अबूझमाड़ में बाढ़ का सबसे बड़ा कहर: एक ही परिवार की दो मासूम बेटियों की मौत, गांवों में तबाही का मंजर
अबूझमाड़ में बाढ़ का सबसे बड़ा कहर: एक ही परिवार की दो मासूम बेटियों की मौत, गांवों में तबाही का मंजर

नारायणपुर, 31 जुलाई। अबूझमाड़ में आई विनाशकारी बाढ़ ने पहली बार इतनी भयावह तबाही की तस्वीर सामने रख दी है। लगातार कई दिनों तक हुई मूसलाधार बारिश के बाद अब संपर्क बहाल होने पर दुर्गम गांवों से दर्दनाक खबरें निकलकर सामने आने लगी हैं। मेटानार ग्राम पंचायत के आश्रित ब्रहबेड़ा और ढोंडरीबेड़ा गांवों में बाढ़ ने जनजीवन को पूरी तरह तहस-नहस कर दिया। इस आपदा में एक ही परिवार की दो मासूम बेटियों की मौत हो गई, कई घर धराशायी हो गए, पालतू पशु बह गए और पूरा गांव घंटों तक बाहरी दुनिया से कटा रहा।

सबसे मार्मिक घटना ब्रहबेड़ा गांव की है, जहां बुधवार देर रात अचानक आई बाढ़ ने हिचामी परिवार की खुशियां हमेशा के लिए छीन लीं।

पानी से बचने निकला परिवार… दीवार गिरी और उजड़ गया घर
ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार बुधवार रात अचानक ब्रहबेड़ा गांव में बाढ़ का पानी तेजी से भरने लगा। देखते ही देखते पानी हिचामी परिवार के घर में घुस गया। परिवार के मुखिया सोनुराम हिचामी पत्नी और बच्चों को लेकर किसी सुरक्षित स्थान पर जाने के लिए घर से बाहर निकल रहे थे।

इसी दौरान तेज बहाव और पानी के दबाव से मकान की दीवार अचानक भरभराकर गिर गई। दीवार के नीचे 3 वर्षीय रामशिला हिचामी दब गई। ग्रामीणों ने उसे निकालने की कोशिश की, लेकिन तब तक उसकी पानी में डूबने और मलबे में दबने से मौत हो चुकी थी।

पिता की गोद से छूटी 7 माह की बेटी, देखते ही देखते बह गई
एक ओर बड़ी बेटी की मौत का दर्द था, दूसरी ओर सोनुराम अपनी 7 माह की बेटी सिमरन हिचामी को सीने से लगाए तेज बहाव को चीरते हुए ऊंचे स्थान की ओर बढ़ रहे थे। लेकिन पानी का बहाव इतना तेज था कि सिमरन उनके हाथों से फिसल गई और उफनती धारा में बह गई।
परिजन और ग्रामीण पूरी रात उसकी तलाश करते रहे, लेकिन समाचार लिखे जाने तक उसका शव बरामद नहीं हो सका था।
इस दर्दनाक हादसे में एक ही परिवार की दो मासूम बेटियों की मौत से पूरा गांव शोक में डूब गया है।
रामशिला का शव मिला, पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया
ग्रामीणों की मदद से रामशिला हिचामी का शव बरामद कर जिला अस्पताल भेजा गया, जहां पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। वहीं सिमरन हिचामी की तलाश लगातार जारी है। प्रशासन और ग्रामीण नदी किनारे संभावित स्थानों पर खोजबीन कर रहे हैं।
गांवों में तबाही… घर उजड़े, मवेशी बहे, खेत तबाह
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार ढोंडरीबेड़ा में एक मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, जबकि ब्रहबेड़ा में लगभग 10 से 12 घर बाढ़ की चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हुए हैं। कई घरों की दीवारें गिर गईं, घरेलू सामान बह गया और खेतों में पानी भर जाने से फसलों को भी भारी नुकसान पहुंचा है।

ग्रामीणों ने बताया कि बाढ़ में कई पालतू पशु बह गए, जबकि अनेक पशुओं की मौत हो गई। सामने आई तस्वीरों में मृत पशु, कीचड़ से पटे घर, बिखरा घरेलू सामान और तबाह बस्तियां इस त्रासदी की गंभीरता को बयां कर रही हैं।
आंगनबाड़ी में आधी रात घुसा पानी
ढोंडरीबेड़ा स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में भी रात लगभग 12 बजे अचानक पानी घुस गया। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अपने छोटे बच्चे को लेकर किसी तरह बाहर निकलीं और सुरक्षित स्थान पर पहुंचीं। यदि कुछ देर और होती तो बड़ा हादसा हो सकता था।

कई गांव अब भी संपर्क से बाहर
बाढ़ के कारण कदेर, ताहकाडोंड, इमलीपदर सहित कई गांवों का संपर्क अभी भी पूरी तरह बहाल नहीं हो सका है। प्रशासन को आशंका है कि इन क्षेत्रों में भी नुकसान हुआ हो सकता है, लेकिन सड़क और संचार व्यवस्था बाधित होने के कारण वास्तविक स्थिति सामने नहीं आ सकी है।
राहत कार्य में सबसे बड़ी चुनौती— दुर्गम अबूझमाड़ तक पहुंचना
उफनती नदियों और टूटे संपर्क मार्गों के कारण राहत एवं बचाव दलों को प्रभावित गांवों तक पहुंचने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन नुकसान का आकलन कर राहत सामग्री पहुंचाने की तैयारी में जुटा है।

तस्वीरों ने बयां की तबाही
- एक ही परिवार की दो मासूम बेटियों की दर्दनाक मौत।
- बाढ़ में गिरे मकान, कीचड़ में दबा घरेलू सामान।
- मृत पालतू पशु और बहकर आए मलबे के ढेर।
- खेत, बाड़े और आंगन पूरी तरह जलमग्न।
- कई गांव अब भी सड़क और संचार संपर्क से बाहर।
एक नजर में
- ब्रहबेड़ा में एक ही परिवार की दो बच्चियों की मौत।
- 3 वर्षीय रामशिला की दीवार गिरने और डूबने से मौत।
- 7 माह की सिमरन पिता के हाथों से छूटकर बाढ़ में बही, शव की तलाश जारी।
- 10–12 घरों को भारी नुकसान, कई पालतू पशु बहने की सूचना।
- ढोंडरीबेड़ा आंगनबाड़ी में आधी रात घुसा पानी।
- कई गांव अब भी संपर्क से बाहर, प्रशासन नुकसान का आकलन कर रहा है।
संपादकीय टिप्पणी: यह समाचार क्षेत्र से प्राप्त प्रत्यक्ष जानकारी, स्थानीय ग्रामीणों से मिली सूचनाओं और उपलब्ध दृश्य सामग्री पर आधारित है। यदि जिला प्रशासन द्वारा आधिकारिक मृत्यु, क्षति या राहत संबंधी अद्यतन जारी किया जाता है, तो उसे समाचार में शामिल कर तथ्यात्मक रूप से अद्यतन किया जाना चाहिए।




