नारायणपुर

किताबों से निकलकर टावर तक पहुंचे विद्यार्थी, जाना कैसे दौड़ता है मोबाइल नेटवर्क

भाटपाल के 54 छात्र-छात्राओं ने किया जियो टावर का शैक्षणिक भ्रमण; ऑप्टिकल फाइबर, बीटीएस और 4G-5G तकनीक की बारीकियां समझीं

नारायणपुर। मोबाइल पर इंटरनेट कैसे चलता है, टावर से सिग्नल कैसे पहुंचते हैं और ऑप्टिकल फाइबर के जरिए डेटा का संचार किस तरह होता है? इन सवालों के जवाब शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भाटपाल के विद्यार्थियों को किताबों से बाहर निकलकर तकनीकी दुनिया में जानने का अवसर मिला। विद्यालय के कक्षा नौवीं और ग्यारहवीं के लगभग 54 छात्र-छात्राओं ने बुधवार को जियो टावर का शैक्षणिक भ्रमण कर दूरसंचार तकनीक की व्यवहारिक जानकारी हासिल की।

लाइव डेमो से समझी नेटवर्क की कार्यप्रणाली

विद्यालय के टेलीकॉम व्यावसायिक प्रशिक्षक चोवालाल देवांगन के नेतृत्व में आयोजित इस औद्योगिक भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने ऑप्टिकल फाइबर केबल, कंट्रोल पैनल बॉक्स, बेस ट्रांसीवर स्टेशन (बीटीएस) और 4G-5G नेटवर्क प्रणाली के बारे में जानकारी प्राप्त की। जियो के तकनीकी विशेषज्ञ भरत सलाम ने लाइव डेमो के माध्यम से समझाया कि मोबाइल टावर किस प्रकार सिग्नल प्रसारित करता है और ऑप्टिकल फाइबर के जरिए इंटरनेट डेटा एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचता है।

विद्यार्थियों को यह भी बताया गया कि आधुनिक दूरसंचार तकनीक शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल कनेक्टिविटी को किस तरह मजबूत बना रही है। नेटवर्क के रखरखाव, तकनीकी उपकरणों और फाइबर कनेक्शन की मरम्मत से जुड़ी प्रक्रियाओं की जानकारी ने भ्रमण को और उपयोगी बनाया।

सवाल पूछकर जिज्ञासाओं का किया समाधान

भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने तकनीकी विशेषज्ञों से कई सवाल पूछे। कक्षा नौवीं के छात्र शिवकुमार ने बताया कि इस भ्रमण से उन्हें बीटीएस टावर की कार्यप्रणाली, मोबाइल सिग्नल के प्रसारण और ऑप्टिकल फाइबर केबल की भूमिका को करीब से समझने का अवसर मिला। साथ ही ओएफसी तकनीशियन समूह के कार्यों की जानकारी भी मिली।

तकनीकी करियर के लिए मिलेगा प्रोत्साहन

टेलीकॉम व्यावसायिक प्रशिक्षक चोवालाल देवांगन ने कहा कि इस प्रकार के औद्योगिक भ्रमण विद्यार्थियों के भविष्य के लिए उपयोगी साबित होते हैं। किताबों में पढ़ी दूरसंचार की अवधारणाओं को वास्तविक परिस्थितियों में देखने और समझने से विषय के प्रति रुचि बढ़ती है। इससे विद्यार्थियों को तकनीकी क्षेत्र में करियर बनाने की प्रेरणा मिलती है।

विद्यालय के प्राचार्य भरत चंद्र देहारी ने कहा कि शैक्षणिक भ्रमण और व्यावहारिक गतिविधियां विद्यार्थियों को वास्तविक परिस्थितियों से परिचित कराती हैं। इससे उनकी सीखने-समझने की क्षमता विकसित होती है और किताबी ज्ञान को व्यवहार में समझने का अवसर मिलता है।

ग्रामीण अंचलों में डिजिटल कनेक्टिविटी पर जोर

भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने जाना कि तेज गति के इंटरनेट के लिए ऑप्टिकल फाइबर की अहम भूमिका है, जबकि बीटीएस मोबाइल नेटवर्क के संचालन में महत्वपूर्ण कड़ी है। 4G और 5G जैसी तकनीकें संचार के साथ शिक्षा, चिकित्सा, कृषि, रोजगार और अनुसंधान के क्षेत्रों में भी नए अवसर उपलब्ध करा रही हैं। विद्यार्थियों को नेटवर्क की सतत निगरानी, सुरक्षा और तकनीकी रखरखाव के महत्व से भी अवगत कराया गया।

इस अवसर पर विद्यालय स्टाफ से कीर्ति तिवारी, अंजली मंडावी और सोपसिंह कुमेटी उपस्थित रहे। भ्रमण के अंत में प्रशिक्षक चोवालाल देवांगन ने विद्यार्थियों को उपयोगी तकनीकी जानकारी देने के लिए जियो की टीम के प्रति आभार व्यक्त किया।

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