साइबर ठगों पर अब सात हफ्ते की चोट, नारायणपुर में ‘साइबर जागृति’ का शंखनाद
सेल्फी से लेकर गांव की चौपाल तक चलेगा अभियान; यूपीआई फ्रॉड, डिजिटल अरेस्ट, फर्जी कॉल और जॉब ठगी से बचाव बताएगी पुलिस

(कैलाश सोनी) नारायणपुर। साइबर अपराध के बढ़ते खतरे के बीच छत्तीसगढ़ पुलिस ने अब जागरूकता को हथियार बनाकर प्रदेशव्यापी ‘साइबर जागृति अभियान’ शुरू किया है। 15 अगस्त से 2 अक्टूबर तक चलने वाले इस अभियान का नारायणपुर जिले में पुलिस अधीक्षक संदीप पटेल ने जिला स्तरीय शुभारंभ किया। पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में अभियान के लोगो और क्यूआर कोड का विमोचन किया गया।
पुलिस के मुताबिक अभियान का उद्देश्य केवल साइबर अपराध की जानकारी देना नहीं, बल्कि आम नागरिकों को ठगी के नए तौर-तरीकों के प्रति सजग कर साइबर सुरक्षा को जनअभियान बनाना है। प्रदेश स्तरीय अभियान का शुभारंभ राजधानी रायपुर में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा ने किया।

सेल्फी बनेगी साइबर जागरूकता का संदेश
अभियान की खास थीम ‘साइबर जागृति की एक सेल्फी’ रखी गई है। नागरिक छत्तीसगढ़ पुलिस और जिला पुलिस के सोशल मीडिया माध्यमों पर उपलब्ध लिंक अथवा क्यूआर कोड को स्कैन कर जागरूकता संदेश वाली सेल्फी फ्रेम में फोटो लेकर सोशल मीडिया पर साझा करेंगे। पुलिस का मानना है कि एक सेल्फी से निकला जागरूकता संदेश हजारों लोगों तक पहुंच सकता है।
एसपी संदीप पटेल ने जिलेवासियों से अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील करते हुए कहा कि साइबर अपराध के खिलाफ लड़ाई केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है। समाज के प्रत्येक वर्ग को मिलकर साइबर ठगी के खिलाफ जागरूकता फैलानी होगी।
सात सप्ताह, सात मुद्दे… हर वर्ग पर फोकस
नारायणपुर में 15 अगस्त से 2 अक्टूबर तक सात सप्ताह अलग-अलग विषयों पर केंद्रित रहेंगे।
पहला सप्ताह: स्कूल-कॉलेजों में डिजिटल सतर्कता और ऑनलाइन सुरक्षा की जानकारी दी जाएगी।
दूसरा सप्ताह: बैंकों एवं वित्तीय संस्थानों के सहयोग से यूपीआई फ्रॉड, वित्तीय धोखाधड़ी और सुरक्षित डिजिटल लेनदेन को लेकर जागरूकता होगी।
तीसरा सप्ताह: वरिष्ठ नागरिकों को डिजिटल अरेस्ट, फर्जी कॉल और ऑनलाइन ठगी के तरीकों से बचने की जानकारी दी जाएगी।
चौथा सप्ताह: महिला कॉलेजों एवं सामुदायिक समूहों में स्मार्टफोन की गोपनीयता, सुरक्षित ब्राउजिंग और डिजिटल सुरक्षा पर कार्यक्रम होंगे।
पांचवां सप्ताह: युवाओं को जॉब फ्रॉड, फिशिंग और ऑनलाइन रोजगार के नाम पर होने वाली ठगी से बचाव बताया जाएगा। इसके लिए रोजगार कार्यालय, आईटीआई और कौशल विकास केंद्रों में कार्यक्रम होंगे।
छठा सप्ताह: डेटा की गोपनीयता और सोशल मीडिया के सुरक्षित एवं जिम्मेदार उपयोग पर जागरूकता अभियान चलेगा।
सातवां सप्ताह: ग्राम पंचायतों और नगरीय निकायों में गांधी जयंती के अवसर पर ‘साइबर मुक्त छत्तीसगढ़’ का सामूहिक संकल्प लिया जाएगा।
चौक-चौराहों से सोशल मीडिया तक साइबर सुरक्षा का संदेश
अभियान को शहर से लेकर गांव तक पहुंचाने के लिए पुलिस की जिला स्तरीय टीमें और थाना पुलिस सार्वजनिक स्थानों, चौक-चौराहों, बाजारों, पार्कों सहित प्रमुख स्थानों पर पोस्टर-बैनर लगाएगी। इनमें अभियान का क्यूआर कोड भी प्रदर्शित किया जाएगा।
इसके अलावा पुलिस के सोशल मीडिया माध्यमों और विभिन्न व्हॉट्सऐप समूहों के जरिए साइबर सुरक्षा से जुड़े संदेश और अभियान की लिंक साझा की जाएगी।
एसपी की अपील—जागरूक रहें, जानकारी साझा न करें
एसपी संदीप पटेल ने नागरिकों से अपील की कि किसी अनजान व्यक्ति के साथ व्यक्तिगत, बैंकिंग अथवा वित्तीय जानकारी साझा न करें। संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि सामने आने पर तत्काल पुलिस थाना अथवा साइबर हेल्पलाइन को सूचना दें।
उन्होंने सामाजिक एवं व्यापारिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों, संस्थाओं, सोशल मीडिया से जुड़े लोगों, कलाकारों, युवाओं और विद्यार्थियों से भी अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की।
2 अक्टूबर को गांधी जयंती पर अभियान का समापन होगा। इस दौरान साइबर अपराध से सुरक्षित समाज के निर्माण का सामूहिक संकल्प लिया जाएगा।
पुलिस का संदेश
‘जागरूक बनें, सुरक्षित रहें—साइबर अपराध के विरुद्ध एकजुट हों।’




