बसवराजू के गढ़ गुंडेकोट में बदली तस्वीर, पहली बार पहुंचा पशु चिकित्सा शिविर
माड़ मैत्री अभियान के तहत आईटीबीपी ने पशुओं का किया निःशुल्क उपचार, ग्रामीणों से संवाद कर विकास योजनाओं की दी जानकारी; सोलर लाइट वितरण की भी घोषणा

(कैलाश सोनी) नारायणपुर। कभी नक्सलियों के शीर्ष कमांडर बसवराजू का मजबूत गढ़ माने जाने वाले गुंडेकोट गांव में अब विकास और विश्वास की नई दस्तक सुनाई देने लगी है। माड़ मैत्री अभियान के तहत 29वीं वाहिनी भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) ने पहली बार गांव में वेटरनरी (पशु चिकित्सा) शिविर आयोजित कर ग्रामीणों और उनके पशुधन को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराईं। इसके साथ ही सुरक्षा बलों ने ग्रामीणों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी दी।

29वीं वाहिनी आईटीबीपी के कमांडेंट अभिषेक सूद के निर्देशन में वेटरनरी अधिकारी डॉ. पी. ब्रोजेंद्रों सिंह के नेतृत्व में टीम एरिया डॉमिनेशन पेट्रोलिंग के दौरान सीओबी दिवालूर से ग्राम गुंडेकोट पहुंची। शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीण अपने पालतू पशुओं को लेकर पहुंचे, जहां उनका स्वास्थ्य परीक्षण किया गया तथा आवश्यक दवाइयों का निःशुल्क वितरण किया गया।
पशुपालकों को दी वैज्ञानिक जानकारी
शिविर के दौरान पशुपालकों को पशुओं के टीकाकरण, पोषण, नियमित देखभाल और विभिन्न बीमारियों की रोकथाम के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। अधिकारियों ने ग्रामीणों को बताया कि समय पर उपचार और टीकाकरण से पशुधन की उत्पादकता बढ़ाई जा सकती है, जिससे उनकी आजीविका भी मजबूत होगी।
ग्रामीणों से सीधा संवाद, समस्याएं सुनीं
आईटीबीपी के अधिकारियों और जवानों ने ग्रामीणों के साथ आत्मीय संवाद स्थापित कर उनकी मूलभूत समस्याओं और आवश्यकताओं की जानकारी ली। ग्रामीणों को भरोसा दिलाया गया कि क्षेत्र के विकास और उनकी सुविधाओं के विस्तार के लिए सुरक्षा बल हरसंभव सहयोग करेंगे। इस दौरान शासन द्वारा संचालित विभिन्न विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी ग्रामीणों तक पहुंचाई गई।
सोलर लाइट से रोशन होंगे गांव
कमांडेंट अभिषेक सूद ने बताया कि सिविक एक्शन प्रोग्राम के तहत इस वर्ष गुंडेकोट सहित आसपास के गांवों में होम सोलर लाइट और स्ट्रीट सोलर लाइट का वितरण किया जाएगा। इससे दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणों को मूलभूत सुविधाएं मिलेंगी और उनके जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव आएगा।
नक्सल गढ़ में विश्वास और विकास की नई पहल
माड़ मैत्री अभियान के माध्यम से नारायणपुर पुलिस और सुरक्षा बल लगातार नक्सलमुक्त क्षेत्रों में जनविश्वास मजबूत करने के लिए स्वास्थ्य शिविर, जनसंपर्क, जागरूकता कार्यक्रम और विकासोन्मुख गतिविधियां संचालित कर रहे हैं। पूर्व नक्सल प्रभावित गुंडेकोट में पहली बार आयोजित यह वेटरनरी शिविर इस बात का संकेत है कि जिन इलाकों में कभी बंदूक की गूंज थी, वहां अब विकास, सेवा और विश्वास की नई कहानी लिखी जा रही है।




