आमदई माइंस की सड़क पर बवाल, चार पंचायतों के ग्रामीणों ने प्रबंधन से मांगा जवाब
बिना सूचना सड़क निर्माण का आरोप, निको प्रबंधन ने बताया—192 हेक्टेयर लीज क्षेत्र में ड्रिल मशीन पहुंचाने के लिए बन रही पगडंडी

नारायणपुर/छोटेडोंगर। जिले के ओरछा मार्ग स्थित ग्राम पंचायत राजपुर में मंगलवार को आमदई आयरन माइंस प्रभावित क्षेत्र में सड़क निर्माण को लेकर ग्रामीणों और निको माइंस प्रबंधन के बीच विवाद की स्थिति बन गई। राजपुर, रायनार, धनोरा और चमेली पंचायतों के सरपंच, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे और सड़क निर्माण को लेकर प्रबंधन, राजस्व विभाग के पटवारी तथा वन विभाग के अधिकारियों से जवाब मांगा।

ग्रामीणों का कहना था कि ग्राम पंचायतों को बिना सूचना दिए जंगल के बीच सड़क का निर्माण कराया जा रहा है। ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि सड़क किस योजना के तहत और किस उद्देश्य से बनाई जा रही है, इसकी जानकारी पंचायतों और ग्रामीणों को क्यों नहीं दी गई।

नक्शा दिखाकर प्रबंधन ने बताई वजह
ग्रामीणों के सवालों पर निको कंपनी के सहायक महाप्रबंधक एच.एन. झा ने माइंस का नक्शा प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि निर्माणाधीन मार्ग आमदई आयरन माइंस के 192 हेक्टेयर लीज क्षेत्र में आने वाली पहाड़ी पर ड्रिल मशीन पहुंचाने के लिए बनाया जा रहा है। प्रबंधन के अनुसार यह कोई बड़ी सड़क नहीं, बल्कि पगडंडी के रूप में मार्ग है। इसके निर्माण के लिए शासन और संबंधित पंचायत से अनुमति लिए जाने की बात भी प्रबंधन ने ग्रामीणों के समक्ष रखी।


चार पंचायतों ने उठाया विकास का मुद्दा
बैठक के दौरान चारों प्रभावित पंचायतों के सरपंचों और जनप्रतिनिधियों ने माइंस प्रबंधन के समक्ष गांवों में विकास कार्यों का मुद्दा उठाया। उनका कहना था कि कंपनी ने सात प्रभावित पंचायतों को गोद लेने की बात कही है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में अपेक्षित ठोस काम नजर नहीं आ रहे हैं।
ग्रामीणों ने माइंस से होने वाली गतिविधियों के साथ प्रभावित गांवों के विकास को भी प्राथमिकता देने की मांग रखी।

स्थानीय युवाओं को रोजगार देने की मांग
बैठक में बड़ी संख्या में मौजूद बेरोजगार युवाओं ने भी आमदई माइंस में स्थानीय युवाओं को रोजगार देने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। युवाओं का कहना था कि क्षेत्र में खनन गतिविधियां संचालित होने के बावजूद स्थानीय बेरोजगारों को रोजगार के पर्याप्त अवसर मिलना चाहिए।
इस पर निको प्रबंधन की ओर से बताया गया कि अब तक आमदई माइंस में 500 से अधिक स्थानीय बेरोजगार युवाओं को रोजगार दिया जा चुका है। प्रबंधन ने कहा कि आने वाले समय में माइनिंग कार्य की प्रगति और आवश्यकता के आधार पर स्थानीय युवाओं को रोजगार के और अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।
सड़क निर्माण से आगे बढ़कर विकास पर भी चर्चा
बैठक में सड़क निर्माण को लेकर उठे सवालों के साथ प्रभावित पंचायतों में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। ग्रामीणों और प्रबंधन के बीच हुई बातचीत में माइंस गतिविधियों के साथ स्थानीय हितों और क्षेत्रीय विकास को लेकर अपेक्षाओं पर जोर रहा।