नारायणपुर

चेन्नई में AI और वेदांत का संगम, एक मंच पर जुटेंगे तकनीक और अध्यात्म के दिग्गज

IRK-2026 में फ्रंटियर टेक्नोलॉजी और आंतरिक विज्ञान पर होगा मंथन, 7 नवंबर को श्री रामकृष्ण मठ चेन्नई में आयोजन

चेन्नई। आधुनिक तकनीक और भारतीय ज्ञान परंपरा के बीच संवाद को केंद्र में रखते हुए श्री रामकृष्ण मठ, चेन्नई की ओर से ‘Intersection of Intelligence, Reality and Knowledge-2026’ (IRK-2026) कार्यक्रम का आयोजन 7 नवंबर 2026 को किया जाएगा। कार्यक्रम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, फ्रंटियर टेक्नोलॉजी और आंतरिक विज्ञान यानी वेदांत के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा होगी।

कार्यक्रम की थीम ‘Empowering Humanity Through Frontier Technologies and Inner Science’ रखी गई है। इसका आशय आधुनिक तकनीकी प्रगति और मानव के आंतरिक ज्ञान के बीच संभावित संबंधों पर विचार-विमर्श करना है। कार्यक्रम शनिवार को सुबह 10 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक आयोजित होगा।

AI, IIT और वेदांत के विशेषज्ञ होंगे वक्ता

IRK-2026 में तकनीक और अध्यात्म से जुड़े प्रमुख वक्ताओं की सहभागिता प्रस्तावित है। कार्यक्रम में Sarvam AI के सह-संस्थापक डॉ. प्रत्युष कुमार, वेदांत सोसाइटी ऑफ न्यूयॉर्क के Minister-in-Charge स्वामी सर्वप्रियानंद जी तथा IIT मद्रास के निदेशक पद्मश्री प्रो. वी. कामकोटि अपने विचार साझा करेंगे।

कार्यक्रम में विशेष रूप से यह समझने का प्रयास किया जाएगा कि तेजी से विकसित हो रही फ्रंटियर टेक्नोलॉजी और मानव के आंतरिक विज्ञान के बीच किस प्रकार संवाद स्थापित किया जा सकता है।

चेन्नई से बाहर रहने वालों के लिए ऑनलाइन जुड़ने का विकल्प

आयोजकों के अनुसार जो लोग चेन्नई में कार्यक्रम में प्रत्यक्ष रूप से शामिल नहीं हो सकते, उनके लिए ऑनलाइन सहभागिता की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। विशेषकर चेन्नई से बाहर अथवा विदेश में रहने वाले इच्छुक प्रतिभागी ऑनलाइन पंजीयन के माध्यम से कार्यक्रम से जुड़ सकते हैं।

ऑनलाइन पंजीयन के लिए आयोजकों की ओर से rkmm.link/irk2026o लिंक उपलब्ध कराया गया है। कार्यक्रम से संबंधित पंजीयन एवं अन्य जानकारी इसी माध्यम से प्राप्त की जा सकती है।

तकनीक और मानवीय मूल्यों पर संवाद

IRK-2026 का केंद्र आधुनिक तकनीकी विकास के साथ मानवता, ज्ञान और आंतरिक विज्ञान के संबंध को समझना है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के तेजी से विस्तार के बीच मानव-केंद्रित तकनीकी विकास, ज्ञान की प्रकृति और भारतीय वेदांत परंपरा जैसे विषयों पर संवाद कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रहेगा।

कार्यक्रम के माध्यम से तकनीकी विशेषज्ञों, आध्यात्मिक चिंतकों और ज्ञान परंपरा से जुड़े लोगों के बीच संवाद का एक साझा मंच तैयार करने का प्रयास किया जा रहा है।

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