
अप्रैल से जून तक 93 सफल ऑपरेशन, 872 चिन्हांकित मरीजों के उपचार के लिए विशेष अभियान जारी
(कैलाश सोनी) नारायणपुर। दूरस्थ और आदिवासी अंचलों में स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच बढ़ाने की दिशा में नारायणपुर जिला लगातार नई मिसाल कायम कर रहा है। राष्ट्रीय अंधत्व एवं दृष्टिबाधिता नियंत्रण कार्यक्रम के तहत जिले में चलाए जा रहे मोतियाबिंद मुक्त अभियान को उल्लेखनीय सफलता मिली है। चालू वित्तीय वर्ष में अप्रैल 2026 से 24 जून 2026 तक 93 मोतियाबिंद मरीजों की सफल शल्य चिकित्सा कर उनकी आंखों की रोशनी वापस लौटाई गई है।

कलेक्टर नम्रता जैन के निर्देश और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य विभाग की टीमें गांव-गांव पहुंचकर मरीजों की पहचान, जांच और उपचार सुनिश्चित कर रही हैं। अभियान के परिणामस्वरूप सैकड़ों बुजुर्गों और जरूरतमंद मरीजों को नई उम्मीद मिली है।
872 मरीज चिन्हांकित, गंभीर मरीजों को प्राथमिकता
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले में अब तक 872 मोतियाबिंद मरीजों की पहचान की गई है। इनमें दोनों आंखों से प्रभावित 268 मरीजों में से 47 का सफल उपचार किया जा चुका है, जबकि 221 मरीजों का उपचार शेष है।
इसी प्रकार एक आंख से प्रभावित 604 मरीजों में से 46 मरीजों का सफल ऑपरेशन किया गया है और 558 मरीजों का उपचार किया जाना बाकी है। विभाग गंभीर मरीजों को प्राथमिकता देते हुए चरणबद्ध तरीके से ऑपरेशन करा रहा है।
गांव-गांव पहुंच रही स्वास्थ्य टीम
वित्तीय वर्ष 2026-27 में मोतियाबिंद उन्मूलन को लेकर विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है। स्वास्थ्य कर्मी दूरस्थ गांवों तक पहुंचकर स्क्रीनिंग कर रहे हैं और संभावित मरीजों का चिन्हांकन कर उन्हें उपचार के लिए प्रेरित कर रहे हैं। इससे ऐसे मरीजों तक भी स्वास्थ्य सेवाएं पहुंच रही हैं, जो वर्षों से दृष्टि संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे।
स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि समय पर जांच और ऑपरेशन से अंधत्व को रोका जा सकता है तथा मरीजों की जीवन गुणवत्ता में बड़ा सुधार लाया जा सकता है।
लक्ष्य: हर पात्र मरीज को मिले रोशनी
जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने शेष चिन्हांकित मरीजों के उपचार की प्रक्रिया तेज कर दी है। विभाग का लक्ष्य जिले के सभी पात्र मोतियाबिंद मरीजों को निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराकर उन्हें सामान्य जीवन जीने योग्य बनाना है।
अधिकारियों के अनुसार आगामी महीनों में विशेष शिविरों और स्वास्थ्य जांच अभियानों के माध्यम से उपचार की गति और बढ़ाई जाएगी।
मोतियाबिंद अभियान एक नजर में
- अप्रैल से 24 जून 2026 तक 93 सफल ऑपरेशन
- जिले में कुल 872 मरीज चिन्हांकित
- दोनों आंखों से प्रभावित 268 मरीज, 47 का उपचार
- एक आंख से प्रभावित 604 मरीज, 46 का उपचार
- 779 मरीजों का उपचार अभी शेष
- गांव-गांव पहुंचकर की जा रही स्क्रीनिंग और जांच
- सभी मरीजों को निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराने का लक्ष्य
दृष्टि धुंधली होना, रात में कम दिखाई देना या आंखों में सफेदी जैसे लक्षण दिखें तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं। मोतियाबिंद का उपचार पूरी तरह संभव है और सरकारी अस्पतालों में इसकी निःशुल्क सुविधा उपलब्ध है।




