिया और आवश्यक सावधानियों की विस्तार से जानकारी दी।

प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य जिले के सभी थानों में अभिलेख संधारण की प्रक्रिया में एकरूपता लाने के साथ पुलिस कार्रवाई से जुड़े महत्वपूर्ण रिकॉर्ड को सटीक एवं अद्यतन रखना रहा। प्रशिक्षण में थाना स्तर पर संधारित होने वाले विभिन्न महत्वपूर्ण रजिस्टरों, अभिलेखों और दस्तावेजों के संबंध में व्यावहारिक जानकारी दी गई।
रोजनामचा से केस डायरी तक, हर रिकॉर्ड पर जोर
प्रशिक्षण के दौरान हिस्ट्री रजिस्टर, हिस्ट्रीशीट, निगरानी रजिस्टर, सामान्य डायरी (रोजनामचा), केस डायरी और अपराध रजिस्टर के संधारण की प्रक्रिया समझाई गई। अधिकारियों ने अपराध एवं पुलिस कार्रवाई से संबंधित प्रविष्टियों को सही, स्पष्ट और समयबद्ध तरीके से दर्ज करने पर विशेष जोर दिया।
इसके साथ ही मर्ग एवं अप्राकृतिक मृत्यु संबंधी अभिलेख, कैशबुक, प्रकरणों की स्थिति एवं प्रगति से संबंधित रजिस्टर तथा एफआईआर से लेकर न्यायालयीन निर्णय तक प्रकरणों की स्थिति को व्यवस्थित रूप से ट्रैक करने की प्रक्रिया भी बताई गई।
जप्त माल से शस्त्र अनुज्ञप्ति तक रिकॉर्ड सुरक्षित रखने की हिदायत
प्रशिक्षण में शस्त्र अनुज्ञप्ति रजिस्टर, ड्यूटी रजिस्टर, अपराध वर्गीकरण रजिस्टर तथा जप्त संपत्ति/माल-मशरूका रजिस्टर के सही संधारण की जानकारी दी गई। जप्त संपत्ति और प्रकरणों से जुड़े दस्तावेजों को सुरक्षित एवं व्यवस्थित रखने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए।
गिरफ्तारी और फरार आरोपियों का रिकॉर्ड भी होगा अपडेट
अधिकारियों ने गिरफ्तारी रजिस्टर, फरार आरोपियों एवं उद्घोषित अपराधियों से संबंधित अभिलेखों के संधारण की प्रक्रिया भी समझाई। संबंधित रजिस्टरों में आवश्यक प्रविष्टियां समय पर करने और रिकॉर्ड को नियमित रूप से अपडेट रखने की आवश्यकता बताई गई।
डीएसपी राजीव शर्मा ने कहा कि थाना स्तर के अभिलेख पुलिस कार्रवाई की निरंतरता, जवाबदेही और न्यायालयीन प्रक्रिया का महत्वपूर्ण आधार होते हैं। ऐसे में प्रत्येक प्रविष्टि स्पष्ट, सटीक, समयबद्ध और निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप होना आवश्यक है।
काट-छांट से बचने, नियमित निरीक्षण के निर्देश
प्रशिक्षण में रजिस्टरों में अनावश्यक काट-छांट से बचने, लंबित प्रविष्टियों को समय पर पूरा करने तथा संबंधित अधिकारियों द्वारा रिकॉर्ड का नियमित निरीक्षण और सत्यापन सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया। सभी प्रधान आरक्षक मुहर्रिर एवं मददगारों को अपने-अपने थानों में अभिलेखों का नियमित अद्यतन और सुरक्षित संधारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
पुलिस विभाग के अनुसार यह प्रशिक्षण थाना स्तर की रिकॉर्ड व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित, पारदर्शी और प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे पुलिस कार्रवाई से जुड़े अभिलेखों के रखरखाव में एकरूपता आने के साथ आवश्यक रिकॉर्ड समय पर उपलब्ध कराने में भी मदद मिलेगी।
