नारायणपुर

आश्रम-छात्रावासों में व्यवस्थाओं की जांच, सहायक आयुक्त ने किया औचक निरीक्षण

आश्रम-छात्रावासों में व्यवस्थाओं की जांच, सहायक आयुक्त ने किया औचक निरीक्षण

नारायणपुर। जिले के आश्रम-छात्रावासों में विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और व्यवस्थाओं की निगरानी के लिए सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग तनुजा नाग ने शनिवार को ओरछा और नारायणपुर विकासखंड के विभिन्न आश्रम-छात्रावासों का औचक निरीक्षण किया। कलेक्टर नम्रता जैन के निर्देशानुसार किए गए इस निरीक्षण में उन्होंने आवास, भोजन, स्वास्थ्य देखभाल और साफ-सफाई की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। साथ ही संबंधित अधीक्षकों और कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

सात आश्रम-छात्रावासों की व्यवस्थाएं देखीं

निरीक्षण के दौरान सहायक आयुक्त ने ओरछा विकासखंड के बालक आश्रम गारपा, बालक आश्रम मसपुर, बालक आश्रम ताड़नार और बालक आश्रम बासिंग का निरीक्षण किया। वहीं, नारायणपुर विकासखंड में प्री-मैट्रिक बालक छात्रावास सोनपुर, बालक आश्रम सोनपुर और कन्या आश्रम सोनपुर पहुंचकर व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने संस्थाओं में विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की समीक्षा करते हुए निर्धारित मापदंडों के अनुरूप व्यवस्था संचालित करने के निर्देश दिए।

भोजन की गुणवत्ता और पोषण पर जोर

सहायक आयुक्त तनुजा नाग ने अधीक्षकों और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को नियमित रूप से संस्थाओं में उपस्थित रहने और जिम्मेदारी से कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आवासीय संस्थाओं में बच्चों की देखभाल, सुरक्षा और आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना संबंधित कर्मचारियों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।

उन्होंने विद्यार्थियों को निर्धारित मेनू के अनुसार समय पर गुणवत्तापूर्ण और पौष्टिक नाश्ता व भोजन उपलब्ध कराने पर जोर दिया। भोजन तैयार करने और वितरण के दौरान स्वच्छता बनाए रखने तथा खाद्य सामग्री के उचित रखरखाव के निर्देश भी दिए।

बीमार होने पर तत्काल मिले उपचार

निरीक्षण के दौरान विद्यार्थियों के स्वास्थ्य की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए गए। सहायक आयुक्त ने कहा कि किसी विद्यार्थी की तबीयत खराब होने पर उसे तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाकर जांच और आवश्यक उपचार की व्यवस्था की जाए। बच्चों के स्वास्थ्य और देखभाल में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।

इसके साथ ही विद्यार्थियों की उपस्थिति, भोजन व्यवस्था और अन्य जरूरी पंजियों व अभिलेखों का नियमित एवं व्यवस्थित संधारण सुनिश्चित करने को कहा गया।

परिसर की साफ-सफाई नियमित करने के निर्देश

सहायक आयुक्त ने आश्रम-छात्रावासों के आवासीय कक्षों, रसोईघर, भोजन कक्ष, शौचालय और आसपास के परिसर में नियमित साफ-सफाई बनाए रखने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को स्वच्छ, सुरक्षित और स्वास्थ्यकर वातावरण उपलब्ध कराना जरूरी है, ताकि वे बेहतर माहौल में रहकर पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित कर सकें।

उन्होंने सभी अधीक्षकों और कर्मचारियों को नियमों का पालन करते हुए संस्थाओं की व्यवस्थाएं सुचारू रखने तथा विद्यार्थियों की सुविधाओं और सुरक्षा के प्रति सतर्क रहने के निर्देश दिए।

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