नवरात्रि की तैयारियों ने पकड़ी रफ्तार, दंतेश्वरी मंदिर में तय हुई पर्व की रूपरेखा
11 अक्टूबर से शुरू होगा शारदीय नवरात्रि पर्व, ज्योति कलश स्थापना से लेकर वनकन्या भोज और रावण दहन तक होंगे आयोजन

(संतोष मजूमदार) छोटेडोंगर। जिला मुख्यालय से करीब 43 किलोमीटर दूर ग्राम छोटेडोंगर स्थित प्रसिद्ध दंतेश्वरी मंदिर में शारदीय नवरात्रि पर्व को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। आगामी 11 अक्टूबर से प्रारंभ होने वाले नौ दिवसीय नवरात्रि पर्व को भव्य एवं धार्मिक उत्साह के साथ मनाने के लिए रविवार को मंदिर परिसर में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में नवरात्रि के दौरान होने वाले विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक आयोजनों की रूपरेखा तय की गई।

ज्योति कलश स्थापना से लेकर रावण दहन तक होंगे आयोजन
बैठक में मंदिर में ज्योति कलश स्थापना, मनोकामना दीप प्रज्वलन, वनकन्या भोज, नौ दिवसीय धार्मिक कार्यक्रम सहित नवरात्रि के समापन अवसर पर रावण दहन कार्यक्रम को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। आयोजन को व्यवस्थित एवं भव्य रूप देने के लिए जिम्मेदारियां भी तय की गईं।
नई कार्यकारिणी का सर्वसम्मति से गठन
नवरात्रि आयोजन को बेहतर ढंग से संचालित करने के लिए बैठक में नई कार्यकारिणी का सर्वसम्मति से गठन किया गया। इसमें बलदेव मांझी को अध्यक्ष, जोगेश डे को उपाध्यक्ष, शिव नारायण बेलसरिया को सचिव, भारत बेलसरिया को कोषाध्यक्ष तथा दीनबंधु नाग को संरक्षक बनाया गया।
कार्यकारिणी के सदस्यों में अमित तालुकदार, आकाश रात्रे, फकीर नाग, लखमू बेलसरिया, कार्तिक मांझी, डिलेश्वर बेलसरिया और सत्यम बरेठ को शामिल किया गया।
घृत ज्योति के लिए 1551 और तेल ज्योति के लिए 801 रुपए
बैठक में मंदिर में प्रज्वलित किए जाने वाले मनोकामना दीप की राशि भी निर्धारित की गई। श्रद्धालुओं के लिए घृत कलश ज्योति की राशि 1551 रुपए तथा तेल कलश ज्योति की राशि 801 रुपए तय की गई है।
दूर-दराज से पहुंचते हैं श्रद्धालु
छोटेडोंगर का दंतेश्वरी मंदिर नवरात्रि पर्व के दौरान आस्था का प्रमुख केंद्र बन जाता है। स्थानीय श्रद्धालुओं के साथ ही अन्य जिलों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं और परिवार की सुख-समृद्धि एवं मनोकामना पूर्ण होने की कामना के साथ मंदिर में दीप प्रज्वलित करते हैं। नवरात्रि के नौ दिनों तक मंदिर परिसर में धार्मिक वातावरण बना रहता है।
बैठक में पुजारी लिखराम बेलसरिया, पटेल दीपक बेलसरिया, उपसरपंच संतोष बैठारू सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण, व्यापारी एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।



