Uncategorized

बजट खर्च नहीं, धरातल पर दिखने वाले परिणाम होंगे वन विभाग की सफलता का आधार

वन संरक्षण और कार्यों की गुणवत्ता से समझौता नहीं; अवैध कटाई पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश

रायपुर, 7 सितंबर। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि वन विभाग की सफलता केवल बजट खर्च करने से नहीं, बल्कि वन संरक्षण, कार्यों की गुणवत्ता, पारदर्शिता और धरातल पर दिखाई देने वाले परिणामों से तय होगी। उन्होंने अधिकारियों को टीम भावना और जवाबदेही के साथ काम करने तथा कार्यों की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए।

वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के समापन अवसर पर मंत्री ने कहा कि बजट व्यय के साथ यह भी देखा जाएगा कि खर्च की गई राशि से वन संरक्षण, वृक्षारोपण, वनवासियों की आजीविका और विभागीय योजनाओं में कितने ठोस परिणाम मिले। भविष्य में बजट व्यय को अधिकारियों के वार्षिक प्रदर्शन मूल्यांकन से भी जोड़ा जाएगा।

फील्ड में बढ़ेगी अधिकारियों की मौजूदगी

मंत्री ने कहा कि वन प्रबंधन समुदाय आधारित व्यवस्था है। वनाश्रित समुदायों को वनोपज का वास्तविक और उचित मूल्य दिलाना विभाग की जिम्मेदारी है। अधिकारियों को अधिक से अधिक फील्ड भ्रमण कर जमीनी स्थिति की जानकारी लेने के निर्देश दिए गए। विभागीय और निविदा से होने वाले कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष निगरानी रखने को कहा गया।

खरीद में पारदर्शिता, अनियमितता पर रोक

उन्होंने खरीद प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बरतने के निर्देश दिए। बाजार दर से अत्यधिक कम कीमत पर खरीदी गई सामग्री की गुणवत्ता की जांच करने तथा किसी भी तरह के वित्तीय समायोजन या अनियमित प्रक्रिया को स्वीकार नहीं करने की बात कही।

अवैध कटाई की सूचना सबसे पहले विभाग को मिले

वन संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कश्यप ने कहा कि अवैध वृक्ष कटाई किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं होगी। विभाग का सूचना तंत्र इतना मजबूत होना चाहिए कि जंगल में होने वाली अवैध गतिविधि की जानकारी सबसे पहले विभाग को मिले। सूचना मिलते ही जिम्मेदार लोगों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

टाइगर रिजर्व में सफारी की तैयारी

नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सामान्य स्थिति लौटने के साथ ईको-टूरिज्म की संभावनाओं को देखते हुए मंत्री ने प्रकृति के अनुरूप पर्यटन विकसित करने पर जोर दिया। अचानकमार और इंद्रावती टाइगर रिजर्व में सफारी संचालन शुरू करने की दिशा में आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए गए।

कांकेर में भालुओं के पुनर्वास की बनेगी कार्ययोजना

वन्यजीव संरक्षण की समीक्षा के दौरान अवैध शिकार और वन्यजीव तस्करी पर प्रभावी नियंत्रण के निर्देश दिए गए। कांकेर क्षेत्र में भालुओं के सुरक्षित पुनर्वास एवं रिलोकेशन के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने तथा सभी जिलों में वन्यजीवों के त्वरित बचाव के लिए आवश्यक रेस्क्यू उपकरण उपलब्ध कराने को कहा गया।

मंत्री ने कहा कि वन और वन्यजीव प्रदेश की अमूल्य प्राकृतिक धरोहर हैं। इनके संरक्षण के साथ वनवासियों की आजीविका, पारदर्शिता और कार्यों की गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए, ताकि विभागीय योजनाओं का असर धरातल पर स्पष्ट दिखाई दे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button