खेतों में पहुंचीं छात्राएं, विज्ञान से समझी खेती की नई राह
कृषि विज्ञान केंद्र के शैक्षणिक भ्रमण में धान, कोचई, जिमीकंद से लेकर मशरूम उत्पादन तक की ली जानकारी; कड़कनाथ, बटेर व बकरी पालन भी देखा

नारायणपुर। किताबों में पढ़ी कृषि की तकनीक जब छात्राओं ने खेत और प्रक्षेत्र में प्रत्यक्ष देखी तो खेती की बारीकियां और भी आसान हो गईं। शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, बंगलापारा, नारायणपुर की कृषि विषय की छात्राओं ने कृषि विज्ञान केंद्र का शैक्षणिक भ्रमण किया। इस दौरान छात्राएं आधुनिक एवं वैज्ञानिक कृषि तकनीकों से रूबरू हुईं और कृषि आधारित गतिविधियों को करीब से समझा।

विद्यालय के प्राचार्य कमलेश सिंह एवं प्रभारी प्राचार्य कृपा राम कोलियारे के मार्गदर्शन में कृषि शिक्षक के नेतृत्व में आयोजित भ्रमण का उद्देश्य छात्राओं को कृषि शिक्षा के व्यावहारिक और तकनीकी पक्ष से परिचित कराना रहा।
धान से जिमीकंद तक प्रक्षेत्रों का अवलोकन
भ्रमण के दौरान छात्राओं ने कृषि विज्ञान केंद्र में संचालित विभिन्न प्रक्षेत्रों और गतिविधियों का प्रत्यक्ष अवलोकन किया। उन्होंने धान, कोचई, जिमीकंद एवं अन्य फसलों के प्रक्षेत्रों को देखा। कृषि वैज्ञानिकों एवं विषय विशेषज्ञों ने छात्राओं को उन्नत फसल उत्पादन, मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन, जैविक एवं प्राकृतिक खेती, उन्नत बीज, जैव उर्वरक, कीट-रोग प्रबंधन तथा खरपतवार नियंत्रण की वैज्ञानिक जानकारी दी।
खेती के साथ पशुपालन और मशरूम उत्पादन की भी पाठशाला
छात्राओं को कृषि आधारित आय के वैकल्पिक साधनों की जानकारी देते हुए कड़कनाथ पालन, बटेर पालन, बकरी पालन एवं मशरूम उत्पादन की व्यावहारिक प्रक्रिया भी समझाई गई। वैज्ञानिकों ने बताया कि स्थानीय संसाधनों का बेहतर उपयोग और वैज्ञानिक प्रबंधन अपनाकर कम लागत में उत्पादन बढ़ाया जा सकता है तथा कृषि को लाभकारी व्यवसाय का रूप दिया जा सकता है।
सवाल पूछे, वैज्ञानिकों से समझीं खेती की बारीकियां
भ्रमण के दौरान छात्राओं ने कृषि वैज्ञानिकों से विभिन्न विषयों पर संवाद किया और अपनी जिज्ञासाओं से जुड़े सवाल पूछे। वैज्ञानिकों ने छात्राओं को कृषि में तकनीकी नवाचार अपनाने तथा वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
कृषि में रोजगार से उद्यमिता तक के अवसर
छात्राओं को कृषि क्षेत्र में उपलब्ध रोजगार, स्वरोजगार और उद्यमिता की संभावनाओं से भी अवगत कराया गया। छात्राओं ने कृषि विज्ञान केंद्र की गतिविधियों में उत्साहपूर्वक सहभागिता की और पुस्तकीय ज्ञान को वास्तविक कृषि परिस्थितियों से जोड़कर समझा।
कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. दिब्येंदु दास ने छात्राओं को कृषि क्षेत्र में लगातार नई तकनीक सीखने, वैज्ञानिक सोच विकसित करने और भविष्य में कृषि एवं ग्रामीण विकास में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
इस अवसर पर कृषि विज्ञान केंद्र से डॉ. हरेन्द्र टोंडे, इंद्रकुमार एवं राकेश साहू तथा शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय से श्रीमती चंद्रकला एवं सुश्री साधना कचलाम उपस्थित रहीं।
विद्यालय शिक्षकों के अनुसार इस तरह के भ्रमण से विद्यार्थियों को पुस्तकीय ज्ञान के साथ प्रत्यक्ष अनुभव मिलता है। इससे कृषि के प्रति रुचि, वैज्ञानिक सोच, नवाचार की समझ और भविष्य की संभावनाओं को लेकर जागरूकता विकसित होती है। छात्राओं के लिए यह भ्रमण ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक अनुभव रहा।