जिला जेल में अचानक पहुंचे प्रधान न्यायाधीश, बंदियों से रूबरू होकर सुनी समस्याएं
मूलभूत सुविधाओं से लेकर स्वास्थ्य, भोजन, स्वच्छता और सुरक्षा व्यवस्था का लिया जायजा; बंदियों के अधिकारों के संरक्षण के दिए निर्देश

नारायणपुर, 16 सितंबर। जिला जेल नारायणपुर में बुधवार को उस समय प्रशासनिक अमला सतर्क नजर आया, जब प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण खिलावन राम रिगरी ने जेल का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने जेल परिसर की व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लेते हुए बंदियों को उपलब्ध कराई जा रही मूलभूत सुविधाओं, सुरक्षा, स्वच्छता, भोजन, पेयजल, चिकित्सा एवं आवासीय व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया।

बंदियों से सीधे संवाद, जानी समस्याएं
निरीक्षण के दौरान प्रधान न्यायाधीश ने बंदियों से व्यक्तिगत रूप से संवाद कर उनकी समस्याओं और आवश्यकताओं की जानकारी ली। बंदियों से प्राप्त आवेदनों एवं शिकायतों के संबंध में संबंधित अधिकारियों को त्वरित एवं विधिसम्मत निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने बंदियों को निःशुल्क विधिक सहायता की जानकारी देते हुए बताया कि आर्थिक अथवा अन्य कारणों से अधिवक्ता उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से विधिक सहायता प्राप्त की जा सकती है।
जमानत और कानूनी प्रक्रिया की भी दी जानकारी
प्रधान न्यायाधीश ने बताया कि आरोपियों को जमानत पेश करने तथा आवश्यक शपथ पत्र के लिए जेल में नोटरी की व्यवस्था किए जाने की प्रक्रिया उपलब्ध कराई जाएगी। उच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार आरोपियों की पेशी संबंधी आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
अभिलेखों से लेकर स्वास्थ्य व्यवस्था तक परखी
निरीक्षण के दौरान जेल के विभिन्न अभिलेखों, बंदियों के स्वास्थ्य परीक्षण, मुलाकात रजिस्टर, साफ-सफाई तथा अन्य आवश्यक दस्तावेजों का भी अवलोकन किया गया। जेल प्रशासन को परिसर में स्वच्छ एवं अनुशासित वातावरण बनाए रखने के निर्देश दिए गए।
न्यायाधीश ने कहा कि प्रत्येक बंदी के संवैधानिक एवं मानवाधिकारों का संरक्षण सुनिश्चित किया जाना चाहिए। शासन द्वारा निर्धारित सुविधाएं बंदियों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्वक उपलब्ध कराने के साथ स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावी बनाने पर भी विशेष जोर दिया।
पुनर्वास और सुधारात्मक गतिविधियों पर जोर
जेल प्रशासन को बंदियों के पुनर्वास एवं सुधारात्मक गतिविधियों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। साथ ही व्यवस्थाओं का नियमित अनुश्रवण करने और किसी भी समस्या के सामने आने पर उसका शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने को कहा गया।
न्यायिक निरीक्षण का उद्देश्य अधिकारों का संरक्षण
प्रधान न्यायाधीश खिलावन राम रिगरी ने कहा कि न्यायिक निरीक्षण का उद्देश्य बंदियों के अधिकारों का संरक्षण सुनिश्चित करने के साथ जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी बनाना है। उन्होंने जेल में उपलब्ध व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए।
ये रहे मौजूद: निरीक्षण के दौरान अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश जितेंद्र कुमार ठाकुर, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट बरखा रानी वर्मा, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव गायत्री साय, जेल अधीक्षक संजय कुमार नायक, न्यायालय प्रशासनिक अधिकारी आर.एन. नाग एवं प्रतिधारक अधिवक्ता चन्द्रप्रकाश कश्यप सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।



