नारायणपुर

आजादी के बाद पहली बार रावघाट पहुंची रेल, बस्तर के विकास को मिली नई रफ्तार

17.5 किमी रेलखंड शुरू होने से खुलेगी तरक्की की राह, शिक्षा-स्वास्थ्य और रोजगार के अवसरों को मिलेगा विस्तार; मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दिखाई हरी झंडी, सांसद भोजराज नाग व विधायक विक्रम देव उसेंडी ने किया सफर

(कैलाश सोनी) नारायणपुर/रावघाट, 20 अक्टूबर। वर्षों का इंतजार, दुर्गम पहाड़ियों के बीच विकास की उम्मीद और रेल की सीटी सुनने का सपना… आखिरकार रावघाट तक पहुंची ट्रेन ने बस्तर के इतिहास में नया अध्याय जोड़ दिया। आजादी के बाद पहली बार रावघाट तक रेल पहुंचने की इस उपलब्धि को क्षेत्र के विकास की दिशा में बड़ी पहल माना जा रहा है। रेल की पटरियों के साथ अब दूरस्थ अंचलों के हजारों लोगों की उम्मीदें भी आगे बढ़ने लगी हैं। सवाल सिर्फ इतना नहीं कि रेल रावघाट पहुंच गई, बल्कि यह है कि इससे अब शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और कारोबार की तस्वीर कितनी बदलेगी।

दल्लीराजहरा-रावघाट रेल लाइन परियोजना के तहत ताड़ोकी से रावघाट के बीच नवनिर्मित 17.5 किलोमीटर रेलखंड का उद्घाटन किया गया। इस रेलखंड के शुरू होने से रावघाट तक रेल संपर्क का विस्तार हुआ और राजधानी रायपुर से जुड़ाव का नया रास्ता खुला। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने रायपुर से तथा केंद्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हरी झंडी दिखाकर रेल सेवा का शुभारंभ किया।

रावघाट रेलवे स्टेशन पर आयोजित कार्यक्रम में कांकेर लोकसभा क्षेत्र के सांसद श्री भोजराज नाग और विधायक श्री विक्रम देव उसेंडी ने भी रावघाट-रायपुर मेमो पैसेंजर ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसके बाद सांसद और विधायक ने ग्रामीणों के साथ रावघाट से अंतागढ़ तक रेल यात्रा की। इस ऐतिहासिक अवसर पर यात्रियों को निःशुल्क डेमो टिकट कार्ड प्रदान किए गए। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों की मौजूदगी ने इस उपलब्धि के प्रति लोगों के उत्साह को दर्शाया।

बच्चों की पढ़ाई से मरीजों के उपचार तक, बदलेगा सफर का गणित

अब तक दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों और सीमित परिवहन सुविधाओं के कारण रावघाट तथा आसपास के गांवों के लोगों को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता रहा है। पढ़ाई, इलाज, रोजगार या जरूरी खरीदारी के लिए शहरों तक पहुंचना कई परिवारों के लिए समय और खर्च से जुड़ी चुनौती रहा है। रेल सेवा शुरू होने से इन परेशानियों में राहत मिलने की उम्मीद है।

विद्यार्थियों के लिए खुलेंगे नए रास्ते: दूरस्थ गांवों के बच्चों को उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं और शहरों में उपलब्ध शैक्षणिक अवसरों तक पहुंचने में सुविधा मिल सकती है। बेहतर आवागमन से विद्यार्थियों और उनके परिवारों को सहूलियत मिलने की संभावना है।

मरीजों को मिलेगी अतिरिक्त सुविधा: बड़े अस्पतालों और विशेषज्ञ चिकित्सकों तक पहुंचने के लिए रेल एक महत्वपूर्ण विकल्प बन सकती है। समय और यात्रा खर्च में संभावित राहत से ग्रामीण परिवारों को लाभ मिल सकता है।

युवाओं और कारोबारियों को उम्मीद: रोजगार की तलाश में बाहर जाने वाले युवाओं, श्रमिकों, किसानों और छोटे व्यापारियों के लिए रेल संपर्क नए अवसरों का रास्ता खोल सकता है। स्थानीय उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने और व्यापारिक गतिविधियों के विस्तार की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।

1,628 करोड़ की परियोजना, 95 किमी रेल लाइन का विस्तार

दल्लीराजहरा-रावघाट रेल लाइन परियोजना बस्तर अंचल में रेल नेटवर्क के विस्तार की महत्वपूर्ण कड़ी है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, लगभग 1,628 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना के अंतर्गत करीब 95 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइन का निर्माण किया जा रहा है। इसी के तहत ताड़ोकी से रावघाट के बीच 17.5 किलोमीटर रेलखंड का निर्माण पूरा हुआ है।

