पुस्तकों से बढ़ेगा ज्ञान, डिजिटल संसाधनों से आसान होगी पढ़ाई
महिला महाविद्यालय में नवप्रवेशित छात्राओं के लिए पुस्तकालय उपयोगकर्ता अभिमुखीकरण कार्यक्रम

OPAC, कॉल नंबर और SOUL सॉफ्टवेयर की दी जानकारी; पठन संस्कृति व स्व-अध्ययन को बढ़ावा देने पर जोर
नारायणपुर। वीरांगना रामोतीन माड़िया शासकीय आदर्श महिला महाविद्यालय, नारायणपुर में नवप्रवेशित छात्राओं को पुस्तकालय की सुविधाओं और संसाधनों से परिचित कराने के उद्देश्य से पुस्तकालय उपयोगकर्ता अभिमुखीकरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में छात्राओं को पुस्तकों के साथ डिजिटल संसाधनों के उपयोग, पुस्तक निर्गमन-वापसी प्रक्रिया और पुस्तकालय की विभिन्न सेवाओं की जानकारी दी गई।

महाविद्यालय के प्राचार्य बी.डी. चंडक ने कहा कि ग्रंथालय विद्यार्थियों के ज्ञान-विस्तार, अध्ययन और व्यक्तित्व विकास का महत्वपूर्ण केंद्र है। उन्होंने छात्राओं से नियमित रूप से पुस्तकालय का उपयोग करने और उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया।
नियमित पठन से विकसित होगी अध्ययन की आदत
शासकीय स्वामी आत्मानंद स्नातकोत्तर महाविद्यालय, नारायणपुर के प्रभारी प्राचार्य डॉ. एसआर कुंजाम ने अध्ययन में पुस्तकालय की उपयोगिता पर प्रकाश डाला। उन्होंने छात्राओं को नियमित पठन की आदत विकसित करने और पुस्तकों एवं अन्य सूचना स्रोतों का निरंतर उपयोग कर अपने शैक्षणिक विकास को बेहतर बनाने के लिए प्रेरित किया।
महाविद्यालय के प्राध्यापक डॉ. अनिल कुमार भतपहरी ने पठन संस्कृति, साहित्य और ज्ञानार्जन के महत्व पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि पुस्तकों से जुड़ाव विद्यार्थियों के ज्ञान के साथ-साथ उनके व्यक्तित्व निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने छात्राओं को स्व-अध्ययन की प्रवृत्ति विकसित करने के लिए प्रेरित किया।
OPAC से खोजें किताब, कॉल नंबर से पहुंचेगी शेल्फ तक
ग्रंथालयाध्यक्ष डॉ. क्षमा ठाकुर ने छात्राओं को पुस्तकालय की व्यवस्थाओं और सेवाओं की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पुस्तकालय में पाठ्य एवं संदर्भ पुस्तकें, पत्र-पत्रिकाएं, समाचार पत्र तथा डिजिटल संसाधन उपलब्ध हैं।
छात्राओं को पुस्तकालय सदस्यता, पुस्तक निर्गमन एवं वापसी, नवीनीकरण और पठन कक्ष के उपयोग की प्रक्रिया समझाई गई। इसके साथ ही OPAC (Online Public Access Catalogue) के माध्यम से मनपसंद पुस्तक खोजने और उसके Call Number के आधार पर संबंधित शेल्फ से पुस्तक प्राप्त करने की व्यावहारिक जानकारी दी गई।
SOUL सॉफ्टवेयर से पुस्तकालय सेवाओं की जानकारी
कार्यक्रम में SOUL Library Management Software के माध्यम से पुस्तकालय स्वचालन और विभिन्न सेवाओं के संचालन की जानकारी भी दी गई। छात्राओं को डिजिटल माध्यम से उपलब्ध सूचना संसाधनों का प्रभावी उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
‘पुस्तकालय के पांच नियम’ भी बताए
कार्यक्रम के दौरान डॉ. एस.आर. रंगनाथन के पुस्तकालय विज्ञान के पांच नियमों से छात्राओं को अवगत कराया गया। नियमित पठन, सूचना साक्षरता और स्व-अध्ययन को विद्यार्थी जीवन का हिस्सा बनाने पर जोर दिया गया। साथ ही पुस्तकालय के नियमों, पुस्तकों के उचित रख-रखाव और संसाधनों के जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग के संबंध में भी जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में प्राचार्य बी.डी. चंडक, वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. अनिल कुमार भतपहरी, सहायक प्राध्यापक सुश्री निहारिका शोरी, अतिथि व्याख्याता एवं महाविद्यालय के कर्मचारी उपस्थित रहे। आयोजन का उद्देश्य छात्राओं में पठन संस्कृति, सूचना साक्षरता और स्व-अध्ययन की प्रवृत्ति को मजबूत करना रहा।