मानसून मेहरबान: दो महीने में ही 981 मिमी बारिश, नारायणपुर ने छुआ सालाना वर्षा का 68% आंकड़ा
छोटेडोंगर में सबसे ज्यादा 60.40 मिमी बारिश, लगातार बरसात के बीच कलेक्टर नम्रता जैन ने अधिकारियों को किया अलर्ट; वर्षा मापी यंत्र दुरुस्त रखने और आंकड़ों के नियमित संधारण के निर्देश

नारायणपुर। जिले में मानसून पूरे शबाब पर है। लगातार हो रही बारिश से नदी-नाले उफान पर हैं और जनजीवन भी प्रभावित होने लगा है। इसी बीच राहत देने वाली बात यह है कि महज दो माह में ही जिले में 980.82 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की जा चुकी है, जो जिले की 1440.8 मिलीमीटर औसत वार्षिक वर्षा का लगभग 68 प्रतिशत है। बारिश के मौजूदा हालात को देखते हुए कलेक्टर नम्रता जैन ने सभी अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) और तहसीलदारों को पूरी सतर्कता बरतने के निर्देश जारी किए हैं।
कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी वर्षा मापी यंत्र पूरी तरह कार्यशील रहें तथा प्रतिदिन वर्षा के आंकड़ों का सही और नियमित संधारण किया जाए। साथ ही बारिश से उत्पन्न संभावित बाढ़, जलभराव और अन्य आपात स्थितियों पर लगातार निगरानी रखने को कहा गया है, ताकि किसी भी स्थिति में त्वरित कार्रवाई की जा सके।
छोटेडोंगर में सबसे ज्यादा बारिश
अधीक्षक भू-अभिलेख कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार 31 जुलाई को जिले की विभिन्न तहसीलों में वर्षा का अलग-अलग स्तर दर्ज किया गया। सबसे अधिक बारिश छोटेडोंगर में 60.40 मिलीमीटर रिकॉर्ड की गई। वहीं ओरछा में 40 मिलीमीटर, नारायणपुर तहसील में 7.34 मिलीमीटर तथा कोहकामेटा में 3.70 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई।
लगातार बारिश के कारण कई क्षेत्रों में नदी-नाले उफान पर हैं और ग्रामीण इलाकों में आवागमन प्रभावित हो रहा है। प्रशासन ने सभी मैदानी अमले को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं।
दो माह में ही वर्षा का बड़ा आंकड़ा
विभागीय आंकड़ों के अनुसार जिले की औसत वार्षिक वर्षा 1440.8 मिलीमीटर है, जबकि 1 जून से 31 जुलाई 2026 तक 980.82 मिलीमीटर औसत वर्षा रिकॉर्ड हो चुकी है। यानी मानसून अभी अपने मध्य चरण में ही है और जिले में सामान्य से अच्छी वर्षा का संकेत मिल रहा है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार आगामी दिनों में भी बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।
प्रशासन ने बरती सतर्कता
बारिश की तीव्रता को देखते हुए प्रशासन ने राजस्व, आपदा प्रबंधन और मैदानी अमले को संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। जलभराव, बाढ़ और सड़क संपर्क बाधित होने जैसी परिस्थितियों में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया है।
एक नजर में
- 1 जून से 31 जुलाई तक औसत वर्षा: 980.82 मिमी
- जिले की औसत वार्षिक वर्षा: 1440.8 मिमी
- 31 जुलाई को सबसे अधिक वर्षा: छोटेडोंगर – 60.40 मिमी
- ओरछा: 40.00 मिमी
- नारायणपुर: 7.34 मिमी
- कोहकामेटा: 3.70 मिमी
- कलेक्टर ने सभी एसडीएम और तहसीलदारों को सतर्क रहने के दिए निर्देश




