कदेर के जंगल में नक्सलियों का जखीरा मिला, 7 हथियार समेत भारी मात्रा में गोला-बारूद और इलेक्ट्रॉनिक सामग्री बरामद
बीएसएफ की सर्चिंग में जमीन के भीतर छिपाया गया था हथियारों का भंडार, बीडीएस ने मौके पर ही 44 बीजीएल शेल निष्क्रिय कर टाला बड़ा खतरा

(कैलाश सोनी) नारायणपुर। नक्सल मुक्त घोषित हो चुके नारायणपुर जिले में सुरक्षा बलों का सतत सर्चिंग अभियान लगातार पुराने नक्सली नेटवर्क की परतें खोल रहा है। जिले के कदेर गांव के समीप जंगल में जमीन के भीतर छिपाकर रखा गया नक्सलियों का बड़ा हथियार एवं सामग्री भंडार सुरक्षा बलों ने बरामद किया है। कार्रवाई के दौरान सात हथियार, सैकड़ों कारतूस, संचार उपकरण, जीपीएस, बड़ी संख्या में मेमोरी कार्ड व पेन ड्राइव, नक्सली साहित्य, चिकित्सा सामग्री तथा अन्य उपयोगी सामान जब्त किया गया। वहीं मौके पर मिले 44 बीजीएल शेल को बम निरोधक दस्ता (बीडीएस) ने सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय कर नष्ट कर दिया, जिससे संभावित बड़े हादसे को टाल दिया गया।

जानकारी के अनुसार 17 जुलाई को 133वीं वाहिनी बीएसएफ सोनपुर की टीम को मुखबिर से सूचना मिली थी कि ग्राम कदेर के समीप जंगल में नक्सलियों ने बड़ी मात्रा में हथियार एवं अन्य सामग्री छिपाकर रखी है। सूचना की पुष्टि के बाद सुरक्षा बलों ने क्षेत्र में सघन तलाशी अभियान चलाया। संदिग्ध स्थान की जांच बम निरोधक दस्ता द्वारा सुरक्षा मानकों के तहत की गई। जमीन की खुदाई करने पर हथियारों और अन्य सामग्री का बड़ा जखीरा बरामद हुआ।
सात हथियार, सैकड़ों कारतूस और संचार उपकरण मिले
बरामद सामग्री में एक .303 राइफल, छह .315 राइफल और एक 12 बोर बंदूक सहित कुल सात हथियार मिले। इसके अलावा 12 बोर के 33 कारतूस, 91 एचडी कारतूस, .303 के 46 कारतूस, 7.62 मिमी के कारतूस, मैगजीन, स्लिंग, पाउच, एंटीना, आरएफ डिटेक्टर, जीपीएस, जनरेटर मैनुअल, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण तथा अन्य तकनीकी सामग्री भी बरामद की गई।
डिजिटल नेटवर्क के भी मिले सुराग
कार्रवाई में विभिन्न क्षमता के छह पेन ड्राइव, 78 मेमोरी कार्ड, जीपीएस उपकरण, नक्सली फोटो, बैनर और भारी मात्रा में नक्सली साहित्य भी मिला है। सुरक्षा एजेंसियां इन डिजिटल उपकरणों की जांच कर नक्सल संगठन के नेटवर्क, गतिविधियों और पुराने संपर्कों की जानकारी जुटाने में लगी हैं।
चिकित्सा सामग्री और दैनिक उपयोग का सामान भी बरामद
हथियारों के साथ डीएनएस बोतल, डिस्पोवन, सर्जिकल ड्रेसिंग पैड, क्रेप बैंडेज, दर्द निवारक मलहम, टूथब्रश, फेविकोल, ड्रिल बिट, ज्योमेट्री बॉक्स, पेन, मार्कर और अन्य दैनिक उपयोग की सामग्री भी बरामद हुई है। इससे संकेत मिलता है कि यह स्थान नक्सलियों के दीर्घकालीन उपयोग के लिए तैयार किया गया था।
44 बीजीएल शेल मौके पर ही किए गए नष्ट
तलाशी के दौरान 24 बड़े और 20 छोटे बीजीएल शेल भी मिले। सुरक्षा को देखते हुए बम निरोधक दस्ता ने सभी 44 शेल को मौके पर ही सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय कर नष्ट कर दिया। यही कारण है कि इन्हें जब्ती सूची में शामिल नहीं किया गया।
अभियान रहेगा जारी
पुलिस के अनुसार नक्सल मुक्त क्षेत्रों में लगातार सर्चिंग अभियान जारी रहेगा ताकि वर्षों पहले छिपाकर रखे गए हथियार, विस्फोटक और अन्य सामग्री बरामद की जा सके। सुरक्षा बलों का कहना है कि ऐसे अभियान क्षेत्र में स्थायी शांति, सुरक्षा और कानून व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो रहे हैं।




