हथियार छोड़े, हिंसा से मुंह मोड़ा… अब सम्मान से जीने की राह
18 आत्मसमर्पित नक्सलियों को 19.73 लाख की प्रोत्साहन राशि वितरित, एसपी संदीप पटेल ने कहा—शांति और विकास की राह ही बेहतर भविष्य का आधार

50 आत्मसमर्पित नक्सलियों के हथियारों के बदले 70.68 लाख रुपए स्वीकृत, शेष पात्र हितग्राहियों को भी नियमानुसार मिलेगा लाभ
नारायणपुर। हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटे आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास की दिशा में जिला पुलिस और प्रशासन ने एक और कदम बढ़ाया है। शासन की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के तहत 18 आत्मसमर्पित नक्सलियों को 19 लाख 73 हजार 500 रुपए की प्रोत्साहन राशि वितरित की गई। पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार पटेल ने आत्मसमर्पित नक्सलियों को राशि का वितरण करते हुए उन्हें शांति, विकास और लोकतांत्रिक व्यवस्था से जुड़कर बेहतर भविष्य बनाने के लिए प्रेरित किया।

पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सभा कक्ष में आयोजित कार्यक्रम में एसपी संदीप कुमार पटेल और अपर कलेक्टर बीरेंद्र बहादुर पंचभाई की उपस्थिति में यह राशि प्रदान की गई। शासन की नीति के तहत शस्त्रों के साथ आत्मसमर्पण करने वाले 50 आत्मसमर्पित नक्सलियों के जमा किए गए हथियारों के एवज में कुल 70 लाख 68 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि स्वीकृत की गई है। इसी क्रम में सोमवार को 18 हितग्राहियों को राशि वितरित की गई।

हथियार छोड़कर मुख्यधारा में लौटने वालों को सहारा
जिला प्रशासन और पुलिस की ओर से नक्सल उन्मूलन अभियान के साथ हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटने वाले लोगों के पुनर्वास पर भी जोर दिया जा रहा है। उद्देश्य है कि आत्मसमर्पण करने वाले लोग अपने परिवार के साथ सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जी सकें तथा रोजगार और स्वरोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भर बनें।
पुनर्वास नीति के अंतर्गत आत्मसमर्पित नक्सलियों को विभिन्न प्रकार की सहायता और सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। प्रशासन का प्रयास है कि उन्हें समाज की मुख्यधारा में स्थायी रूप से जोड़ा जाए और उनके परिवारों को भी बेहतर भविष्य का अवसर मिले।
एसपी बोले—हिंसा नहीं, विकास की राह चुनना ही बेहतर भविष्य
पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार पटेल ने आत्मसमर्पित नक्सलियों से शासन की पुनर्वास योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि हिंसा का रास्ता छोड़कर शांति, विकास और लोकतंत्र की राह अपनाना संबंधित व्यक्ति और उसके परिवार के साथ-साथ पूरे समाज के हित में महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने कहा कि शासन की नीतियों का उद्देश्य आत्मसमर्पण करने वाले लोगों को समाज में सम्मानजनक स्थान दिलाना और उन्हें स्थायी रूप से मुख्यधारा से जोड़ना है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि शेष पात्र आत्मसमर्पित हितग्राहियों को उनकी स्वीकृत प्रोत्साहन राशि नियमानुसार वितरित की जाएगी।
पुनर्वास से रोजगार और आत्मनिर्भरता पर जोर
प्रशासन की पुनर्वास नीति के तहत आत्मसमर्पित नक्सलियों को केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं रखा जा रहा, बल्कि उन्हें रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं। इससे आत्मसमर्पित लोगों को हिंसा से दूर रहकर परिवार के साथ स्थायी और सम्मानजनक जीवन शुरू करने का अवसर मिल रहा है।
ये अधिकारी रहे मौजूद
कार्यक्रम में अपर पुलिस अधीक्षक अजय सिंह, अक्षय सबद्रा और डिप्टी कलेक्टर सौरभ दीवान सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
एक नजर में
- 50 आत्मसमर्पित नक्सलियों के लिए राशि स्वीकृत
- 70.68 लाख रुपए कुल प्रोत्साहन राशि स्वीकृत
- 18 आत्मसमर्पित नक्सलियों को सोमवार को भुगतान
- 19.73 लाख रुपए आज वितरित
- हथियारों के बदले शासन की नीति के तहत मिला प्रोत्साहन
- शेष पात्र हितग्राहियों को भी नियमानुसार मिलेगा लाभ




