स्वच्छ पाठशाला में गूंजा स्वच्छता का संदेश
‘युवा फॉर स्वच्छता’ अभियान के तहत विद्यार्थियों को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की दी जानकारी, स्वच्छता क्विज में बच्चों ने दिखाया उत्साह

नारायणपुर। स्वच्छता को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने और विद्यार्थियों के माध्यम से परिवार एवं समुदाय तक स्वच्छता का संदेश पहुंचाने के उद्देश्य से जिले के विद्यालयों में ‘स्वच्छ पाठशाला-युवा फॉर स्वच्छता’ जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। कलेक्टर नम्रता जैन के निर्देश और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी चित्रकांत चाली ठाकुर के मार्गदर्शन में यह अभियान स्वच्छता ही सेवा अभियान-2026 के तहत संचालित किया जा रहा है।
इसी क्रम में शासकीय प्राथमिक शाला बिंजली में विद्यार्थियों को स्वच्छता एवं ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के प्रति जागरूक करने के लिए विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया।
गीला-सूखा कचरा अलग रखने की समझाइश
अभियान के दौरान विद्यार्थियों को SWM Rules 2026 के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई। बच्चों को ठोस एवं गीले कचरे के उचित प्रबंधन, कचरे के पृथक्करण और स्वच्छता के महत्व के बारे में समझाया गया।
विद्यार्थियों को बताया गया कि घर, स्कूल और आसपास के सार्वजनिक स्थानों पर कचरे को व्यवस्थित तरीके से रखना और उसका उचित निपटान करना स्वच्छ वातावरण के लिए जरूरी है। साथ ही बच्चों को अपने आसपास साफ-सफाई बनाए रखने तथा स्वच्छता संबंधी अच्छी आदतों को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया गया।
क्विज में बच्चों ने दिखाया उत्साह
अभियान के दौरान विद्यार्थियों की सहभागिता बढ़ाने और स्वच्छता से संबंधित उनके ज्ञान को परखने के लिए स्वच्छता क्विज का आयोजन भी किया गया। इसमें छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया और स्वच्छता एवं ठोस अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़े सवालों के जवाब दिए।
क्विज में सही उत्तर देने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कृत कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को यह संदेश दिया गया कि स्वच्छता केवल किसी एक व्यक्ति या विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि परिवार, विद्यालय और पूरे समुदाय की सामूहिक जिम्मेदारी है।
बच्चों के जरिए घर-घर पहुंचेगा स्वच्छता संदेश
अभियान का उद्देश्य विद्यार्थियों को स्वच्छता का जागरूक दूत बनाते हुए उन्हें अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के लिए प्रेरित करना है। विद्यालय में आयोजित गतिविधियों के माध्यम से बच्चों में स्वच्छता, कचरा पृथक्करण और पर्यावरण संरक्षण के प्रति व्यवहारिक समझ विकसित करने पर जोर दिया गया।




