जलवायु संकट से मुकाबले का संकल्प, गांव-गांव हरियाली का संदेश
विश्व पर्यावरण दिवस पर हालामी मुजमेटा में 90 से अधिक ग्रामीणों ने ली प्रकृति संरक्षण की शपथ, महिलाओं की रही उल्लेखनीय भागीदारी

नारायणपुर। विश्व पर्यावरण दिवस 2026 के अवसर पर जिले के ग्राम पंचायत हालामी मुजमेटा में पर्यावरण संरक्षण और जलवायु जागरूकता को लेकर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। शिवि डेवलपमेंट सोसाइटी (एसडीएस) के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में लगभग 90 समुदाय सदस्यों, विशेषकर महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए पर्यावरण संरक्षण और हरित भविष्य निर्माण का संकल्प लिया।
इस वर्ष विश्व पर्यावरण दिवस की थीम “प्रकृति से प्रेरित। जलवायु के लिए। हमारे भविष्य के लिए।” तथा अभियान #अबजलवायुकेलिए के तहत आयोजित कार्यक्रम में जलवायु परिवर्तन के बढ़ते प्रभावों और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता पर विस्तार से चर्चा की गई। ग्रामीणों को बताया गया कि जलवायु परिवर्तन केवल वैश्विक चुनौती नहीं, बल्कि इसका सीधा प्रभाव कृषि, जलस्रोतों, जैव विविधता और मानव जीवन पर भी पड़ रहा है।
कार्यक्रम के दौरान आयोजित जागरूकता सत्र में प्रतिभागियों को दैनिक जीवन में अपनाए जा सकने वाले पर्यावरण-अनुकूल उपायों की जानकारी दी गई। प्लास्टिक उपयोग में कमी, जल संरक्षण, वृक्षारोपण, जैविक खेती को बढ़ावा देने तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण पौध वितरण रहा। इस दौरान उपस्थित ग्रामीणों को विभिन्न प्रजातियों के पौधे वितरित किए गए तथा उनके संरक्षण और देखभाल की जिम्मेदारी लेने का आह्वान किया गया। ग्रामीणों ने पौधों को केवल रोपित करने ही नहीं, बल्कि उन्हें वृक्ष के रूप में विकसित करने का संकल्प भी व्यक्त किया।
महिलाओं की सक्रिय भागीदारी कार्यक्रम की विशेष उपलब्धि रही। ग्रामीण महिलाओं ने पर्यावरण संरक्षण से जुड़े अनुभव साझा करते हुए कहा कि जल, जंगल और जमीन की सुरक्षा से ही गांवों का भविष्य सुरक्षित रह सकता है। उन्होंने घर और समुदाय स्तर पर पर्यावरण संरक्षण गतिविधियों को बढ़ावा देने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिभागियों ने सामूहिक रूप से शपथ लेते हुए पर्यावरण संरक्षण, हरित जीवनशैली अपनाने, प्राकृतिक संसाधनों के सतत उपयोग तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं सुरक्षित पर्यावरण उपलब्ध कराने का संकल्प लिया।
आयोजकों ने बताया कि यह कार्यक्रम शिवि डेवलपमेंट सोसाइटी द्वारा विभिन्न जिलों में संचालित पर्यावरण एवं जलवायु जागरूकता अभियान का हिस्सा है। अभियान का उद्देश्य समुदायों को जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के प्रति जागरूक करते हुए उन्हें प्रकृति संरक्षण और जलवायु कार्रवाई से जोड़ना है।
विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित यह पहल न केवल ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यावरणीय चेतना बढ़ाने का माध्यम बनी, बल्कि सामुदायिक सहभागिता के जरिए जलवायु परिवर्तन जैसी वैश्विक चुनौती से मुकाबला करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी साबित हुई।



