धर्मांतरण की शिकायत और जमीन पर कब्जे के आरोप लेकर करलखा के ग्रामीण पहुंचे जिला मुख्यालय
ट्रैक्टरों में सवार होकर पहुंचे सैकड़ों ग्रामीण, कलेक्टर और एसपी को सौंपे ज्ञापन; अधिकारियों ने कहा- तथ्यों के आधार पर होगी कार्रवाई

नारायणपुर। ग्राम पंचायत करलखा के सैकड़ों ग्रामीण सोमवार को दो अलग-अलग शिकायतों को लेकर जिला मुख्यालय पहुंचे। ग्रामीणों ने गांव में कथित धर्मांतरण गतिविधियों और भूमि पर कथित अवैध कब्जे का मामला उठाते हुए कलेक्टर नम्रता जैन तथा पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार पटेल को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने दोनों मामलों में जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की मांग की।


प्रार्थना सभा की अनुमति को लेकर आपत्ति
ग्रामीणों ने कलेक्टर को दिए ज्ञापन में आरोप लगाया कि करलखा में एक व्यक्ति द्वारा बिना पंचायत एवं ग्राम सभा की अनुमति के प्रार्थना सभा आयोजित की जा रही है। ग्रामीणों ने संबंधित गतिविधियों को लेकर आपत्ति जताते हुए मामले की जांच की मांग की। ज्ञापन में करलखा को पांचवीं अनुसूची क्षेत्र बताते हुए पेसा कानून के तहत ग्राम सभा की भूमिका का भी उल्लेख किया गया है।

ग्रामीणों के अनुसार गांव में इस तरह की गतिविधियों को लेकर पूर्व में भी आपत्ति जताई गई थी। कलेक्टर से मुलाकात के बाद ग्रामीण पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे और लिखित शिकायत सौंपकर संबंधित मामले की जांच एवं आवश्यक कार्रवाई की मांग की।
एसपी ने दिया कार्रवाई का भरोसा
पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार पटेल ने ग्रामीणों की बात सुनी। पुलिस प्रशासन की ओर से ग्रामीणों को भरोसा दिलाया गया कि भविष्य में किसी प्रकार की संदिग्ध अथवा कानून-विरुद्ध गतिविधि की जानकारी मिलने पर तत्काल पुलिस को सूचित करें। शिकायतों और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
करीब 6 डिसमिल जमीन पर कब्जे का आरोप
ग्रामीणों ने करलखा गांव की भूमि पर कथित अवैध कब्जे का मामला भी प्रशासन के समक्ष रखा। ज्ञापन में करीब 6 डिसमिल भूमि पर कथित कब्जे का आरोप लगाते हुए कब्जा हटाने की मांग की गई। ग्रामीणों का कहना है कि इस संबंध में पूर्व में भी प्रशासन को अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक कार्रवाई नहीं हुई।
कलेक्टर से मुलाकात के बाद ग्रामीण सरपंच एवं उपसरपंच के साथ तहसील कार्यालय पहुंचे और तहसीलदार के समक्ष प्रकरण रखा। तहसीलदार ने ग्रामीणों को बताया कि संबंधित मामला वर्तमान में न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है और नियमानुसार सुनवाई चल रही है। उन्होंने कहा कि जांच एवं न्यायिक प्रक्रिया में अवैध कब्जा प्रमाणित होने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
आश्वासन के बाद लौटे ग्रामीण
दोनों मामलों में अधिकारियों से चर्चा के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच और नियमानुसार कार्रवाई की मांग दोहराई। अधिकारियों से मिले आश्वासन के बाद ग्रामीण संतुष्ट नजर आए।