अबूझमाड़ के मंडाली में पहुंची ‘माड़ मैत्री’, 72 पशुओं का उपचार
पुलिस-आईटीबीपी की संयुक्त पहल से दूरस्थ गांव में पशु चिकित्सा शिविर, ग्रामीणों को बांटी जरूरी दवाइयां

नारायणपुर/ओरछा। अबूझमाड़ के दूरस्थ इलाकों में सुरक्षा के साथ जनसेवा और जरूरी सुविधाओं की पहुंच बढ़ाने के उद्देश्य से नारायणपुर पुलिस एवं 29वीं वाहिनी आईटीबीपी की ओर से ‘माड़ मैत्री अभियान’ के तहत मंडाली गांव में पशु चिकित्सा शिविर लगाया गया। मंगलवार को आयोजित शिविर में ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। पशु चिकित्सा टीम ने 72 पशुओं की जांच एवं उपचार किया और ग्रामीणों को आवश्यक दवाइयां भी वितरित कीं।

गाय से लेकर मुर्गियों तक का हुआ उपचार
शिविर में कुल 72 पशुओं की स्वास्थ्य जांच की गई। इनमें 23 गाय, 20 बकरी, 27 मुर्गियां और 2 श्वान शामिल रहे। पशु चिकित्सा टीम ने पशुओं की स्थिति की जांच कर आवश्यक उपचार किया। साथ ही ग्रामीणों को पशुओं के स्वास्थ्य एवं देखभाल से संबंधित जरूरी जानकारी भी दी गई।

दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंच रहीं सेवाएं
माड़ मैत्री अभियान का उद्देश्य अबूझमाड़ के दुर्गम एवं दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ जनकल्याणकारी गतिविधियों को बढ़ावा देना है। इसी कड़ी में मंडाली जैसे दूरस्थ गांव में पशु चिकित्सा शिविर आयोजित कर ग्रामीणों और सुरक्षा बलों के बीच समन्वय एवं विश्वास को मजबूत करने का प्रयास किया गया।
एसपी और आईटीबीपी कमान अधिकारी के मार्गदर्शन में आयोजन
शिविर का आयोजन पुलिस अधीक्षक नारायणपुर संदीप कुमार पटेल (आईपीएस) एवं 29वीं वाहिनी आईटीबीपी के कमान अधिकारी के मार्गदर्शन में किया गया। 29वीं वाहिनी आईटीबीपी के वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. पी.बी. सिंह के नेतृत्व में पशु चिकित्सा टीम ने ग्रामीणों के पशुओं की जांच एवं उपचार किया।
ग्रामीणों ने जताया आभार
शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे और अपनी पशुधन संबंधी समस्याओं का समाधान कराया। दूरस्थ क्षेत्र में चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की इस पहल पर ग्रामीणों ने नारायणपुर पुलिस एवं आईटीबीपी का आभार जताते हुए अभियान की सराहना की।
पुलिस एवं आईटीबीपी की ओर से कहा गया कि माड़ मैत्री अभियान के माध्यम से अबूझमाड़ के ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा के साथ जनकल्याण एवं आवश्यक सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के प्रयास लगातार जारी रहेंगे।




