
ज्ञान से खेत तक… खेत से विकास तक
लिंगो मुदियाल महाविद्यालय में दीक्षारंभ का आगाज
नवप्रवेशित कृषि विद्यार्थियों को शिक्षा, नवाचार, अनुशासन और किसान सेवा का संदेश
नारायणपुर। लिंगो मुदियाल महाविद्यालय कृषि एवं अनुसंधान केंद्र, केरपाल में नवप्रवेशित कृषि विद्यार्थियों के लिए दीक्षारंभ कार्यक्रम का शुभारंभ उत्साहपूर्ण वातावरण में हुआ। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को महाविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, पाठ्यक्रम, व्यावहारिक प्रशिक्षण, सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों और कृषि क्षेत्र में उपलब्ध करियर एवं रोजगार के अवसरों से परिचित कराया गया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय की अधिष्ठाता डॉ. रत्ना नशीने ने की। मुख्य अतिथि श्रीमती मोनिका ठाकुर, उप संचालक कृषि (डीडीए), नारायणपुर रहीं। विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. दिव्येंदु दास, वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख, कृषि विज्ञान केंद्र नारायणपुर, श्री भोयर, सहायक संचालक कृषि तथा श्री नरेंद्र कुमार, सहायक प्राध्यापक, शस्य विज्ञान उपस्थित रहे।

कक्षा से आगे खेत तक पहुंचेगा ज्ञान
अधिष्ठाता डॉ. रत्ना नशीने ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए कहा कि कृषि शिक्षा केवल कक्षा और पुस्तकों तक सीमित नहीं है। इसका सीधा संबंध किसान, गांव और समाज के विकास से है। उन्होंने विद्यार्थियों को अनुशासन, वैज्ञानिक दृष्टिकोण, व्यावहारिक ज्ञान और सामाजिक जिम्मेदारी को जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थी अपनी शिक्षा और तकनीकी दक्षता का उपयोग किसानों की समस्याओं के समाधान के साथ ग्रामीण एवं जनजातीय क्षेत्रों के विकास में करें।
कृषि को रोजगार के साथ उद्यमिता से जोड़ें
मुख्य अतिथि श्रीमती मोनिका ठाकुर ने विद्यार्थियों को कृषि विभाग की गतिविधियों और किसानों के हित में संचालित योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने तथा कृषि को रोजगार, उद्यमिता और नवाचार के क्षेत्र के रूप में देखने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि युवा कृषि स्नातक किसानों और कृषि विभाग के बीच महत्वपूर्ण कड़ी बनकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में योगदान दे सकते हैं।
अनुसंधान का लाभ खेत तक पहुंचाने पर जोर
कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. दिव्येंदु दास ने विद्यार्थियों को केंद्र की गतिविधियों और किसानों तक वैज्ञानिक तकनीकों के प्रसार की जानकारी दी। उन्होंने अनुसंधान एवं तकनीकी ज्ञान को खेत तक पहुंचाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए विद्यार्थियों से ग्रामीण क्षेत्रों और किसानों के साथ निरंतर संवाद रखने तथा व्यावहारिक अनुभव हासिल करने की अपील की।
समस्याओं को समझें, समाधान का दृष्टिकोण विकसित करें
सहायक संचालक कृषि श्री भोयर ने विद्यार्थियों को कृषि विभाग की कार्यप्रणाली और किसानों के लिए संचालित योजनाओं से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र की वास्तविक समस्याओं को समझकर समाधान आधारित दृष्टिकोण विकसित करना जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों को परिश्रम, लगन और तकनीकी दक्षता के साथ आगे बढ़ने की शुभकामनाएं दीं।
वैज्ञानिक खेती और मृदा स्वास्थ्य पर फोकस
सहायक प्राध्यापक शस्य विज्ञान श्री नरेंद्र कुमार ने वैज्ञानिक फसल उत्पादन, मृदा स्वास्थ्य, संतुलित पोषण और टिकाऊ कृषि पद्धतियों के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने विद्यार्थियों को नियमित अध्ययन के साथ प्रायोगिक प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी। नई तकनीकों और नवाचारों के माध्यम से उत्पादन बढ़ाने तथा किसानों की आय में सुधार की दिशा में काम करने का संदेश दिया।
नए विद्यार्थियों को मिली महाविद्यालय की कार्यप्रणाली की जानकारी
दीक्षारंभ के दौरान नवप्रवेशित विद्यार्थियों को महाविद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों, अनुशासन, पाठ्यक्रम, व्यावहारिक प्रशिक्षण, सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों और कृषि क्षेत्र में करियर की संभावनाओं की जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को ग्रामीण एवं कृषक समुदाय के विकास में अपनी भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम में “ज्ञान से खेत तक और खेत से विकास तक” की भावना को केंद्र में रखते हुए कृषि शिक्षा को किसान और ग्रामीण विकास से जोड़ने का संदेश दिया गया।
सोमा बंचोर ने जताया आभार, होमेंद्र सिवाना ने संभाला मंच
कार्यक्रम के अंत में सुश्री सोमा बंचोर ने आभार प्रदर्शन करते हुए अतिथियों, अधिष्ठाता, प्राध्यापकों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों का धन्यवाद ज्ञापित किया। वहीं कार्यक्रम का प्रभावी मंच संचालन श्री होमेंद्र सिवाना, सहायक प्राध्यापक, कृषि अर्थशास्त्र ने किया।
दीक्षारंभ कार्यक्रम ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों में कृषि शिक्षा के प्रति उत्साह और सकारात्मक दृष्टिकोण का संचार किया। कार्यक्रम का समापन कृषि, किसान और ग्रामीण विकास में सक्रिय भागीदारी के संकल्प के साथ हुआ।



