सात दिन में बहाल हुआ भरंडा-हुच्चाकोट मार्ग, ग्रामीणों को मिली बड़ी राहत
बाढ़ के तेज बहाव में 72 मीटर पुलिया का एप्रोच रोड हुआ था क्षतिग्रस्त; पीडब्ल्यूडी ने युद्धस्तर पर कराया मरम्मत कार्य

नारायणपुर, 6 अक्टूबर। बस्तर संभाग में लगातार तीन दिनों तक हुई बारिश के बाद बाढ़ के तेज बहाव से क्षतिग्रस्त हुआ भरंडा-हुच्चाकोट मार्ग महज सात दिनों में फिर से आवागमन के लिए बहाल कर दिया गया है। मार्ग पर स्थित 72 मीटर लंबी पुलिया का एप्रोच रोड क्षतिग्रस्त होने से आसपास के ग्रामीणों को आवागमन में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।

ग्रामीणों की सुविधा और आवश्यक सेवाओं की निर्बाध आवाजाही को देखते हुए लोक निर्माण विभाग ने तत्काल मरम्मत कार्य शुरू कराया। कार्यपालन अभियंता अहमद नवाज दानिस के नेतृत्व में जेसीबी और अन्य संसाधनों की मदद से क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत युद्धस्तर पर कराई गई। सात दिनों के भीतर कार्य पूरा होने के बाद मार्ग पर आवागमन फिर शुरू हो गया।
समाचार प्रकाशित होने के बाद प्रशासन ने लिया संज्ञान
मार्ग क्षतिग्रस्त होने के कारण आसपास के गांवों के लोगों को रोजमर्रा के आवागमन में परेशानी हो रही थी। समस्या को समाचार पत्र के माध्यम से प्रमुखता से उठाए जाने के बाद प्रशासन ने मामले का संज्ञान लिया और मरम्मत कार्य में तेजी लाई।
स्कूली बच्चों से लेकर एम्बुलेंस तक को राहत
मार्ग बहाल होने से आसपास के ग्रामीणों को आवागमन में राहत मिली है। इसके साथ ही स्कूली बच्चों की आवाजाही, एम्बुलेंस और अन्य आवश्यक सेवाओं की पहुंच भी अब सुगम हो गई है।
बारिश से टूटा रास्ता, सात दिन में जुड़ी राह
लगातार बारिश और बाढ़ के कारण जहां सड़क का एप्रोच हिस्सा क्षतिग्रस्त होकर ग्रामीणों के लिए परेशानी का कारण बना था, वहीं प्रशासन और लोक निर्माण विभाग की त्वरित कार्रवाई से महज एक सप्ताह में रास्ता फिर से जोड़ दिया गया। मार्ग बहाली से ग्रामीणों में राहत और प्रशासन के प्रति भरोसा बढ़ा है।



