रंगों में दिखी राष्ट्रभावना, रंगोली से साकार हुआ ‘सेवा के रंग—राष्ट्र के संग’ का संदेश
जिला स्तरीय रंगोली प्रतियोगिता में भारतीय संस्कृति, राष्ट्रीय एकता और पर्यावरण संरक्षण की दिखी रचनात्मक झलक; सुनीता नुरेटी की रंगोली ने पाया पहला स्थान

नारायणपुर। छत्तीसगढ़ शासन के ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत ‘सेवा के रंग—राष्ट्र के संग’ थीम पर शासकीय स्वामी आत्मानंद स्नातकोत्तर महाविद्यालय, नारायणपुर में सोमवार, 28 सितंबर को जिला स्तरीय महाविद्यालयीन रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने रंगों और प्राकृतिक सामग्रियों के माध्यम से भारतीय संस्कृति, राष्ट्रीय एकता, प्रकृति एवं पर्यावरण संरक्षण, स्थानीय परंपराओं और शासकीय योजनाओं को रचनात्मक रूप से प्रस्तुत किया।

कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं जनमानस में भारतीय संस्कृति, राष्ट्रीय एकता, स्थानीय परंपराओं तथा प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ रचनात्मक अभिव्यक्ति को प्रोत्साहित करना रहा। विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए विभिन्न विषयों पर आकर्षक रंगोलियां तैयार कीं।
जनभागीदारी अध्यक्ष नरेंद्र मेश्राम एवं प्राचार्य तथा जिला नोडल अधिकारी डॉ. एस.आर. कुंजाम के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम का संचालन कार्यक्रम सहायक समन्वयक आर.के. यादव ने किया। अतिथियों ने प्रतियोगिता एवं प्रदर्शनी का अवलोकन कर विद्यार्थियों द्वारा तैयार रंगोलियों की सराहना की और प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया।
प्रतियोगिता में भारतीय संस्कृति, कला एवं परंपरा, राष्ट्रीय एकता, प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक विरासत, पर्यावरण संरक्षण तथा शासकीय योजनाओं जैसे विषयों को रंगों के माध्यम से प्रभावी ढंग से उकेरा गया। रंगोली निर्माण में निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप प्राकृतिक एवं स्थानीय सामग्रियों के उपयोग को विशेष महत्व दिया गया।
रचनात्मकता और विषयवस्तु के आधार पर हुआ मूल्यांकन
प्रतियोगिता में प्रस्तुत रंगोलियों का मूल्यांकन निर्धारित मानदंडों के आधार पर किया गया। इसमें रचनात्मकता, विषयवस्तु, प्रस्तुति, कलात्मकता तथा प्राकृतिक सामग्री के उपयोग को प्रमुख आधार बनाया गया।
प्रतियोगिता में प्रथम स्थान बी.ए. प्रथम सेमेस्टर की सुनीता नुरेटी एवं साथी, शासकीय स्वामी आत्मानंद स्नातकोत्तर महाविद्यालय, नारायणपुर ने प्राप्त किया।
द्वितीय स्थान संयुक्त रूप से कपूरचंद एवं साथी, रामकृष्ण मिशन विवेकानंद महाविद्यालय, नारायणपुर तथा प्रमोद कुमार नाग एवं साथी, शासकीय नवीन महाविद्यालय, छोटेडोंगर, नारायणपुर ने प्राप्त किया।
वहीं तृतीय स्थान संयुक्त रूप से भूमिका सोरी एवं साथी, शासकीय स्वामी आत्मानंद स्नातकोत्तर महाविद्यालय, नारायणपुर तथा वीना मातलाम एवं साथी, वीरांगना रामोतीन माड़िया शासकीय आदर्श महिला महाविद्यालय, नारायणपुर ने हासिल किया।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के सहायक प्राध्यापकों, अतिथि व्याख्याताओं, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों का विशेष सहयोग रहा। प्रतियोगिता के समापन अवसर पर भारतीय संस्कृति एवं परंपराओं के संरक्षण, प्रकृति एवं पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता तथा राष्ट्र की ‘विविधता में एकता’ की भावना को मजबूत करने का संकल्प लिया गया।



