बीमा क्लेम में कमीशनखोरी का आरोप: नारायणपुर में निरीक्षक गिरफ्तार, अधिवक्ता भी जांच के घेरे में
पुलिस सैलरी पैकेज के इंश्योरेंस लाभ दिलाने के नाम पर कमीशन मांगने की शिकायत पर कार्रवाई, कोर्ट ने निरीक्षक को न्यायिक रिमांड पर भेजा; दूसरे आरोपी की भूमिका की भी जांच जारी

नारायणपुर। पुलिस सैलरी पैकेज के तहत मिलने वाले बीमा क्लेम का लाभ दिलाने के नाम पर कथित तौर पर कमीशन मांगने का मामला सामने आने के बाद नारायणपुर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए रक्षित केंद्र में पदस्थ निरीक्षक सुरेश चंद यादव को गिरफ्तार कर लिया है। न्यायालय में पेश किए जाने के बाद उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। मामले में एक अधिवक्ता को भी आरोपी बनाया गया है, जिसकी भूमिका की जांच जारी है। पुलिस महकमे में इस कार्रवाई के बाद हड़कंप मच गया है।
जानकारी के अनुसार कोतवाली थाना क्षेत्र के एक प्रार्थी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि पुलिस सैलरी पैकेज के अंतर्गत मिलने वाले इंश्योरेंस कवर का लाभ दिलाने और बीमा क्लेम की प्रक्रिया पूरी कराने के एवज में उससे कमीशन की मांग की गई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि दो लोगों ने क्लेम दिलाने के नाम पर राशि की मांग की, जबकि इस प्रकार का कमीशन लेना नियमों के विरुद्ध है।
प्रारंभिक जांच में निरीक्षक व अधिवक्ता बने आरोपी
शिकायत मिलते ही कोतवाली पुलिस ने मामले की प्रारंभिक जांच शुरू की। जांच में प्रथम दृष्टया आधार मिलने पर रक्षित केंद्र नारायणपुर में पदस्थ निरीक्षक सुरेश चंद यादव और उनके एक सहयोगी अधिवक्ता के विरुद्ध अपराध दर्ज किया गया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए निरीक्षक को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
एसपी ने की कार्रवाई की पुष्टि
पुलिस अधीक्षक संदीप पटेल ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि शिकायत के आधार पर प्रकरण दर्ज किया गया है। एक निरीक्षक और एक अधिवक्ता को आरोपी बनाया गया है। निरीक्षक की गिरफ्तारी के बाद उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। मामले की निष्पक्ष जांच जारी है।
अधिवक्ता की भूमिका भी जांच के दायरे में
पुलिस अब इस पूरे प्रकरण में अधिवक्ता की भूमिका की भी गहन जांच कर रही है। शिकायत में लगाए गए आरोपों, उपलब्ध साक्ष्यों और दोनों आरोपियों की संलिप्तता की पड़ताल की जा रही है। जांच के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस महकमे में बना चर्चा का विषय
पुलिस सैलरी पैकेज के तहत कर्मचारियों को बीमा सहित कई सुविधाएं प्रदान की जाती हैं। ऐसे में बीमा क्लेम दिलाने के नाम पर कथित कमीशन मांगने का मामला सामने आने से पूरे पुलिस विभाग में इसकी चर्चा तेज हो गई है। अब सबकी निगाहें जांच पर टिकी हैं कि आरोप कितने प्रमाणित होते हैं और इस प्रकरण में आगे क्या कार्रवाई होती है।
नोट: इस मामले में आरोपों की जांच जारी है। न्यायालय द्वारा दोष सिद्ध होने तक सभी आरोपी कानून की नजर में निर्दोष माने जाते हैं।




