रावण दहन के बीच पुलिस ने दी ऐसी सीख, जो बचा सकती है आपकी जमा-पूंजी!
कुम्हारपारा, बखरूपारा और बिंजली में चला साइबर जागरूकता अभियान, ठगी होते ही 1930 पर शिकायत दर्ज कराने की अपील

नारायणपुर। दशहरे पर कहीं रावण के पुतले का दहन हो रहा था, तो कहीं उत्सव में कलाकार और दर्शक जुटे थे। इसी बीच नारायणपुर पुलिस ने लोगों को एक ऐसे अदृश्य खतरे से आगाह किया, जो पलभर में मेहनत की कमाई पर हाथ साफ कर सकता है। पुलिस ने रावण दहन कार्यक्रमों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूकता का मंच बनाते हुए लोगों को ऑनलाइन ठगी से बचने के उपाय बताए।

पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार पटेल के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अजय कुमार के मार्गदर्शन में यह अभियान 20 अक्टूबर को कुम्हारपारा और बखरूपारा तथा 21 अक्टूबर को बिंजली में आयोजित रावण दहन कार्यक्रमों के दौरान चलाया गया। साइबर सेल और थाना नारायणपुर की टीम ने कार्यक्रम में शामिल दर्शकों एवं कलाकारों को साइबर ठगी के बदलते तरीकों से अवगत कराया।
एक क्लिक और खाते से गायब हो सकती है रकम
पुलिस टीम ने लोगों को समझाया कि अनजान कॉल, संदिग्ध लिंक और ऑनलाइन वित्तीय लेन-देन के दौरान बरती गई छोटी-सी लापरवाही भी भारी नुकसान का कारण बन सकती है। बैंक खाते से जुड़ी गोपनीय जानकारी, ओटीपी और एटीएम पिन किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा नहीं करने की हिदायत दी गई। साथ ही सोशल मीडिया का सुरक्षित इस्तेमाल करने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि के प्रति सतर्क रहने की अपील की गई।
ठगी हो जाए तो देर नहीं, तुरंत करें शिकायत
पुलिस ने साइबर ठगी का शिकार होने पर तत्काल शिकायत दर्ज कराने के लिए टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 1930 और आधिकारिक वेबसाइट www.cybercrime.gov.in की जानकारी दी। पुलिस ने स्पष्ट किया कि वित्तीय साइबर धोखाधड़ी की जानकारी जितनी जल्दी दी जाएगी, रकम को सुरक्षित कराने की संभावनाओं के लिहाज से उतना ही महत्वपूर्ण हो सकता है।
साइबर जागरूकता अभियान में इनकी रही भूमिका
साइबर नोडल अधिकारी डीएसपी आशीष कुमार नेताम के नेतृत्व में अभियान संचालित किया गया। कार्यक्रमों के सफल आयोजन में थाना प्रभारी नारायणपुर विनीत दुबे, थाना प्रभारी भरंडा पवन ठाकुर, प्रशिक्षु उप निरीक्षक मुकेश कुमार एवं ध्रुव तिवारी तथा आरक्षक शंकर गोटा एवं राजू बघेल की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
नारायणपुर पुलिस की अपील: साइबर अपराधों से बचने के लिए सतर्क रहें, अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचें और बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी किसी से साझा न करें। वित्तीय साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।




