कारगिल के अमर वीरों को नमन, नारायणपुर में गूंजा— ‘शहीदों का बलिदान राष्ट्र की सबसे बड़ी प्रेरणा’
कारगिल विजय दिवस पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन • पूर्व सैनिक, पुलिस जवान, महिलाओं और नागरिकों ने शहीदों को दी भावभीनी श्रद्धांजलि • युवाओं से शौर्य, अनुशासन और राष्ट्रसेवा का संकल्प लेने का आह्वान

नारायणपुर। कारगिल विजय दिवस के अवसर पर रविवार को नारायणपुर में कारगिल युद्ध के अमर शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। श्रद्धांजलि सभा का आयोजन सेल्यूट तिरंगा के अध्यक्ष एवं जिला रेड क्रॉस अधिकारी नरेंद्र मेश्राम के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में पूर्व सैनिकों, पुलिस जवानों, गणमान्य नागरिकों, महिलाओं तथा युवाओं ने उपस्थित होकर मातृभूमि की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सैनिकों को नमन किया।


सभा में वक्ताओं ने कहा कि कारगिल के अमर वीरों का शौर्य, साहस और सर्वोच्च बलिदान राष्ट्र के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा। देश की सीमाओं की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्योछावर करने वाले सैनिकों का त्याग कभी भुलाया नहीं जा सकता। उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर शहीदों के प्रति अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
60 दिन के संघर्ष के बाद मिली थी ऐतिहासिक विजय
वक्ताओं ने कहा कि वर्ष 1999 में भारत और पाकिस्तान के बीच लड़ा गया कारगिल युद्ध लगभग 60 दिनों तक चला था। 26 जुलाई को भारतीय सेना ने अदम्य साहस और पराक्रम का परिचय देते हुए विजय प्राप्त की थी। इसी ऐतिहासिक जीत की स्मृति में प्रत्येक वर्ष 26 जुलाई को पूरे देश में कारगिल विजय दिवस मनाया जाता है।
युवाओं के लिए प्रेरणा है कारगिल
श्रद्धांजलि सभा में कहा गया कि कारगिल विजय दिवस केवल इतिहास का एक अध्याय नहीं, बल्कि देश के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। कारगिल युद्ध हमें साहस, अनुशासन, ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रभक्ति का संदेश देता है। विपरीत परिस्थितियों में भी भारतीय सैनिकों ने अदम्य साहस का परिचय देकर यह सिद्ध किया कि मजबूत इरादों के सामने कोई भी चुनौती बड़ी नहीं होती।
शहीदों के बलिदान को किया याद
कार्यक्रम में वक्ताओं ने माँ भारती की रक्षा में अपने प्राण न्योछावर करने वाले सभी वीर सैनिकों को शत-शत नमन करते हुए कहा कि राष्ट्र उनकी वीरता और बलिदान का सदैव ऋणी रहेगा। उन्होंने युवाओं से देशभक्ति की भावना को जीवन का हिस्सा बनाने और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
ये रहे उपस्थित
श्रद्धांजलि सभा में आर्मी के सेवानिवृत्त जवान, पुलिस अधिकारी एवं जवान, मीडिया के साथी, समाज के गणमान्य नागरिक, महिलाएं तथा बड़ी संख्या में युवा उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में कारगिल के अमर शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए राष्ट्र की एकता, अखंडता और सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।




