बस्तर की माटी की खुशबू ने जीता दिल! रिलीज होते ही छा गया हल्बी गीत, पहले दिन से ही मचा रहा धमाल
Maadh Music की पेशकश ‘कितरो सुन्दर मचो डोंगर चो माटी’ को मिल रहा दर्शकों का जबरदस्त प्यार; स्थानीय कलाकारों के अभिनय, पारंपरिक नृत्य और बस्तर की संस्कृति ने गीत को बनाया खास

नारायणपुर/छोटेडोंगर। बस्तर की खूबसूरत वादियां, हरे-भरे डोंगर, जंगलों की प्राकृतिक छटा और आदिवासी संस्कृति की अनूठी झलक… जब इन सबको हल्बी भाषा के सुरों में पिरोया गया तो ऐसा गीत सामने आया, जिसने रिलीज होते ही लोगों का ध्यान खींच लिया। Maadh Music के बैनर तले रिलीज हुआ हल्बी गीत ‘कितरो सुन्दर मचो डोंगर चो माटी’ पहले ही दिन से यूट्यूब और सोशल मीडिया पर चर्चा में है। बस्तर की माटी से जुड़ी भावनाओं को आवाज देने वाले इस गीत को दर्शकों का अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है।

अपनी भाषा, अपनी संस्कृति और अपनी माटी का संगम
यह गीत महज मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि बस्तर की लोकसंस्कृति और पहचान को सामने लाने का प्रयास है। गीत में यहां की आदिवासी परंपराओं, पारंपरिक नृत्य, लोक वेशभूषा, प्राकृतिक सौंदर्य और ग्रामीण जीवन की सहजता को खूबसूरती से प्रस्तुत किया गया है।
हल्बी भाषा के बोल ‘कितरो सुन्दर मचो डोंगर चो माटी’ बस्तर की धरती के प्रति लोगों के प्रेम और अपनत्व को दर्शाते हैं। यही वजह है कि स्थानीय भाषा और संस्कृति से जुड़ा यह गीत लोगों को अपनी मिट्टी की याद दिला रहा है।
स्थानीय कलाकारों ने अभिनय और नृत्य से डाली जान
गीत की खासियत इसकी स्थानीय प्रतिभाएं हैं। कलाकार वतिका नेताम और पंकज नाग ने अभिनय और नृत्य के माध्यम से गीत को जीवंत बनाया है। वहीं गांव की पारंपरिक नृत्य टोली ने बस्तर की सांस्कृतिक विरासत और लोकजीवन के वास्तविक रंगों को पर्दे पर उतारा है।
गीत के दृश्यांकन में प्राकृतिक परिवेश और पारंपरिक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का सुंदर मेल देखने को मिलता है। स्थानीय कलाकारों को मंच देने की यह पहल क्षेत्र की प्रतिभाओं को आगे लाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
स्थानीय प्रतिभाओं की टीम ने तैयार किया गीत
इस गीत के निर्माण में बस्तर से जुड़े कलाकारों और तकनीकी टीम का योगदान रहा है।
- गीत: कितरो सुन्दर मचो डोंगर चो माटी (हल्बी गीत)
- गायक एवं गीतकार: ललित बेलसरिया
- मुख्य कलाकार: वतिका नेताम एवं पंकज नाग
- संगीत: MD Kaif
- कोरियोग्राफी: वतिका नेताम एवं पंकज नाग
- निर्देशन, छायांकन एवं संपादन: लकी मरकाम (RRD Film Studio, कोण्डागांव)
- विशेष सहयोग: पवन कचलाम, चंदन यादव, बोधन नाग एवं टीम
- निर्माण: Maadh Music
- रिलीज प्लेटफॉर्म: Maadh Music यूट्यूब चैनल
क्या बस्तर का नया सांस्कृतिक गीत बनेगा यह लोकगीत?
रिलीज के पहले ही दिन से मिल रहा दर्शकों का प्यार इस बात का संकेत है कि स्थानीय भाषा और संस्कृति से जुड़ी प्रस्तुतियों के प्रति लोगों का आकर्षण लगातार बढ़ रहा है। ‘कितरो सुन्दर मचो डोंगर चो माटी’ ने एक बार फिर साबित किया है कि अपनी माटी की कहानी जब अपनी ही भाषा में कही जाती है, तो उसका असर सीधे दिल तक पहुंचता है।
अब देखना होगा कि दर्शकों का यह शुरुआती उत्साह आने वाले दिनों में इस गीत को बस्तर की सांस्कृतिक पहचान से जुड़े लोकप्रिय गीतों में कितनी ऊंचाई तक पहुंचाता है।




