भरण्डा में थमा धर्मांतरण विवाद, 12 घंटे की मैराथन वार्ता के बाद बनी सहमति
14 दौर की बैठकों के बाद निकला समाधान, गांव छोड़कर गए 26 परिवार लौटने लगे अपने घर

प्रशासन की मध्यस्थता रंग लाई, शांति बनाए रखने और संवाद जारी रखने पर दोनों पक्ष राजी
नारायणपुर। जिले के ग्राम भरण्डा में धर्मांतरण विवाद को लेकर कई दिनों से बना तनाव मंगलवार देर रात प्रशासन की पहल पर समाप्त होता नजर आया। लगभग 12 घंटे तक चली मैराथन बातचीत और 14 अलग-अलग दौर की बैठकों के बाद आदिवासी समुदाय और समुदाय विशेष के ग्रामीणों के बीच महत्वपूर्ण बिंदुओं पर सहमति बनी। देर रात हुए समझौते के बाद गांव का माहौल सामान्य होने लगा तथा विवाद के चलते गांव से बाहर गए 26 परिवार अपने-अपने घरों की ओर लौटने लगे।

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, एसडीएम, तहसीलदार सहित प्रशासनिक अधिकारियों ने पूरे दिन गांव में डेरा डाले रखा। सुबह से लेकर रात करीब 12 बजे तक लगातार चर्चा, समझाइश और अलग-अलग बैठकों का दौर चलता रहा। आखिरकार प्रशासन की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच सहमति बनने के बाद गतिरोध समाप्त हो गया।

जानकारी के अनुसार, भरण्डा गांव में धर्मांतरण को लेकर 9 जून से विवाद चल रहा था। इस दौरान मामला इतना बढ़ गया कि आदिवासी समाज और धर्मांतरित परिवारों के बीच तनाव की स्थिति निर्मित हो गई। पिछले दिनों हजारों ग्रामीणों ने रैली निकालकर कार्रवाई की मांग करते हुए कलेक्टर को ज्ञापन भी सौंपा था। पुलिस ने मामले में मुख्य आरोपी दंपती को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा था, लेकिन गांव में तनाव बना हुआ था।
दिनभर चली समझाइश, देर रात बनी सहमति
मंगलवार को दोनों पक्ष कई बार आमने-सामने आए। कई मौकों पर तीखी बहस की स्थिति भी बनी, लेकिन प्रशासन और पुलिस ने लगातार हस्तक्षेप कर माहौल को नियंत्रण में रखा। अधिकारियों ने दोनों पक्षों के प्रतिनिधियों के साथ अलग-अलग तथा संयुक्त बैठकों का दौर चलाया। करीब 12 घंटे की चर्चा के बाद देर रात सहमति बनी और विवाद सुलझ गया।
अपने घर लौटने लगे परिवार
विवाद के दौरान सामाजिक तनाव के कारण गांव छोड़कर गए 26 परिवार गांव में ही अस्थायी रूप से अन्य स्थान पर थे। प्रशासन की मध्यस्थता और दोनों पक्षों के बीच बनी सहमति के बाद अब ये परिवार वापस अपने-अपने घरों की ओर लौटने लगे हैं। गांव में सामान्य स्थिति बहाल करने के प्रयास भी शुरू हो गए हैं।
बैठक में बने सात प्रमुख बिंदु
प्रशासन की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच निम्न बिंदुओं पर सहमति बनी—
- गांव में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखी जाएगी।
- किसी भी पक्ष द्वारा उकसाने वाली गतिविधियां नहीं की जाएंगी।
- आदिवासी समाज और मतांतरित परिवारों के बीच संवाद जारी रहेगा।
- अगले एक माह तक स्थिति की समीक्षा की जाएगी।
- धार्मिक एवं सामाजिक गतिविधियों को लेकर आपसी सहमति से व्यवस्था बनाने का प्रयास होगा।
- किसी भी प्रकार के तनाव या विवाद को बातचीत के माध्यम से सुलझाया जाएगा।
- गांव में सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखने के लिए दोनों पक्ष सहयोग करेंगे।
एक माह में स्थिति की होगी समीक्षा
बैठक में यह भी तय किया गया कि अगले एक माह तक गांव की परिस्थितियों पर नजर रखी जाएगी। इस दौरान सामाजिक और धार्मिक गतिविधियों को लेकर दोनों पक्ष आपसी संवाद बनाए रखेंगे तथा किसी भी नए विवाद की स्थिति में प्रशासन को तत्काल अवगत कराया जाएगा।
पूरे दिन छावनी बना रहा गांव
तनाव को देखते हुए गांव में बड़ी संख्या में पुलिस और सुरक्षा बल तैनात किए गए थे। दिनभर अधिकारियों की मौजूदगी और सुरक्षा व्यवस्था के बीच बातचीत चलती रही। देर रात सहमति बनने के बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली। हालांकि एहतियात के तौर पर गांव में निगरानी जारी रखी गई है।
भरण्डा विवाद : एक नजर में
- 9 जून से चल रहा था विवाद
- पुलिस ने मुख्य आरोपी दंपती को किया गिरफ्तार
- हजारों ग्रामीणों ने निकाली थी रैली
- 12 घंटे तक चली मैराथन वार्ता
- 14 दौर की बैठकें हुईं
- दोनों पक्षों में बनी सहमति
- 26 परिवार लौटने लगे अपने घर
- गांव में सामान्य हो रहा माहौल
(फॉलोअप रिपोर्ट | कैलाश सोनी, नारायणपुर)