रावघाट तक रेल पहुंचना क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे आवागमन के विकल्प बढ़ने के साथ स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को गति मिलने की उम्मीद है। हालांकि, इस सुविधा का व्यापक लाभ सुनिश्चित करने के लिए नियमित रेल परिचालन और आसपास के गांवों से स्टेशन तक सुगम पहुंच भी महत्वपूर्ण होगी।

सुबह 6.30 बजे रवाना होगी ट्रेन, रायपुर तक 55 रुपए किराया

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, रावघाट से रायपुर के लिए मेमो पैसेंजर ट्रेन संख्या 68769 का प्रस्थान सुबह 6:30 बजे निर्धारित किया गया है। रायपुर तक सामान्य किराया 55 रुपए बताया गया है। इससे यात्रियों को राजधानी और मार्ग में आने वाले प्रमुख स्थानों तक पहुंचने के लिए एक सुलभ रेल विकल्प मिलने की उम्मीद है।

यात्रियों को यात्रा से पहले ट्रेन के परिचालन, समय-सारणी और किराये की नवीनतम जानकारी रेलवे से सुनिश्चित कर लेनी चाहिए।

सांसद बोले- बस्तरवासियों का वर्षों पुराना सपना साकार होने की दिशा में बड़ा कदम

सांसद श्री भोजराज नाग ने रेल सेवा की शुरुआत को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि बस्तरवासी आजादी के बाद से रेल सुविधा की प्रतीक्षा कर रहे थे। दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के बीच रेल लाइन का विस्तार बड़ी चुनौती रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों का उल्लेख करते हुए इसे क्षेत्र में रेल संपर्क बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।

बस्तर में रेल संपर्क का विस्तार केवल परिवहन सुविधा तक सीमित नहीं है। इससे दूरस्थ गांवों का दूसरे क्षेत्रों से जुड़ाव बढ़ाने, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच आसान करने तथा रोजगार और व्यापार की संभावनाओं को मजबूत करने का अवसर मिलेगा।

क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और विकास के प्रयासों के बीच आधारभूत सुविधाओं का विस्तार स्थानीय लोगों के जीवन में बदलाव ला सकता है। आने वाले समय में रेल सेवा की नियमितता, यात्री सुविधाओं और स्थानीय परिवहन व्यवस्था का विकास इस उपलब्धि के वास्तविक प्रभाव को तय करेगा।

रेलवे और जिला प्रशासन के अधिकारी रहे मौजूद

रावघाट से रायपुर मेमो पैसेंजर ट्रेन के शुभारंभ अवसर पर प्रधान मुख्य यांत्रिकी इंजीनियर श्री मनीष अग्रवाल, रावघाट के मुख्य महाप्रबंधक श्री अनूप बिष्ट, ईडी रावघाट श्री अरुण कुमार, श्री भावेश पांडे, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री हरेश मंडावी, अंतागढ़ जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मनोरमा मंडावी, नगर पंचायत अंतागढ़ अध्यक्ष श्री राधेलाल नाग, लघु वनोपज संघ के अध्यक्ष श्री रूपसाय सलाम और ग्राम पंचायत रावघाट के सरपंच श्री प्यारेलाल उसेंडी उपस्थित रहे।

इसके अलावा अंतागढ़ के अपर कलेक्टर एवं एसडीएम श्री गंगाधर वाहिले सहित कांकेर और नारायणपुर जिले के पंच-सरपंच, जिला प्रशासन एवं रेलवे के अधिकारी तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन कार्यक्रम में शामिल हुए।

रेल की सीटी के साथ बस्तर ने देखी नई सुबह

रावघाट तक रेल पहुंचना उन परिवारों के लिए नई उम्मीद है, जो बेहतर शिक्षा, समय पर उपचार, रोजगार और व्यापार के अवसरों की तलाश में कठिन सफर तय करते आए हैं। इस ऐतिहासिक शुरुआत से बस्तर के दूरस्थ अंचलों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की संभावनाएं मजबूत हुई हैं।

अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि रेल सेवा लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी में कितनी राहत लाती है और इसके साथ अन्य बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किस गति से होता है। फिलहाल, रावघाट तक पहुंची रेल ने बस्तर के विकास की कहानी में एक नया अध्याय जोड़ दिया है—एक ऐसी शुरुआत, जिसमें पटरियों के साथ हजारों लोगों के सपने भी आगे बढ़ने की उम्मीद जगा रहे हैं।

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