पोषण लड्डू ने बदली बच्चों की सेहत की तस्वीर, पहले महीने में 92 बच्चे कुपोषण की गंभीर श्रेणी से बाहर
नारायणपुर में पोषण अभियान के दिखने लगे सकारात्मक परिणाम, 151 बच्चों के वजन में हुई वृद्धि; 29 बच्चे गंभीर कुपोषण से मध्यम श्रेणी में पहुंचे, 63 बच्चों ने हासिल किया सामान्य पोषण स्तर

नारायणपुर। कुपोषण के खिलाफ जंग में अब पोषण लड्डू बच्चों की सेहत सुधारने का नया माध्यम बनता नजर आ रहा है। जिले में बच्चों को नियमित पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई पोषण लड्डू वितरण पहल के शुरुआती नतीजे उत्साहजनक हैं। कार्यक्रम शुरू होने के पहले ही महीने में 151 बच्चों के वजन में सकारात्मक वृद्धि दर्ज की गई, जबकि 92 बच्चों ने कुपोषण की गंभीर श्रेणियों से बाहर निकलकर बेहतर पोषण स्तर की ओर कदम बढ़ाया है। इनमें 29 बच्चे अति गंभीर कुपोषण (SAM) से मध्यम गंभीर कुपोषण (MAM) की श्रेणी में पहुंचे हैं।
सितंबर से शुरू हुई पहल, 9 हजार से अधिक बच्चों को लाभ
राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप कुपोषण मुक्त बचपन सुनिश्चित करने के लिए कलेक्टर श्रीमती नम्रता जैन के विशेष मार्गदर्शन में महिला एवं बाल विकास विभाग ने सितंबर 2026 से जिले में पोषण लड्डू वितरण कार्यक्रम शुरू किया। इसके तहत जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में 3 से 6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को प्रतिदिन 25 ग्राम का एक पौष्टिक पोषण लड्डू दिया जा रहा है।
इस पहल में सामान्य पोषण स्तर वाले बच्चों के साथ-साथ अति गंभीर कुपोषित (SAM) और मध्यम गंभीर कुपोषित (MAM) बच्चों को भी शामिल किया गया है। वर्तमान में जिले के 9,084 चिन्हांकित बच्चों को इस कार्यक्रम का लाभ मिल रहा है। इसका उद्देश्य बच्चों को अतिरिक्त पोषण उपलब्ध कराकर उनके शारीरिक विकास को बेहतर बनाना और कुपोषण की स्थिति में सुधार लाना है।
29 बच्चे SAM से MAM में पहुंचे, 63 ने पाया सामान्य पोषण स्तर
सितंबर 2026 में किए गए प्रारंभिक मूल्यांकन में बच्चों के पोषण स्तर में महत्वपूर्ण बदलाव सामने आए हैं। आंकड़ों के अनुसार 29 बच्चे अति गंभीर कुपोषण (SAM) की श्रेणी से निकलकर मध्यम गंभीर कुपोषण (MAM) में पहुंचे हैं। वहीं 63 बच्चे मध्यम गंभीर कुपोषण (MAM) की श्रेणी से बाहर निकलकर सामान्य पोषण स्तर तक पहुंचने में सफल हुए हैं।
इस प्रकार कुल 92 बच्चों ने कुपोषण की गंभीर श्रेणियों से बाहर निकलकर सुधार दर्ज किया है। वहीं कुल 151 बच्चों के वजन में सकारात्मक वृद्धि दर्ज होना कार्यक्रम के शुरुआती प्रभाव को दर्शाता है।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की सक्रियता और तकनीकी सहयोग से मिल रही गति
कार्यक्रम को प्रभावी बनाने के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की सक्रिय सहभागिता के साथ बच्चों के स्वास्थ्य और वजन की नियमित निगरानी की जा रही है। पौष्टिक आहार वितरण, सतत मूल्यांकन और विभागीय समन्वय के माध्यम से बच्चों की पोषण स्थिति में सुधार लाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
इस पहल के बेहतर क्रियान्वयन, तकनीकी मार्गदर्शन और निगरानी के लिए यूनिसेफ, राज्य उत्कृष्टता केंद्र, बाल एवं शिशु रोग विभाग तथा एम्स रायपुर की ओर से भी तकनीकी सहयोग प्रदान किया जा रहा है।
कुपोषण मुक्त जिले की दिशा में बढ़ते कदम
नारायणपुर में पोषण लड्डू वितरण कार्यक्रम के शुरुआती परिणामों ने कुपोषण के खिलाफ चल रही मुहिम को नई उम्मीद दी है। हालांकि बच्चों का पोषण स्तर बनाए रखने और स्थायी सुधार सुनिश्चित करने के लिए नियमित आहार, स्वास्थ्य जांच और सतत निगरानी की आवश्यकता बनी रहेगी। जिला प्रशासन का लक्ष्य है कि प्रत्येक पात्र बच्चे तक पोषण संबंधी योजनाओं का लाभ पहुंचे और सामूहिक प्रयासों से जिले को कुपोषण मुक्त बनाने की दिशा में लगातार प्रगति हो।



